
पटना शंभू गर्ल्स हॉस्टल केस (फोटो- AI Generated)
पटना के शंभू हॉस्टल में रहकर नीट की तैयारी करने वाली छात्रा की मौत मामले में सीबीआई मामले की जांच करने आज पीड़िता के घर जहानाबाद पहुंची। मौत के कारण की जांच करने छात्रा के गांव पहुंची केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की टीम ने छात्रा का सामान और उसके भाई का मोबाइल जब्त कर लिया है। सीबीआई की 20 सदस्यीय टीम पांच गाड़ियों के साथ रविवार की सुबह मृतक छात्रा के गांव पहुंची। सीबीआई आईजी के नेतृत्व में पीड़िता के घर पहुंची टीम मृतक छात्रा के परिजनों से अलग- अलग कमरे में बातचीत कर पूरी घटना की जानकारी एकत्रित करने का प्रयास किया। टीम ने मृतक छात्रा के माता, पिता और भाई से करीब साढ़े तीन घंटे तक उनसे हर एंगल से पूछताछ की गई।
सीबीआई की टीम मृतक छात्रा की कलम, कॉपी, किताब, बैग, कैंची एवं कपड़े सहित सभी सामान को अपने साथ लेकर चली गई। सीबीआई अधिकारी प्रिंटर और लैपटॉप भी साथ पूछताछ करने पहुंचे थे। पीड़िता के परिजनों से पूछताछ के सभी सवाल जवाब का वे लोग टाइप कर मौके पर ही प्रिंट निकलवा कर उसपर परिजन के हस्ताक्षर करवाकर उसे सील किया।
पीड़िता के परिजनों के अनुसार सीबीआई छात्रा के हॉस्टल में रहने की पूरी जानकारी एकत्रित करने का प्रयास किया। यानी छात्रा पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में कब से रह रही थी, छात्रा ने कभी भी हॉस्टल को लेकर कुछ शिकाय किया था। मौत से लगभग 15 दिन पहले यानी 27 दिसंबर 2025 को जब पीड़िता पटना से जहानाबाद अपने घर आई थी तो कुछ बताया था। सूत्रों का कहना है कि सीबीआई ने इन सवालों को क्रास भी किए। परिजनों के सभी सदस्यों से एक ही सवाल किए लेकिन सभी से पूछने का तरीका बदल बदल कर पूछा। सूत्रों का कहना है कि परिजनों ने सीबीआई के सामने हॉस्टल प्रशासन पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि 6 जनवरी को जब छात्रा की तबीयत खराब हुई थी, तो हॉस्टल प्रबंधन को सबसे पहले हमें सूचना देनी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। पिता को हॉस्टल में रहने वाली एक दूसरी लड़की ने फोन कर बताया था। इससे साफ है कि कुछ तो गलत हुआ है।
पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में छात्रा 6 जनवरी को बेहोशी की हालत में मिली थी। उसे अलग- अलग प्राइवेट अस्पतालों में भर्ती कराया गया था। इसके बावजूद 11 जनवरी को पीड़िता की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। पटना पुलिस ने इस मामले को बिना जांच के ही आत्म हत्या बताने में लगी थी, जबकि परिजन इसे हत्या बता रहे थे। पीएमसीएच के मेडिकल रिपोर्ट में लड़की के साथ कथित रेप की घटना सामने आने के बाद सरकार ने पूरे मामले की जांच की जिम्मेवारी पटना पुलिस से लेकर एसआईटी को सौंपी थी। लेकिन, परिजनों ने जब एसआईटी की जांच पर भी सवाल खड़ा किया तो पूरे मामले की जांच की जिम्मेवारी सीबीआई को सौंप दी थी।
Updated on:
15 Feb 2026, 10:53 PM IST
Published on:
15 Feb 2026, 10:50 PM IST
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