
Tiger Shroff: बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग के मामले में आरोपी बबीता के परिवार ने बड़ा दावा किया है। परिवार का कहना है कि सह-आरोपी राधा उसे मुंबई में मंदिर घूमने के बहाने लेकर गई थी और उसे कथित साजिश की जानकारी नहीं थी। पुलिस अब इस मामले में आरोपियों की भूमिका और उनके आपसी संपर्कों की जांच कर रही है।
उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ स्थित गांव में रहने वाले बबीता के पिता रामजनम राम ने कहा कि वे देश की कानून-व्यवस्था पर पूरा भरोसा रखते हैं। अगर बबीता सच में इस साजिश में शामिल पाई जाती है, तो उसे सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए। हालांकि, उन्होंने साफ कहा कि बबीता को दूसरी आरोपी राधा ने यह कहकर फंसाया कि वे मुंबई घूमने जा रही हैं। 23 वर्षीय बबीता हरियाणा के सोनीपत में एक पैकिंग वर्कर के तौर पर काम करती थी और उसे हथियारों की तस्करी या फिर किसी बॉलीवुड एक्टर पर हमले की योजना का बिल्कुल अंदाजा नहीं था।
वारदात के तुरंत बाद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने इस हमले की जिम्मेदारी ली। सूत्रों के मुताबिक, सलमान खान के साथ टाइगर श्रॉफ की बढ़ती नजदीकियों के चलते उन्हें निशाना बनाया गया था। गैंग पिछले काफी समय से काले हिरण शिकार मामले को लेकर सलमान खान और उनके करीबियों को धमकियां दे रहा है।
पुलिस ने इस मामले में अब तक कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है। राजस्थान के कोटा से ऋतिक उर्फ रोशन, रेहान और फूल सिंह को पकड़ा गया, जिनके बिश्नोई गैंग से जुड़े होने की बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि तीनों नेपाल भागने की फिराक में थे। वहीं, राधा और बबीता को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा, हरियाणा के सोनीपत से कुनाल और सुमित नाम के दो अन्य आरोपियों को भी पुलिस ने दबोचा है।
रविवार शाम जब टाइगर श्रॉफ जुहू में फुटबॉल खेलकर अपनी लग्जरी कार से बाहर निकल रहे थे, तब फैंस की भीड़ के बीच छिपे दो बदमाशों ने अचानक कार पर करीब 6 से 7 राउंड फायर झोंक दिए। हमलावरों में से एक ने सीधे टाइगर पर पिस्टल तान दी थी, लेकिन ऐन वक्त पर बंदूक जाम हो जाने की वजह से अभिनेता की जान बाल-बाल बच गई। इस गोलीबारी में टाइगर का ड्राइवर और पास खड़ा एक राहगीर गंभीर रूप से घायल हो गए।
जांच में सामने आया कि हाल ही में जमानत पर छूटे आरोपी कुनाल की मुलाकात गैंग के शातिर अनिल पंडित से हुई थी। अनिल पंडित के कहने पर कुनाल ने अमृतसर से पिस्टल और 20 जिंदा कारतूस जुटाए। इसके बाद उसने राधा को हथियार मुंबई पहुxचाने के लिए राजी किया। 15 अक्टूबर को कुनाल, राधा और बबीता को नई दिल्ली से मुंबई की ट्रेन में बैठाया। पूरी यात्रा के दौरान तीनों एक एन्क्रिप्टेड ऐप के जरिए अनिल पंडित के निर्देशों पर काम कर रहे थे। मुंबई के दादर पहुंचकर एक होटल में ठहरने के बाद हथियारों वाला बैग दूसरे आरोपी को सौंप दिया गया, जिसने अगले ही दिन इस वारदात को अंजाम दिया। हमला होते ही राधा और बबीता दादर से हरिद्वार एक्सप्रेस पकड़कर वापस दिल्ली की ओर निकल गई थी।