
Voter List Controversy: मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग के बीच CPI(M) महासचिव एमए बेबी ने उन पर लोकतांत्रिक चुनाव प्रक्रिया को कमजोर करने का आरोप लगाया है। बेबी ने कहा कि अब ज्ञानेश कुमार इस मामले से बच नहीं सकते। उन्हें पद छोड़ना होगा और उनके खिलाफ मुकदमा भी चलाया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी प्रक्रिया को कमजोर करने की कोशिश करते हुए वे पकड़े गए हैं।
इसके अलावा मुख्य चुनाव आयुक्त को मिले कानूनी संरक्षण पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें ऐसा संरक्षण मिला है, जो राष्ट्रपति को भी नहीं मिलता। उन्होंने इस संरक्षण को खत्म करने के लिए कानून में बदलाव की मांग की और इसे असाधारण स्थिति बताया।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान एमए बेबी ने मांग की कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लोगों के वोट काटने की आपराधिक गतिविधि के लिए गिरफ्तार किया जाना चाहिए। उन्होंने मतदाता सूची में नाम हटाने की प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठाए।
प्रदर्शन के दौरान एमए बेबी ने कहा कि लाठी, बैरिकेड और पैलेट गन के इस्तेमाल से आंदोलन को नहीं रोका जा सकता। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का जिक्र करते हुए कहा कि वे और ज्ञानेश कुमार ज्यादा समय तक इस स्थिति में नहीं रह पाएंगे।
एमए बेबी पहले भी ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने, SIR प्रक्रिया रोकने और जरूरत पड़ने पर उनके खिलाफ महाभियोग की कार्रवाई करने की मांग कर चुके हैं। CPI(M) ने सितंबर में भी चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा था कि मतदाता सूची में बदलाव को लेकर उठे सवालों का जवाब मिलना चाहिए।
सितंबर में एमए बेबी ने संसद में ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग चलाने की मांग की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि SIR के जरिए करीब 13 करोड़ लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए और इससे उन लोगों के मतदान के अधिकार पर असर पड़ा, जो BJP को वोट नहीं देते। उन्होंने वामपंथी दलों के साथ मिलकर विरोध जारी रखने की बात भी कही थी।