बद्र समझौता: सहयोग की नई धुरी और भारत के सामने चुनौती
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Gulab Kothari Articles : स्पंदन : आज शिक्षित वर्ग सर्वाधिक दु:खी जान पड़ता है। अभिमान ही उनके जीवन का नेतृत्व करता है। कर्ता भाव से जकड़े हुए है। जो इनकी बुद्धि में नहीं आता, उसका अस्तित्व स्वीकार्य नहीं है। मन की भाषा, संवेदनाओं से इनका पाला ही नहीं पड़ता। अत: श्रद्धा, भक्ति, करुणा, समर्पण जैसे मानवीय गुणों से ये रूखे ही दिखाई पड़ते हैं।