
Pappu Yadav on Raghopur boat accident: बिहार के वैशाली जिले के राघोपुर दियारा इलाके में गंगा पार करते समय नाव पलटने से हुई मौतों पर पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने बिहार सरकार और विपक्ष पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार को अब आम लोगों की जिंदगी या मौत की कोई परवाह नहीं है और सत्ता में बैठे लोग माफिया, पैसे के खेल और आपसी कलह में उलझे हुए हैं। पप्पू यादव ने नाव हादसों को लेकर प्रशासन की जवाबदेही पर सवाल उठाए और कहा कि वह राघोपुर जाकर प्रभावित परिवारों की मदद करेंगे।
पप्पू यादव ने कहा, "सरकार को कोई मतलब है? नावें क्यों डूब रही हैं, इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? आप पदाधिकारियों को दंडित नहीं करते और सही समय पर नावों की व्यवस्था भी नहीं करते।" उन्होंने कहा कि सरकार की आंखों का पानी सूख चुका है और विपक्ष पूरी तरह निष्क्रिय हो चुका है। पप्पू यादव ने कहा कि कुछ लोग कह रहे हैं कि जनता ने 30 साल तक चोरों को वोट दिया और अब उन्हें नतीजे भुगतने होंगे। उन्होंने सवाल किया कि क्या आपदा और मौत के समय जनता को इस तरह ताने मारे जाने चाहिए। पप्पू यादव ने कहा कि सरकार लूट और माफिया राज को चलने देती है और जनता को अपने हाल पर छोड़ देती है।
बिहार में बार-बार आने वाली बाढ़ और नाव दुर्घटनाओं पर पप्पू यादव ने कहा कि इस साल राज्य में चार-पांच बार बाढ़ आ चुकी है। छपरा में करीब 50 लोगों की जान गई, भागलपुर में नाव पलटने से लोग मारे गए और रूपौली में दो लोगों की मौत हुई। फिर भी, सरकार ने अब तक पीड़ितों के लिए पर्याप्त मुआवजेका ऐलान नहीं किया है।
पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि प्रशासन समय पर नदी पार करने के लिए सुरक्षित नावें उपलब्ध कराने में नाकाम रहता है और लापरवाह अधिकारियों को सजा नहीं देता। त्योहारों के मौसम में भागलपुर पुल के बंद होने से कोसी, सीमांचल, खगड़िया और बांका इलाकों के लोगों को भारी परेशानी हो रही है, इन इलाकों में कम से कम 30 बड़ी नावों के संचालन की जरूरत है।
पप्पू यादव ने कहा कि बूढ़ी गंडक, नारायणी और त्रिशूली नदियों के उफान से गरीबों की बस्तियां पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं। सरकार द्वारा घोषित की गई 7000 रुपये की मुआवजा राशि भी पीड़ित परिवारों तक नहीं पहुंच रही है और ग्रामीण दहशत में जी रहे हैं। उन्होंने बताया कि वह बाढ़ के पूरे संकट पर बारीकी से नजर रख रहे हैं और जहां भी जरूरत होगी, प्रभावित परिवारों से मिलकर सीधे मदद पहुंचाएंगे।