CWG 2018 में मंगलवार को छठे दिन भारत की अनुभवी महिला निशानेबाज हीना सिद्धू ने भारत की झोली में 11वां स्वर्ण पदक डाल दिया।
नई दिल्ली। गोल्ड कोस्ट कामनवेल्थ खेलों में मंगलवार को छठे दिन भारत की अनुभवी महिला निशानेबाज हीना सिद्धू ने भारत की झोली में 11वां स्वर्ण पदक डाल दिया। कार्डियक सर्जन हीना ने महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा के फाइनल में शानदार प्रदर्शन करते हुए सोना जीता। वहीं भारत के अनुभवी निशानेबाज गगन नारंग और चैन सिंह को पुरुषों की 50 मीटर राइफल प्रोन स्पर्धा के फाइनल में दोनों को निराशा हाथ लगी है। जहां दिल्ली कामनवेल्थ खेलों में 4 गोल्ड मेडल जीत चुके गगन नारंग फाइनल में सातवें स्थान पर रहे वहीं चैन सिंह ब्रॉन्ज मेडल से एक पायदान नीचे चौथे स्थान पर रहे।
हीना ने जीता गोल्ड, अनु चूकीं
हीना ने इस स्पर्धा में राष्ट्रमंडल खेलों का रिकॉर्ड कायम करते हुए 38 अंक हासिल किए और स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया।इस स्पर्धा में आस्ट्रेलिया एलीना गैलियावोविक को रजत पदक हासिल हुआ, वहीं मलेशिया की आलिया सजाना अजाहारी को कांस्य पदक मिला। हीना ने मेडल जीतने के साथ ही राष्ट्रमंडल खेलों का रिकॉर्ड भी तोडा। इसी प्रतियोगिता में भारत की अनु सिंह छठे स्थान पर बाहर हो गईं।
नारंग और चैन दोनों ही मेडल से चूके
भारतीय अनुभवी निशानेबाज गगन ने फाइनल में कुल 142.3 अंक हासिल किए, वहीं चैन को 204.8 अंक हासिल हुए। इस स्पर्धा का स्वर्ण पदक वेल्स के डेविड फेल्प्स को हासिल हुआ। उन्होंने 248.8 अंक लिए और साथ ही राष्ट्रमंडल खेलों का रिकॉर्ड भी तोड़ा। स्कॉटलैंड के नील स्टर्टन को 247.7 अंकों के साथ रजत पदक हासिल हुआ और इंग्लैंड के केनेथ पार ने 226.6 अंकों के साथ कांस्य पदक पर कब्जा जमाया। इससे पहले, गगन और चैन सिंह ने स्पर्धा के क्वालीफिकेशन में शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में प्रवेश किया। गगन ने क्वलीफिकेशन में तीसरा स्थान, तो चैन सिंह ने छठे स्थान पर रहते हुए फाइनल में प्रवेश किया।
गगन नारंग कामनवेल्थ खेलों में कुल 8 गोल्ड मेडल जीत चुकें हैं
गगन नारंग भारत के लिए कामनवेल्थ खेलों में सबसे सफल खिलाड़ी रहें हैं। उन्होंने कामनवेल्थ खेलों में 8 गोल्ड मेडलों के साथ कुल 10 पदक जीते हैं। उन्होंने 2010 में दिल्ली कामनवेल्थ खेलों में भारत की झोली में 4 गोल्ड मेडल डाले थे। गगन नारंग 2012 लंदन ओलंपिक्स में ब्रॉन्ज मेडल जीत चुके हैं। इस कामनवेल्थ गेम्स में उनको सिर्फ एक इवेंट में आना था और वो इसमें मेडल नहीं जीत सके।उनका मेडल से चूकना भारत के लिए बड़ा झटका है।