
प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में अभिनेता प्रकाश राज ने कर्नाटक में मुस्लिम मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाए जाने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि फॉर्म-7 का इस्तेमाल मुस्लिम वोटरों के नाम हटाने के लिए किया जा रहा है। प्रकाश राज ने इसे ‘साइलेंट इरेजर’ यानी लोगों की आवाज को खामोशी से मिटाने की कोशिश करार दिया। उन्होंने कहा कि कर्नाटक के 23 जिलों के लोग अपनी बात रखने के लिए दिल्ली नहीं पहुंच पा रहे हैं।
इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके भी मौजूद थे। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने तिरंगा फहराने को कानून का उल्लंघन बताए जाने पर सवाल उठाते हुए पूछा कि आखिर यह कानून किसके लिए है? उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ज्ञानेश कुमार के बीच संबंधों को लेकर भी सवाल खड़े किए।
दीपके ने आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार को लेकर दिल्ली में बड़े स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि दिल्ली को ठप कर दिया गया है, रेलवे और मेट्रो सेवाएं बंद कर दी गई हैं और राजधानी को भारत-पाकिस्तान सीमा की तरह बना दिया गया है।
अभिजीत दीपके ने कहा कि दिल्ली में बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है। छात्र संगठनों और विपक्षी नेताओं को भी कार्रवाई का सामना करना पड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व मुख्यमंत्रियों तक को सड़कों पर घसीटा गया।
उन्होंने सवाल किया कि आखिर एक व्यक्ति, ज्ञानेश कुमार, के लिए इतनी बड़ी कार्रवाई क्यों की जा रही है? दीपके ने कहा कि लोगों के मन में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या ज्ञानेश कुमार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चुनाव जीतने में मदद कर रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा कि यदि ज्ञानेश कुमार चुनावों में प्रधानमंत्री मोदी की मदद नहीं कर रहे हैं, तो उन्हें इतनी सुरक्षा क्यों दी जा रही है?
इस दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली में विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों और युवाओं को घसीटकर ले जाया गया और उनके साथ शामिल हुए विपक्षी नेताओं को भी हिरासत में ले लिया गया।
दीपके ने कहा कि पिछले 10-15 दिनों से छात्र संगठन और दिल्ली के युवा सड़कों पर हैं, जिन्हें घसीटकर ले जाया जा रहा है। जब विपक्ष उनके साथ जुड़ा, तो उन्हें भी हिरासत में ले लिया गया - जिनमें विपक्ष के नेता राहुल गांधी और ममता बनर्जी, अरविंद केजरीवाल और पिनाराई विजयन जैसे नेता भी शामिल हैं।