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सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को जमकर लगाई फटकार, पूछा- चुनाव के रिकॉर्ड कैसे खो सकते हैं?

Election Commission: कर्नाटक की श्रृंगेरी विधानसभा सीट के चुनावी विवाद में 2023 की मूल मतगणना की वीडियो रिकॉर्डिंग नहीं मिलने पर सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को जमकर फटकार लगाई। कोर्ट ने अगली सुनवाई पर उपलब्ध रिकॉर्ड पेश करने को कहा है।
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Oct 14, 2026
Supreme Court
Supreme Court (फोटो-ANI)

Election Commission: सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने कर्नाटक की श्रृंगेरी विधानसभा सीट से जुड़े चुनावी विवाद में चुनाव आयोग (ECI) को कड़ी फटकार लगाई है। आयोग के वकील ने जब अदालत को बताया कि 2023 के विधानसभा चुनाव में मतगणना की मूल वीडियो रिकॉर्डिंग नहीं मिल रही है, तो कोर्ट ने सवाल किया कि चुनाव कराने वाली संस्था अपने ही रिकॉर्ड कैसे खो सकती है। कोर्ट ने आयोग को निर्देेश दिया है कि अगली तारीख तक उसके पास जो भी रिकॉर्ड है उसे पेश किया जाए।

रिकॉर्डिंग खोने पर सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?

जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस विनोद चंद्रन की पीठ ने चुनाव आयोग के जवाब पर नाराजगी जताई। कोर्ट ने कहा कि चुनाव आयोग का पूरा काम चुनाव कराना है और इसके लिए जरूरी दस्तावेज सुरक्षित रखना उसकी जिम्मेदारी है। आयोग यह नहीं कह सकता कि वह रिकॉर्ड खोजने की कोशिश कर रहा है। अदालत ने स्प्ष्ट कहा कि इस तरह के बहाने स्वीकार नहीं किए जाएंगे। अगली तारीख पर जो भी रिकॉर्ड उपलब्ध हैं, उन्हें पेश किया जाए। ऐसा नहीं करने पर आयोग के खिलाफ प्रतिकूल निष्कर्ष निकालना पड़ेगा।

कौन-सी रिकॉर्डिंग नहीं मिल रही?

चुनाव आयोग ने 2023 में हुई मूल मतगणना की वीडियो रिकॉर्डिंग नहीं मिलने की बात कही है। मई 2026 में हुई दोबारा मतगणना की वीडियो रिकॉर्डिंग उपलब्ध है। अब सुप्रीम कोर्ट ने आयोग से सभी उपलब्ध रिकॉर्ड पेश करने को कहा है।

क्या है श्रृंगेरी सीट का पूरा मामला?

कर्नाटक में 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के टी.डी. राजेगौड़ा ने बीजेपी के डी.एन. जीवराजा को 201 वोटों से हराया था। इसके बाद जीवराजा ने कर्नाटक हाई कोर्ट में चुनाव याचिका दाखिल की थी। अप्रैल 2026 में हाई कोर्ट ने पोस्टल बैलेट की दोबारा जांच और मतगणना कराने का आदेश दिया था।

मई 2026 में दोबारा मतगणना के दौरान राजेगौड़ा के करीब 255 पोस्टल वोट अमान्य घोषित कर दिए गए। इसके बाद नतीजा बदल गया और जीवराजा को 52 वोटों से विजेता घोषित कर दिया गया। उन्हें विधायक पद की शपथ भी दिलाई गई।

सुप्रीम कोर्ट ने राजेगौड़ा को दी थी राहत

इसके बाद राजेगौड़ा ने हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। सुप्रीम कोर्ट ने दोबारा मतगणना के नतीजे पर रोक लगाते हुए राजेगौड़ा को फिर से विधायक के पद पर बहाल कर दिया। कोर्ट ने कहा था कि रिटर्निंग ऑफिसर ने हाईकोर्ट के आदेश से आगे बढ़कर उन वोटों की भी दोबारा जांच की, जिन्हें पहले वैध माना गया था।

Updated on:
14 Oct 2026 04:18 pm
Published on:
14 Oct 2026 04:18 pm