
TVK Congress Protest Chennai: तमिलनाडु के सियासी गलियारों में मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) को लेकर घमासान तेज हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने तमिलगा वेत्री कषगम (TVK) और कांग्रेस के संयुक्त विरोध प्रदर्शन पर तीखा हमला बोला है। भाजपा का कहना है कि यह विरोध न केवल तर्कहीन है, बल्कि दोनों दलों का एक बड़ा आत्मघाती कदम भी है, जिसने जनता के सामने उनके दोहरे रवैये को उजागर कर दिया है।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सी.आर. केसवन ने चेन्नई में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए विपक्षी दलों की मंशा पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के उस बयान पर कड़ा ऐतराज जताया, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि जहां भी एसआईआर (SIR) की प्रक्रिया अपनाई जाती है, वहां वोटों की चोरी होती है।
केसवन ने याद दिलाया कि वर्ष 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में, जहां टीवीके सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी और जोसेफ विजय मुख्यमंत्री बने थे, उससे ठीक पहले मतदाता सूची की शुद्धि प्रक्रिया के तहत 74 लाख अयोग्य मतदाताओं के नाम हटाए गए थे।
"राहुल गांधी के तर्क के मुताबिक तो 2026 का तमिलनाडु चुनाव भी पूरी तरह से संदिग्ध हो जाता है! क्या मुख्यमंत्री जोसेफ विजय और उनकी पार्टी टीवीके यह स्वीकार कर रहे हैं कि जिस चुनाव में जीतकर वे सत्ता में आए, वह निष्पक्ष नहीं था?"
- सी.आर. केसवन, राष्ट्रीय प्रवक्ता, भाजपा
भारत में चुनाव आयोग समय-समय पर मतदाता सूची को अद्यतन करने के लिए स्पेशल समरी रिवीजन (SIR) अभियान चलाता है। इसका मुख्य उद्देश्य:
2026 के विधानसभा चुनाव के बाद तमिलनाडु के सियासी समीकरण काफी बदले हैं। अभिनेता से नेता बने जोसेफ विजय की पार्टी टीवीके की सफलता ने राज्य के पारंपरिक द्रविड़ मॉडल के सामने एक नई चुनौती पेश की है। ऐसे में कांग्रेस का टीवीके के साथ मिलकर विरोध प्रदर्शन में शामिल होना और चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाना भाजपा को एक बड़ा राजनीतिक हथियार दे गया है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि टीवीके और कांग्रेस इस तीखे हमले का क्या जवाब देती हैं।