
Rahul Gandhi Visit Sultanpur: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी 26 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर स्थित विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट जाएंगे, क्योंकि उनके खिलाफ मानहानि के मामले में सोमवार को फैसला सुनाया जा सकता है। राहुल गांधी पर मानहानि का यह केस साल 2018 के कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान दिए गए एक बयान से जुड़ा है। उस समय अमित शाह भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे। राहुल गांधी पर आरोप है कि उन्होंने शाह को हत्या का आरोपी कहा था। सुल्तानपुर के भाजपा नेता विजय मिश्रा ने 4 अगस्त 2018 को इसी बयान के आधार पर मानहानि का मुकदमा दायर किया था।
राहुल गांधी पर भारतीय दंड संहिता की धारा 499 और 500 के तहत मामला दर्ज है। धारा 499 में मानहानि की परिभाषा दी गई है, यानी किसी के बारे में झूठी बातें फैलाना या ऐसी टिप्पणी करना जिससे उसकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचे। धारा 500 में इसके लिए सजा का प्रावधान है, जिसमें अधिकतम दो साल तक की जेल हो सकती है।
शिकायतकर्ता के वकील संतोष पांडेय के अनुसार, राहुल गांधी ने 8 मई 2018 को बेंगलुरु में प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। उसमें उन्होंने कहा था कि अमित शाह हत्या के आरोपी हैं और सुप्रीम कोर्ट ने लोया मामले में इसका उल्लेख किया है। इसलिए अमित शाह की कोई विश्वसनीयता नहीं है। उन्होंने यह भी कहा था कि जो पार्टी ईमानदारी की बात करती है, उसका अध्यक्ष खुद हत्या का आरोपी है।
विजय मिश्रा ने बताया था कि वे खुद भाजपा से जुड़े हैं, इसलिए इस बयान से उनकी भावनाएं आहत हुईं और समाज में उनकी भी मानहानि हुई। उन्होंने कोर्ट में रामचंद्र और अनिल मिश्रा को गवाह के रूप में पेश किया। सबूत के तौर पर यूट्यूब और दूसरी वेबसाइटों पर चले राहुल के बयान के वीडियो रखे गए। मिश्रा का कहना था कि गवाहों के बयान और इन सबूतों से राहुल को कोर्ट में तलब करने का पर्याप्त आधार बनता है।
इस केस के अलावा राहुल गांधी का एक चर्चित केस मोदी सरनेम को लेकर दिए बयान पर आधारित है। उस बयान में राहुल ने कहा था कि हर ठग का सरनेम मोदी क्यों होता है। इस केस में गुजरात की सेशन कोर्ट ने राहुल को दो साल की सजा दी थी। जिसके चलते उनकी सांसदी चली गई थी। हालांकि इस फैसले के खिलाफ राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी, जिसने सेशन कोर्ट के फैसले पर रोक लगा दी थी।