
सुप्रीम कोर्ट परिसर में कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बाहर निकलने के दौरान कथित धक्का-मुक्की का मामला सामने आया है।
पत्रकार ऋचा पराशर ने आरोप लगाया है कि राहुल गांधी ने उन्हें खींचकर धक्का दिया, जिससे वह सीढ़ियों पर गिर गईं। ऋचा का कहना है कि इस घटना के बाद उन्हें अस्पताल ले जाना पड़ा। जांच के दौरान उन्होंने डॉक्टरों को अपनी गर्भावस्था के बारे में भी बताया।
इस घटना के बाद ऋचा पराशर का एक और बयान सामने आया है। ऋचा पराशर ने अपने साथ हुई घटना का जिक्र करते हुए राहुल गांधी पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि वह एक पत्रकार हैं और अपना काम कर रही थीं। उनका मकसद राहुल गांधी से कोई सवाल पूछना नहीं, बल्कि उनका बयान रिकॉर्ड करना था।
ऋचा पराशर ने बताया कि उन्होंने अपनी गर्भावस्था की जानकारी अब तक न तो अपने संस्थान को दी थी और न ही दूसरे लोगों को। वह NT/NB स्कैन के बाद इस बारे में बताना चाहती थीं।
उन्होंने कहा कि सीढ़ियों से गिरने के बाद पहले उन्हें अस्पताल ले जाया गया। पेट में हल्का दर्द होने की शिकायत के बाद उन्हें गंगाराम अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने गिरने के कारण चोट की जांच के लिए एक्स-रे कराने की सलाह दी थी।
ऋचा के मुताबिक, इसी दौरान उन्होंने एक नर्स को अपनी गर्भावस्था के बारे में बताया। नर्स ने डॉक्टर को इसकी जानकारी दी, जिसके बाद उनका एक्स-रे नहीं किया गया। इसके बजाय उन्हें अल्ट्रासाउंड के लिए भेजा गया। उन्होंने बताया कि बाद में उल्टी होने लगी, जिसके बाद डॉक्टरों ने उन्हें अस्पताल में भर्ती होने की सलाह दी।
ऋचा पराशर ने बताया कि घटना के समय वह सुप्रीम कोर्ट परिसर में मौजूद थीं। वहां दो गेट थे। राहुल गांधी जिस गेट से बाहर निकलने वाले थे, ऋचा उसी के पास खड़ी थीं। उन्हें उम्मीद थी कि राहुल गांधी के बयान को अपने माइक पर रिकॉर्ड करने का मौका मिलेगा।
उन्होंने बताया कि राहुल गांधी के बाहर आते ही वहां मौजूद लोग गेट के पास जुट गए। जब उन्होंने अपना माइक आगे बढ़ाया, तो कुछ लोगों ने इशारे से उसे हटाने को कहा। ऋचा ने माइक पीछे कर लिया, लेकिन उन्होंने देखा कि दूसरे मीडियाकर्मी अब भी अपने माइक और कैमरे के साथ वहां मौजूद थे।
इसके बाद उन्होंने दोबारा माइक आगे बढ़ाया। ऋचा ने कहा कि उन्होंने कोई सवाल नहीं पूछा था। वह सिर्फ राहुल गांधी का बयान रिकॉर्ड करना चाहती थीं। इसी दौरान राहुल गांधी आगे बढ़े और उनके कंधे को पकड़कर खींचा। इसके बाद उनके सुरक्षाकर्मियों ने भी उन्हें धक्का दिया।
ऋचा ने दावा किया कि उनके कैमरामैन को भी कोहनी मारी गई, जिससे वह नीचे गिर गया। उन्होंने खुद को बचाने के लिए आवाज लगाई, लेकिन वह सीढ़ियों पर गिर पड़ीं। इस दौरान उनके फोन की स्क्रीन भी टूट गई।
ऋचा ने कहा कि गिरने के बाद उन्होंने आवाज लगाकर बताया कि राहुल गांधी ने उन्हें धक्का दिया है। लेकिन वहां मौजूद कुछ लोग राहुल गांधी के समर्थन में नारे लगाने लगे, जिससे उनकी आवाज दब गई।
उन्होंने बताया कि घटना के बाद अपने वरिष्ठ अधिकारियों को फोन किया। अधिकारियों ने उन्हें भरोसा दिलाया कि उनके साथ जो हुआ, वह गलत था। उन्होंने ऋचा से अपना पक्ष सामने रखने के लिए वीडियो बनाने और उसे पोस्ट करने को कहा।
ऋचा पराशर ने उन लोगों पर भी नाराजगी जताई, जो उनकी गर्भावस्था का हवाला देकर भीड़ में जाने पर सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि गर्भवती होने का मतलब यह नहीं है कि वह अपना काम करना छोड़ दें।
उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके समर्थक ‘स्मैश पैट्रिआर्की’ यानी पितृसत्ता खत्म करने की बात करते हैं। ऋचा ने सवाल उठाया कि क्या महिलाओं के साथ इस तरह का व्यवहार करके पितृसत्ता खत्म की जाएगी? उन्होंने कहा कि इस घटना के बाद उनकी आवाज और मजबूत होगी, क्योंकि उन्हें लगता है कि देश के लोग उनके साथ खड़े हैं।