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पटना नीट छात्रा मौत कांड: CBI जांच शुरू होते ही परिवार को मिली धमकी, सुरक्षा पर उठे सवाल

पटना गर्ल्स हॉस्टल में रहकर नीट की तैयारी करने वाली छात्रा की मौत के बाद परिवार के लोगों को भी जान से मारने की धमकी मिली है। पत्र मिलने के बाद परिवार के लोग भयभीत हैं।
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Updated: 16 Feb 2026, 1:32 AM IST
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AI जनरेटेड फोटो

पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रहकर नीट की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध मौत की सीबीआई ने जांच शुरू कर दी है। सीबीआई जांच शुरू होते ही परिवार को सुरक्षा पहरा के बीच एक धमकी भरा पर्चा मिला है। यह पर्चा किसने फेंका है और क्यों फेंका है? इसकी अभी जांच होनी है। लेकिन, इस पर्चा ने पुलिस की सुरक्षा पर जरूर खड़ा कर दिया है। पीड़िता के परिजनों ने सीबीआई को भी रविवार को इसकी जानकारी दी है। धमकी भरा पर्चा शनिवार को फेंका गया था। धमकी भरे पर्चा में लिखा है कि ज्यादा आवाज उठाओगे तो उठा लिए जाओगे और जान से मार दिए जाओगे।

धमकी ने बढ़ाई परिजनों की चिंता

परिवार के लोगों के अनुसार अपराधियों ने जिस वक्त घर में धमकी भरे पर्चा फेंका है उस वक्त हमारी सुरक्षा में पुलिस वाले तैनात थे। घटना की जांच सीबीआई को सौंपने के बाद से ही जहानाबाद जिला प्रशासन ने पीड़िता के परिजनों की सुरक्षा के लिए एक होमगार्ड और एक चौकीदार की तैनाती कर रखा है। वे दोनों पीड़िता के परिजनों के साथ साथ उनके घर की निगरानी भी कर रहे हैं। इसके बावजूद घर में धमकी वाला पर्चा कैसे पहुंचा? इस पर कई सवाल उठ रहे हैं।

परिवार भयभीत

पर्चा मिलने के बाद परिवार के लोग भयभीत हो गए हैं। परिवार के लोगों का कहना है कि धमकी भरे पर्चे से हमारी चिंता बढ़ा दी है। परिवार के लोगों की ओर से इसकी तत्काल सूचना स्थानीय थाने को दी गई है। सूचना मिलते ही शकूराबाद थाना के पुलिस अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचकर धमकी भरे पत्र को जब्त कर लिया है और इसकी जांच शुरू कर दी है। थाना अध्यक्ष राहुल कुमार के अनुसार पहली नजर में यह किसी असामाजिक तत्व की हरकत लगती है। लेकिन पुलिस पूरी जांच के बाद ही कुछ बोल सकती है।

क्या है मामला

पीड़िता के परिजनों ने रेप के बाद छात्रा की हत्या का आरोप लगाया था। पुलिस पर उन लोगों ने पूरे मामले को रफा दफा करने का आरोप लगाया था। दरअसल, यह विवाद पुलिस के बयान के बाद से ही शुरू हुआ। पुलिस इसे आत्महत्या का मामला बता रही थी, लेकिन छात्रा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट जब आई तो उसमें यौन उत्पीड़न की बात सामने आई। इसके बाद से पुलिस पर कई तरह के आरोप लगने लगे थे। हालांकि पुलिस ने इस मामले में हॉस्टल के मालिक को गिरफ्तार किया था। लेकिन, गर्ल्स हॉस्टल संचालिका को बिना पूछताछ के ही पुलिस ने छोड़ दिया था।

अंडरगारमेंट्स में स्पर्म

इसके साथ ही इस केस की जांच के लिए गठित एसआईटी ने छात्रा को नाबालिग बताते हुए पॉक्सो एक्ट की धारा भी जोड़ी। एसआईटी की जांच में पता चला कि नीट छात्रा के अंडरगारमेंट्स में स्पर्म पाया गया था। उसके मिलान के लिए कई लोगों के डीएनए सैंपल लिए गए। इसमें कुछ परिजन और रिश्तेदार भी शामिल थे। इसपर परिजनों ने सवाल भी खड़े किए थे। इसके बाद ही सरकार ने पूरी जांच सीबीआई को सौंप दिया था।

Updated on:
16 Feb 2026, 1:32 AM IST
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