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Revanth Reddy US Visit: रेवंत रेड्डी को US जाने से रोका, भूपेंद्र पटेल को मिली मंजूरी; कांग्रेस ने उठाया ‘डबल स्टैंडर्ड’ का सवाल

Bhupendra Patel US Visit: अमेरिका यात्रा को लेकर तेलंगाना की राजनीति में बवाल बढ़ गया है। कांग्रेस का आरोप है कि एक मुख्यमंत्री को अमेरिका जाने की अनुमति मिली, जबकि दूसरे के दौरे पर रोक लगा दी गई। अब सवाल यह है कि विदेश यात्रा की मंजूरी के लिए केंद्र का पैमाना क्या है और रेवंत रेड्डी के कार्यक्रम में ऐसा क्या था, जिसे विदेश मंत्रालय ने उचित नहीं माना?
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Aug 23, 2026
Revanth Reddy US Trip Cancelled
Revanth Reddy US Trip Cancelled: रेवंत रेड्डी को US जाने से रोका, भूपेंद्र पटेल को हरी झंडी! कांग्रेस बोली- ये कैसा ‘डबल स्टैंडर्ड’? (फोटो सोर्स: @ians_india)

Revanth Reddy US Trip Cancelled: तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के प्रस्तावित अमेरिका दौरे को विदेश मंत्रालय से राजनीतिक मंजूरी नहीं मिलने के बाद केंद्र और कांग्रेस के बीच नया विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस के विदेश प्रकोष्ठ ने गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को अमेरिका यात्रा की अनुमति मिलने और रेवंत रेड्डी के दौरे पर रोक को लेकर सवाल उठाए हैं। मामला सिर्फ एक विदेशी दौरे का नहीं, बल्कि राज्यों के विकास, निवेश और शिक्षा से जुड़े अंतरराष्ट्रीय प्रयासों पर केंद्र-राज्य संबंधों की बहस तक पहुंच गया है।

Revanth Reddy US Trip Cancelled: कांग्रेस ने केंद्र पर साधा निशाना

इंडियन ओवरसीज कांग्रेस (IOC) ने रेवंत रेड्डी के अमेरिकी दौरे को मंजूरी नहीं मिलने पर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए इसे ‘डबल स्टैंडर्ड’ बताया है। कांग्रेस के विदेश प्रकोष्ठ का कहना है कि रेवंत रेड्डी का प्रस्तावित दौरा तेलंगाना में शिक्षा, रिसर्च, स्किल डेवलपमेंट और निवेश के नए अवसर तलाशने से जुड़ा था।

कांग्रेस के मुताबिक, ऐसे प्रयासों को दलगत राजनीति से ऊपर रखा जाना चाहिए, खासकर तब जब मामला युवाओं की शिक्षा और रोजगार से जुड़ा हो। इसी आधार पर पार्टी ने गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की अमेरिका यात्रा को मिली मंजूरी और तेलंगाना के मुख्यमंत्री के दौरे पर लगी रोक के बीच तुलना की है।

रेवंत रेड्डी का US दौरा क्यों हुआ रद्द?

रेवंत रेड्डी 10 दिन के ब्रिटेन और अमेरिका दौरे पर थे। उनके कार्यक्रम में पहले ब्रिटेन और उसके बाद अमेरिका जाने की योजना थी। लेकिन विदेश मंत्रालय से राजनीतिक मंजूरी नहीं मिलने के कारण अमेरिकी चरण रद्द करना पड़ा और उन्हें 23 अगस्त को लंदन से हैदराबाद लौटना पड़ा।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि मुख्यमंत्रियों और अन्य गणमान्य लोगों के विदेशी दौरों का राजनीतिक मंजूरी के लिए आकलन किया जाता है। मंत्रालय के अनुसार, प्रस्तावित कार्यक्रम संबंधित पद और यात्रा के उद्देश्य के अनुरूप होना चाहिए। रेवंत रेड्डी के अमेरिकी कार्यक्रम को इस कसौटी पर उपयुक्त नहीं माना गया, जबकि उनके ब्रिटेन दौरे को मंजूरी दी गई थी।

अमेरिका में क्या करने वाले थे रेवंत?

