नई दिल्ली

नस्लीय टिप्पणी मामले में यूट्यूबर आमिर शौकीन को 5 दिन की पुलिस हिरासत, त्रिपुरा के युवक पर टिप्पणी का आरोप

Aamir shaukeen Arrest: दिल्ली पुलिस ने त्रिपुरा के एक युवक के खिलाफ कथित नस्लीय टिप्पणी करने के मामले में यूट्यूबर आमिर शौकीन को गिरफ्तार किया है। तीस हजारी कोर्ट ने उन्हें पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। पुलिस मोबाइल फोन बरामद करने और मामले की जांच के लिए अहमदाबाद जाने की तैयारी कर रही है।
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Updated: 24 Oct 2026, 1:20 PM IST
Aamir Shaheen Arrest
यूट्यूबर आमिर शौकीन को 5 दिन की पुलिस हिरासत, फोटो सोर्स- ANI

Aamir Shaukeen News: त्रिपुरा के एक युवक के खिलाफ कथित नस्लीय टिप्पणी करने के मामले में दिल्ली पुलिस ने यूट्यूबर आमिर शौकीन को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उन्हें तीस हजारी अदालत में पेश किया, जहां सुनवाई के बाद अदालत ने पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपी के मोबाइल फोन की बरामदगी को अहम मान रही है।

दिल्ली पुलिस के मुताबिक, आमिर शौकीन को सदर बाजार पुलिस थाने से अदालत ले जाया गया था। उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 192, 196, 352 और 353 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का आरोप है कि यह मामला त्रिपुरा के एक युवक के खिलाफ कथित नस्लीय टिप्पणी से जुड़ा है। हालांकि, आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।

मोबाइल फोन बरामद करने के लिए पुलिस हिरासत की मांग

अदालत में पुलिस ने बताया कि मामले में आमिर शौकीन का मोबाइल फोन अभी बरामद नहीं हुआ है। पुलिस के अनुसार, फोन की तलाश और जांच के सिलसिले में अहमदाबाद जाना भी जरूरी है। इसी आधार पर पुलिस ने आरोपी से पूछताछ और सबूत जुटाने के लिए हिरासत की मांग की। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने पांच दिन की पुलिस हिरासत मंजूर कर दी। पुलिस अब मोबाइल फोन की बरामदगी के साथ-साथ मामले से जुड़े अन्य तथ्यों और संभावित सबूतों की जांच करेगी।

BNS की चार धाराओं में दर्ज है मामला

आमिर शौकीन के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 192, 196, 352 और 353 के तहत केस दर्ज किया गया है। इन धाराओं के तहत दंगा भड़काने के इरादे से उकसावे, विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने, जानबूझकर अपमान करने और शांति भंग करने के इरादे से आपराधिक बल या हमला करने से जुड़े प्रावधान शामिल हो सकते हैं। हालांकि, इन धाराओं का सटीक अनुप्रयोग मामले के तथ्यों और पुलिस की शिकायत पर निर्भर करेगा।

फिलहाल, पुलिस मामले की जांच में जुटी है। मोबाइल फोन की बरामदगी और पूछताछ से जांच को आगे बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है। इस मामले में आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोप अभी जांच के दायरे में हैं। अदालत में दोष सिद्ध होने तक आरोपी को कानून के तहत निर्दोष माना जाता है।

Updated on:
24 Oct 2026, 1:20 PM IST
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