बजरंग ने पुरुषों की 65 किलोग्राम वर्ग स्पर्धा के फाइनल में वेल्स के केन चारिग को मात देकर सोना जीता। यह उनके राष्ट्रमंडल खेलों का पहला स्वर्ण पदक है।
नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में जारी 21वें राष्ट्रमंडल खेलों में भारत के पुरुष पहलवान बजरंग पुनिया ने शानदार प्रदर्शन करते हुए नौवें दिन शुक्रवार को भारत की झोली में 17वां स्वर्ण पदक डाला। बजरंग ने पुरुषों की 65 किलोग्राम वर्ग स्पर्धा के फाइनल में वेल्स के केन चारिग को मात देकर सोना जीता। यह उनके राष्ट्रमंडल खेलों का पहला स्वर्ण पदक है।
प्रतिद्वंद्वी चारिग पर शुरुआत से ही कसा शिकंजा
बजरंग ने रियो ओलम्पिक के कांस्य पदक विजेता चारिग को 10-1 से मात दी। उन्होंने पहले ही दौर में जीत हासिल कर ली। भारतीय पहलवान ने शुरुआत से ही अपने प्रतिद्वंद्वी चारिग पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया। उन्होंने चारिग को हाथों से जकड़कर पटका और दो अंक लिए। इसी अवस्था में उन्होंने वेल्स के पहलवान को रोल कर दो अंक और लेते हुए 4-0 की बढ़त बना ली।
ग्लास्गो में जीता था रजत पदक
इसी शैली और तरीके से बजरंग ने चार अंक और लिए। अंत में बजरंग ने चारिग को चित करते हुए 10 अंक हासिल कर सोना जीता। इस बीच चारिग केवल एक अंक ही ले पाए। साल 2014 में बजरंग ने ग्लास्गो में आयोजित राष्ट्रमंडल खेलों में 61 किलोग्राम वर्ग में स्पर्धा करते हुए रजत जीता था और इस बार वह इन खेलों में अपने पदक के रंग को बदलने में कामयाब रहे।
सेमीफाइनल में हारीं दिव्या, कांस्य के लिए होगा संघर्ष
वहीं भारत की महिला पहलवान दिव्या काकरान महिलाओं की 68 किलोग्राम स्पर्धा के सेमीफाइनल में निराशा हाथ लगी। सेमीफाइनल में मिली हार के साथ वह स्वर्ण पदक की दौड़ से बाहर हो गई हैं और अब वह कांस्य पदक के लिए संघर्ष करेंगी। पूजा को सेमीफाइनल में नाईजीरिया की ब्लेसिंग ओबोरडुडु ने 11-1 से हराया। उन्होंने पूजा को इस मुकाबले में कई बार पटका और रोल किया।
कांस्य के लिए बांग्लादेश से भिड़ेंगी पूजा
पूजा ने भी इस स्पर्धा में ब्लेसिंग को कड़ी टक्कर दी, लेकिन वह जीत हासिल करने में असफल रहीं। कांस्य पदक के लिए वह अब बांग्लादेश की शेरिन सुल्ताना से भिड़ेंगी।