
Congress Protest: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की ओर से मुख्य न्यायाधीश (CJI) से मुलाकात के लिए मांगे गए समय और सौंपे गए ज्ञापन को स्वीकार नहीं किए जाने के मुद्दे पर सियासत तेज हो गई है। इस पर अब विपक्ष के नेताओं की ओर से प्रतिक्रिया आना शुरू हो गया है। इस दौरान शिवसेना (UBT) के सांसद संजय राउत, कांग्रेस सांसद इमरान मसूद और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने अपनी प्रतिक्रिया दी।
शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने कहा कि INDIA गठबंधन सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से मिलने के लिए मार्च निकाल रहा है। उन्होंने कहा कि गठबंधन की ओर से मुलाकात के लिए समय मांगा गया था, लेकिन मुख्य न्यायाधीश ने नेताओं से मिलने से इनकार कर दिया।
राउत ने कहा कि मुख्य न्यायाधीश की भूमिका संविधान की रक्षा करने की है, लेकिन वह हमसे मिलना नहीं चाहते। जब हम वोटों की कथित चोरी, चुनावी धांधली और मतदाता सूची से लाखों लोगों के नाम हटाए जाने जैसे मुद्दों पर अपनी शिकायत रखने के लिए मिलना चाहते हैं, तो हमें कहा जाता है कि वह राजनेताओं से नहीं मिलेंगे। जनता इस बात को याद रखेगी।
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा कि इंडिया गठबंधन ने विरोध प्रदर्शन की योजना बनाई है और सभी नेता पार्टी के निर्देशों का पालन करेंगे। उन्होंने दावा किया कि यह आंदोलन स्वतःस्फूर्त रूप ले रहा है और लोग अपनी मर्जी से इसमें शामिल हो रहे हैं।
मसूद ने कहा कि हमने विरोध प्रदर्शन तय किया है। पार्टी जो भी निर्देश देगी, सभी उसका पालन करेंगे। लोग खुद सामने आ रहे हैं। हर जगह यह एक स्वतःस्फूर्त आंदोलन है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि INDIA गठबंधन का यह विरोध मार्च मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर है।
हुड्डा ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त के कामकाज में एक के बाद एक गड़बड़ियां सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में लोग विरोध प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे हैं और अब यह आंदोलन रुकने वाला नहीं है।
उन्होंने कहा कि यह विरोध प्रदर्शन INDIA गठबंधन ने बुलाया है। हमारी मांग मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा है। एक के बाद एक मामले सामने आए हैं, जिनसे उनके कामकाज में गड़बड़ियों का खुलासा हुआ है। बड़ी संख्या में लोग यहां आए हैं और वे अब रुकने वाले नहीं हैं। जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त इस्तीफा नहीं देते, विरोध जारी रहेगा।