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कल देश पूछेगा उस वक्त क्या हुआ था, तब सच्चाई कौन बताएगा? नेहा बोरा ने उठाया सवाल

Latest Statement of Neha Bora: नेहा बोरा ने पत्रकारों के साथ कथित मारपीट, हिरासत और गिरफ्तारी को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि अगर पत्रकार घटनाओं की रिपोर्टिंग नहीं कर पाएंगे, तो आने वाली पीढ़ियों को उस दौर की सच्चाई कैसे पता चलेगी?
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नेहा बोरा। (फाइल फोटो-ANI)

Media Freedom: आज अगर पत्रकार किसी घटना की खबर ही नहीं लिख पाएंगे, तो कल देश को पता कैसे चलेगा कि उस वक्त क्या हुआ था? पत्रकारों की भूमिका को लेकर नेहा बोरा ने सोशल मीडिया पर यही सवाल उठाया है। उन्होंने उन पत्रकारों के साथ एकजुटता जताई, जिन्हें जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान पीटा गया, हिरासत में लिया गया या गिरफ्तार किया गया।

नेहा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी पोस्ट में लिखा कि जब पत्रकारों को निशाना बनाया जाता है, तो सिर्फ खबरें प्रभावित नहीं होतीं, बल्कि देश के इतिहास को दर्ज करने का काम भी कमजोर पड़ता है। उनके संदेश का साफ मतलब है कि अगर किसी घटना की रिपोर्टिंग ही नहीं होगी, तो आने वाली पीढ़ियों को उसके बारे में सही जानकारी कैसे मिलेगी?

पत्रकारों को लेकर नेहा ने क्या कहा?

नेहा ने अपनी पोस्ट में उन पत्रकारों का समर्थन किया, जिन्हें कथित तौर पर मारपीट, हिरासत या गिरफ्तारी का सामना करना पड़ा है। उन्होंने मौजूदा सरकार पर निशाना साधते हुए पत्रकारों के साथ हुई ऐसी कार्रवाई का मुद्दा उठाया।

उनकी पोस्ट में सबसे अहम बात यह है कि पत्रकारों का काम सिर्फ खबरें देना नहीं है। वे उन घटनाओं को भी दर्ज करते हैं, जिनका असर आम लोगों की जिंदगी पर पड़ता है। उनकी रिपोर्टिंग से लोगों को पता चलता है कि देश में क्या हो रहा है और अलग-अलग मुद्दों पर किसकी क्या बात है।

खबरें रुकेंगी तो क्या होगा?

किसी घटना के बारे में लोगों को जानकारी देने में खबरों की अहम भूमिका होती है। आज जो कुछ होता है, उसकी रिपोर्टिंग ही आगे चलकर उस दौर को समझने में मदद करती है। अगर पत्रकारों को अपना काम करने से रोका जाता है, तो कई जरूरी सवालों के जवाब लोगों तक नहीं पहुंच पाते।

इसी वजह से पत्रकारों की सुरक्षा और उन्हें बिना डर खबरें करने देने का मुद्दा अहम है। पत्रकारों के साथ मारपीट या उनकी गिरफ्तारी की खबरें सामने आने पर यह सवाल भी उठता है कि क्या वे बिना दबाव के अपना काम कर पा रहे हैं।

पत्रकारों के समर्थन में दिया संदेश

नेहा ने अपनी पोस्ट के आखिर में उन सभी पत्रकारों के प्रति समर्थन जताया, जिन्हें पीटा गया, हिरासत में लिया गया या गिरफ्तार किया गया है। उनका संदेश इस बात पर जोर देता है कि पत्रकारों को घटनाओं की रिपोर्टिंग करने की आजादी मिलनी चाहिए।

नेहा की पोस्ट में मुख्य सवाल यही है कि अगर आज घटनाओं को दर्ज करने वाले पत्रकारों की आवाज दबा दी गई, तो कल देश उन घटनाओं की सच्चाई कैसे जान पाएगा?