रेवंत रेड्डी का दावा था कि अमेरिकी दौरे का मुख्य मकसद दुनिया के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों के साथ साझेदारी बढ़ाना था। प्रस्तावित कार्यक्रम में हार्वर्ड यूनिवर्सिटी, एमआईटी, नॉर्थईस्टर्न यूनिवर्सिटी और वर्जीनिया टेक से जुड़े कार्यक्रम शामिल थे। लक्ष्य था कि वैश्विक स्तर की शिक्षा, कौशल और रिसर्च के अवसर तेलंगाना तथा हैदराबाद तक पहुंचें।

रेवंत रेड्डी ने इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि युवाओं के भविष्य और देश निर्माण से जुड़े मुद्दों को राजनीति और चुनाव से ऊपर देखा जाना चाहिए। उनका तर्क है कि दुनिया के शीर्ष संस्थानों के साथ सहयोग से तेलंगाना को शिक्षा और ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती थी।

हालांकि, उनके प्रस्तावित कार्यक्रम में अमेरिका में भारतीय समुदाय से जुड़ा एक ‘मीट एंड ग्रीट’ कार्यक्रम भी शामिल था। कुछ रिपोर्टों में अमेरिकी राजनीतिक हस्तियों के साथ संभावित मुलाकातों का भी उल्लेख सामने आया है। इन्हीं पहलुओं को लेकर राजनीतिक मंजूरी के सवाल पर बहस और तेज हुई है।

उधर भूपेंद्र पटेल का अमेरिका दौरा क्यों अहम?

इसी बीच गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल अमेरिका और कनाडा के दौरे पर गए हैं। उनका दौरा Vibrant Gujarat Global Summit 2027 के लिए निवेश आकर्षित करने और वैश्विक कंपनियों तथा उद्योग जगत से संपर्क बढ़ाने पर केंद्रित है। गुजरात सरकार के अनुसार, प्रतिनिधिमंडल अमेरिका के वॉशिंगटन डीसी, न्यूयॉर्क और सैन फ्रांसिस्को तथा कनाडा के टोरंटो में निवेशकों और उद्योग प्रतिनिधियों से मुलाकात कर रहा है।

यह यात्रा इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि रिपोर्टों के मुताबिक भूपेंद्र पटेल 1995 के बाद अमेरिका जाने वाले गुजरात के पहले मौजूदा मुख्यमंत्री हैं। उनके साथ सरकारी अधिकारियों के अलावा गुजरात के उद्योग जगत के प्रतिनिधि भी शामिल हैं।

कांग्रेस के आरोप बनाम केंद्र की दलील

पूरे विवाद का सबसे बड़ा राजनीतिक पहलू यही है। कांग्रेस का कहना है कि अगर एक राज्य का मुख्यमंत्री निवेश और वैश्विक संपर्क के लिए अमेरिका जा सकता है, तो दूसरे राज्य के मुख्यमंत्री को समान उद्देश्य वाली यात्रा से क्यों रोका गया?

दूसरी ओर, विदेश मंत्रालय ने फैसले को किसी पार्टी या मुख्यमंत्री की राजनीतिक पहचान से जोड़ने के बजाय यात्रा के कार्यक्रम और उसके उद्देश्य की उपयुक्तता से जोड़ा है। मंत्रालय ने रेवंत रेड्डी के अमेरिकी कार्यक्रम को मंजूरी देने से इनकार किया, लेकिन उनके ब्रिटेन दौरे को मंजूरी दी थी।

दौरा रद्द, लेकिन तेलंगाना का मिशन जारी

दिलचस्प बात यह है कि मुख्यमंत्री के अमेरिका नहीं जाने के बावजूद तेलंगाना का आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल अपने निर्धारित कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने की तैयारी में है। राज्य सरकार के अनुसार, अधिकारियों को अमेरिकी संस्थानों के साथ प्रस्तावित समझौतों और साझेदारियों पर काम जारी रखने के निर्देश दिए गए हैं।

यानी विवाद भले ही राजनीतिक मंजूरी को लेकर खड़ा हुआ हो, लेकिन तेलंगाना सरकार अब यह दिखाने की कोशिश कर रही है कि अमेरिका के साथ शिक्षा, निवेश और तकनीकी सहयोग का एजेंडा मुख्यमंत्री की अनुपस्थिति में भी आगे बढ़ाया जा सकता है।

Updated on:
23 Aug 2026 11:43 am
Published on:
23 Aug 2026 11:43 am