
Delhi Protest: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सोमवार को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision) के दौरान बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम हटाए जाने और कथित अनियमितताओं को लेकर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। राहुल गांधी ने इस मामले में याचिका दाखिल कर निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को अदालत के सामने उठाया है।
बता दें कि विपक्ष ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी उठाई है। विपक्षी दलों का आरोप है कि SIR के जरिए मतदाता सूची में गड़बड़ी की जा रही है। इसे विपक्ष ने ‘वोट चोरी’ से जोड़ते हुए चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। विपक्ष की मांग है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए और कथित अनियमितताओं की जांच हो। इस मुद्दे को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है।
बता दें कि इससे पहले कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सीजेआई सूर्यकांत से मिलने का समय मांगा था। इस दौरान राहुल गांधी एसआईआर के दौरान सामने आई कथित अनियमितताओं को लेकर एक ज्ञापन सौंपना चाहते थे। हालांकि, इसी मुद्दे से संबंधित मामले सुप्रीम कोर्ट में पहले से लंबित होने के कारण CJI ने उनसे मुलाकात करने से इनकार कर दिया। साथ ही, उन्होंने राहुल गांधी को इस विषय पर याचिका दाखिल करने की सलाह दी।
सुप्रीम कोर्ट में दाखिल PIL में 8 याचिकाकर्ताओं का नाम है। इनमें मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, सौगत रॉय, अखिलेश यादव, तेजस्वी प्रसाद यादव, संजय राउत, एम. ए. बेबी और डी. राजा शामिल हैं।
CJI की ओर से भेजे गए पत्र में बताया गया था कि इस मुद्दे से जुड़े अन्य मामलों पर मंगलवार, 13 अक्टूबर को सुनवाई निर्धारित है। राहुल गांधी या कांग्रेस नेताओं की ओर से दाखिल याचिका पर भी उन्हीं मामलों के साथ सुनवाई की जा सकती है।
बता दें कि इससे पहले विपक्षी नेताओं का सुप्रीम कोर्ट तक पैदल मार्च शुरू हो गया है। इस मार्च में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे समेत विपक्ष के नेता मौजूद है। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस सांसद चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा कि देश भर से लोग यहां आए हैं और दिल्ली ठप हो गई है। हम SIR और 'वोट की चोरी' के खिलाफ हैं। उन्होंने हरियाणा, असम और बिहार में इसी तरह वोटर लिस्ट में गड़बड़ी की और चुनाव में धांधली की। अब वे पंजाब में भी ऐसा ही करने की तैयारी कर रहे हैं। इसीलिए लोग सड़कों पर उतरे हैं, ताकि यह पक्का किया जा सके कि हमारे वोट न हटाए जाएं।