
ऑर्केस्ट्रा का सांकेतिक तस्वीर। फोटो- सोशल मीडिया
सारण पुलिस ने 15 नाबालिग लड़कियों को ट्रैफिकिंग से बचाने के साथ साथ इसमें संलिप्त सात ऑर्केस्ट्रा मालिकों को गिरफ्तार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। सारण पुलिस नेशनल कमीशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड राइट्स (NCPCR) और NGO एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन के सदस्यों के साथ रेड कर लड़कियों को ट्रैफिकिंग से बचाया। ट्रैफिकिंग से बचाई गई ज़्यादातर लड़कियों के शरीर पर चोट के निशान थे। उन्हें पंजाब, ओडिशा, असम, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश से ट्रैफिकिंग करके लाया गया था। सभी लड़कियों को शेल्टर होम में रखा गया है।
लड़कियों ने पुलिस से अपनी पीड़ा शेयर करते हुए कहा कि उनके साथ ऑर्केस्ट्रा संचालक फिजिकल और सेक्शुअल अब्यूज़ किया करते थे। उन्हें ऑडियंस के सामने गंदे गानों पर डांस करने के लिए मजबूर करते थे। महिला पुलिस स्टेशन की SHO खुशबू कुमारी के बयान पर इस मामले पर FIR दर्ज किया गया है। एफआईआर के अनुसार “नाबालिग लड़कियों को रात में ऑर्केस्ट्रा ग्रुप में गंदे गानों पर परफॉर्म करने के लिए मजबूर किया जाता था। उन्हें पूरा पेमेंट नहीं दिया गया और उनके साथ मारपीट और गाली-गलौज किया जाता था। ” पुलिस का कहना है कि सभी लड़कियों के शरीर पर चोट और मारपीट के निशान थे, जिससे पता चलता है कि ऑर्केस्ट्रा चलाने वालों ने उन्हें कितना टॉर्चर किया करते थे। जिन ऑर्केस्ट्रा ग्रुप पर रेड मारी गई उनमें काजल ऑर्केस्ट्रा, सुर संगम ऑर्केस्ट्रा, कोपा चट्टी ऑर्केस्ट्रा, खुशी ऑर्केस्ट्रा, श्याम ऑर्केस्ट्रा और दीया ऑर्केस्ट्रा शामिल थे।
FIR भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 143(1), 145, POCSO एक्ट, 2012, जुवेनाइल जस्टिस (केयर एंड प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन) एक्ट, 2015 की धारा 79, और बॉन्डेड लेबर सिस्टम (एबोलिशन) एक्ट की धारा 16 के तहत दीपक कुमार यादव, हरिशंकर मांझी, संजीत कुमार मांझी, गोविंद कुमार यादव, संदीप यादव, बिनय ठाकुर और मोहित कुमार के खिलाफ दर्ज की गई है। लड़कियों को चाइल्ड वेलफेयर कमिटी के सामने पेश किया गया और आगे के रिहैबिलिटेशन और काउंसलिंग के लिए चाइल्ड केयर इंस्टिट्यूशन में शिफ्ट कर दिया गया।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि ADG (वीकर सेक्शन) अमित कुमार जैन के निर्देशों और सारण SP के आदेश पर यह रेड की गई थी। ऑपरेशन आधी रात के बाद शुरू हुआ और सुबह तक चला। उनमें से बारह को रेवेलगंज और कोपा पुलिस स्टेशन एरिया के ऑर्केस्ट्रा परिसर से बचाया गया, जबकि खुशी ऑर्केस्ट्रा के मालिक ने तीन लड़कियों को कार में धकेल दिया और भागने की कोशिश की। आठ किलोमीटर तक पीछा करने के बाद, आरोपी को पकड़ लिया गया और तीन नाबालिगों को बचा लिया गया।
Updated on:
14 Feb 2026, 9:54 AM IST
Published on:
14 Feb 2026, 9:38 AM IST
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