
एक युवा इंजीनियरिंग ग्रेजुएट ने भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी की शिकायत की वेबसाइट खोली। उसे लगा यह एक अच्छा आइडिया होगा और लोगों के काफी काम आएगा। लेकिन वेबसाइट खोलने के बाद कुछ ऐसा हुआ जिसके बारे में उसने सोचा भी नहीं होगा। वेबसाइट पर भ्रष्टाचार की इतनी शिकायतें आ गईं कि शख्स भी हैरान हो गया।
शख्स की वेबसाइट पर सिर्फ 48 घंटे में 253 शहरों से 50 लाख से ज़्यादा शिकायतें आ गईं। गुमनाम शिकायतों के लिए अनुमत इस वेबसाइट Bribes.fyi को लेकर शख्स को बड़ा कदम उठाना पड़ा। डेटा की अधिकता, निजता और कानूनी कारणों से शख्स को अपनी वेबसाइट को बंद करना पड़ा।
वेबसाइट को बंद करने से पहले उस पर एक नोटिस जारी किया गया। इस नोटिस में कहा गया कि हम अनिश्चितकालीन विराम ले रहे हैं और भविष्य में फिर से सुझाव भेजने की सुविधा शुरू करने की हमारी कोई योजना नहीं है। यह निर्णय परियोजना में रुचि की कमी के कारण नहीं, बल्कि एकत्रित की गई जानकारी के प्रबंधन संबंधी चिंताओं के कारण लिया गया।
नोटिस में यह भी बताया गया कि वेबसाइट को इतनी बड़ी मात्रा में संवेदनशील जानकारी के लिए डिज़ाइन नहीं किया गया था। वेबसाइट विकसित करने वाले इंजीनियरिंग छात्र आर्यन निषाद ने बताया कि डेटा की अधिकता और अन्य कारणों से वह ब्रेक ले रहे हैं। उन्होंने सोचा भी नहीं था कि उनकी वेबसाइट पर इतनी ज़्यादा शिकायतें आ जाएंगी।
एमेज़ॉन में प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ और वेबसाइट डेवलप करने के साथ ही रणनीति बनाने में सहयोग करने वाले मनीष साहनी ने लिंक्डइन पर इस वेबसाइट को बंद करने की पुष्टि की। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि टीम ने इसके दुरुपयोग की संभावना को कम करने के लिए यह कदम उठाया है, जो काफी ज़रूरी था।
दिलचस्प यह है कि वेबसाइट पर सूचना देने वालों में से 37% ने रिश्वत देने से इनकार किया। वेबसाइट पर सूचीबद्ध श्रेणियों में पुलिस, परिवहन कार्यालय, राजस्व और भूमि अभिलेख, पासपोर्ट कार्यालय, नगर निगम, जीएसटी कार्यालय, बिजली बोर्ड, आयकर प्राधिकरण और खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग शामिल थे।