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भ्रष्टाचार में दोषी पूर्व DGP को सजा पर राहत के बाद अब चाहिए विदेश जाने की अनुमति, हाईकोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब

Kerala High Court: केरल हाई कोर्ट ने पूर्व डीजीपी टॉमिन थाचनकारी की विदेश यात्रा की अनुमति वाली याचिका पर अभियोजन पक्ष से आपत्ति मांगी है। इस मामले में अगली सुनवाई 2 नवंबर को होगी।
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Updated: 24 Oct 2026, 3:24 PM IST
Kerala High Court on ex-DGP Tomin Thachankary case
केरल हाईकोर्ट (फोटो-IANS)

Kerala News: केरल के पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) टॉमिन थाचनकारी के पास आय से अधिक संपत्ति मिलने वाले मामले में सजा निलंबन के बाद अब एक और राहत मिल सकती है। दरअसरल, पूर्व डीजीपी ने केरल हाई कोर्ट में सजा की रोक लगाने के दौरान कोर्ट द्वारा लगाई जाने वाली शर्तों में संशोधन की मांग वाली याचिका दायर की थी। इस याचिका पर कोर्ट ने अब अभियोजन पक्ष से जवाब मांगा है और उससे आपत्तियां दर्ज करने के लिए कहा है।

विदेश जाने की अनुमित मांगी

15 अक्टूबर, 2026 को केरल हाई कोर्ट ने पूर्व डीजीपी की को जमानत दे दी थी और आय से अधिक संपत्ति के मामले में सुनाई गई चार साल की जेल की सजा पर रोक लगा दी थी। इस सजा निलंबन के बाद कोर्ट ने उन पर कई तरह की शर्त लगाई थी। इनमें से एक विदेश यात्रा पर रोक लगाई गई थी।

इसी सिलसिले में थाचनकारी ने अपने काम पर लौटने के लिए विदेश यात्रा करने की अनुमति मांगी है। जस्टिस ए. बदरुद्दीन ने मामले की अगली सुनवाई 2 नवंबर तय की है। साथ ही अभियोजन पक्ष से याचिका पर अपनी आपत्तियां दाखिल करने को कहा है।

क्या है पूरा मामला?

यह पूरा मामला आय से ज्यादा संपत्ति अर्जित करने का है। सबसे पहले सतर्कता एवं भ्रष्टाचार-विरोधी ब्यूरो (VACB) द्वारा साल 2003 से लेकर 2007 तक के बीच अर्जित संपत्तियों पर केंद्रित था। इनके मामले में इनकी वास्तविक आय, ज्ञात आय के स्त्रोतों की तुलना में करीब 52 फीसदी से लेकर 135 फीसदी तक अधिक पाई गई। यह जांच मूल रूप से अलाप्पुझा के कुरुविला परिवार द्वारा लंबे समय से चल रही कानूनी लड़ाई के बाद शुरू की गई थी। जांच 2013 में पूरी हुई और त्रिशूर विजिलेंस कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की गई।

पूर्व डीजीपी की दलील

17 सितंबर, 2026 को कोट्टायम विजिलेंस कोर्ट ने उनको चार साल के कठोर कारावास और 30.84 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया था। कोर्ट ने उनके तर्क को खारिज करते हुए प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट की धारा 13(2) के तहत दोषी ठहराया। इस मामले में पूर्व डीजीपी का कहना था कि यह विवादित संपत्ति उनकी मां द्वारा उन्हें ट्रांसफर की गई थी। उन्होंने हाई कोर्ट में यह दलील भी दी कि विजिलेंस कोर्ट ने इस बात पर विचार नहीं किया।

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24 Oct 2026, 3:24 PM IST
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