
पश्चिम बंगाल के मंत्री दिलीप घोष (फोटो- ANI)
Mamata Banerjee alleged attack: पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास के बाहर चाकू से हमले की कथित कोशिश के बाद सियासी बयानबाजी हो गई है। तृणमूल कांग्रेस की ओर से कोलकाता पुलिस में दर्ज कराई गई औपचारिक शिकायत के बाद पश्चिम बंगाल सरकार के मंत्री दिलीप घोष ने पूर्व मुख्यमंत्री पर निशाना साधा है। ममता बनर्जी पर तंज कसते हुए घोष ने कहा कि किसी को नहीं पता कि उन पर कब, कहां या कैसे हमला होता है। कभी वह घर पर गिर जाती हैं, तो कभी दावा करती हैं कि उन्हें धक्का दिया गया। घोष ने कहा कि ममता बनर्जी को आराम करना चाहिए और यह समझने की कोशिश करनी चाहिए कि जनता असल में क्या चाहती है।
दरअसल, टीएमसी सांसद डोला सेन ने कोलकाता पुलिस के पास शिकायत दर्ज कर लगाया गया कि कालीघाट स्थित ममता बनर्जी के आवास के बाहर एक अज्ञात महिला ने कथित तौर पर उन पर हमला करने की कोशिश की। टीएमसी का दावा है कि महिला नशे की हालत में थी और उसने हिंसक तरीके से पूर्व मुख्यमंत्री के करीब पहुंचने की कोशिश की। पार्टी ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
TMC के आरोपों का जवाब देते हुए दिलीप घोष ने कहा कि ममता बनर्जी बार-बार वही कहानी दोहराती हैं, जबकि जनता सच्चाई से अच्छी तरह वाकिफ है। उन्होंने कहा कि कभी वह घर पर गिरने पर धक्का दिए जाने का दावा करती हैं, तो कभी चोट लगने की बात कहती हैं, लेकिन हकीकत क्या है यह किसी को समझ नहीं आता।
दिलीप घोष ने कहा कि ममता बनर्जी को तो यह भी समझ नहीं आ रहा है कि वे चुनाव क्यों हार गईं। उन्होंने सलाह देते हुए कहा कि ऐसी स्थिति में उन्हें सार्वजनिक बयानों के बजाय कुछ समय आराम करना चाहिए और इस बात पर विचार करना चाहिए कि जनता उनसे क्या अपेक्षा रखती है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हालिया बयान का समर्थन करते हुए दिलीप घोष ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जीवन भर छात्र ही बने रहेंगे और उनकी सीख कभी भी जमीनी स्तर पर असल काम में नहीं बदलेंगे। उन्होंने राहुल गांधी के व्यवहार की तुलना तालिबान से करते हुए कहा कि वे हर दिन अपनी बातें बदलते हैं और जो मन में आता है बोल देते हैं।
विरोध प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी को हिरासत में लिए जाने पर तंज कसते हुए दिलीप घोष ने कहा कि राहुल गांधी बिना सोचे-समझे कहीं भी चढ़ जाते हैं जिससे उनके गिरने और चोट लगने का खतरा रहता है, इसलिए पुलिस ने उनकी अपनी सुरक्षा के लिए उन्हें हिरासत में लेकर अच्छा काम किया।
Updated on:
14 Oct 2026 09:59 am
Published on:
14 Oct 2026 09:56 am
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