
Kolkata Stampede: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के मशहूर चोरबागन दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ में 19 लोगों की मौत के बाद कोलकाता पुलिस ने कानूनी कार्रवाई की हैं। पुलिस ने मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए गिरीश पार्क पुलिस स्टेशन में पूजा समिति के आयोजकों और अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इसमें गैर इरादतन हत्या सहित कई गंभीर आपराधिक धाराएं लगाई गई हैं। पुलिस ने पूछताछ के लिए 14 लोगों को हिरासत में भी लिया है।
कोलकाता पुलिस द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, गिरीश पार्क पुलिस स्टेशन में आयोजकों और अन्य लोगों के खिलाफ दर्ज FIR में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराएं शामिल हैं। आरोपियों पर गैर-इरादतन हत्या की धारा 105 , गैर-इरादतन हत्या का प्रयास की धारा 110 और साझा इरादे से कई लोगों द्वारा किए गए आपराधिक कृत्य से संबंधित प्रावधान की धारा 3(5) लगाई गई हैं।
जांच के सिलसिले में पुलिस ने 14 लोगों को हिरासत में लिया है। जिनसे पुलिस टीम पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि बारिश के दौरान सुरक्षा गेटों पर तैनात कर्मचारियों ने भीड़ को अंदर आने से रोकने के लिए क्या कदम उठाए थे।
भगदड़ के बाद आम जनता और विभिन्न संगठनों द्वारा बड़े पैमाने पर विरोध-प्रदर्शन, रैलियां और सभाओं के इनपुट मिलने पर प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। कानून व्यवस्था बनाए रखने और जन सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कोलकाता पुलिस कमिश्नर और कार्यकारी मजिस्ट्रेट अजय नंद ने बोबजार पुलिस थाना क्षेत्र में 18 अक्टूबर से 20 अक्टूबर 2026 तक यानी तीन दिनों के लिए धारा 163 लागू करने का आदेश जारी किया है।
कमिश्नर द्वारा जारी आदेश (संख्या 397/RPT) के अनुसार, किसी भी अप्रिय घटना, जान-माल के नुकसान या शांति भंग होने से रोकने के लिए इन प्रतिबंधात्मक उपायों को तत्काल प्रभाव से लागू करना आवश्यक समझा गया है।
जारी किए गए निषेधाज्ञा आदेश के तहत प्रभावित क्षेत्र में पांच या उससे अधिक लोगों के इकट्ठा होने और साथ ही रैलियां, जुलूस, सभाएं या धरने आयोजित करने पर पूरी तरह से रोक है। इसके अलावा, लाठियां या खतरनाक हथियार साथ रखना या ऐसी कोई भी गतिविधि करना जिससे सार्वजनिक शांति और सौहार्द बिगड़ सकता हो, पूरी तरह से वर्जित है।