
Lalitpur Singrauli rail project : खनिज और वन संपदा से भरपूर सीधी जिले में विकास की रेल जल्द दौड़ने वाली है। रेलवे अफसरों का दावा है कि इसी साल के अंत (दिसंबर) तक प्रोजेक्ट पूरा करने का लक्ष्य है। रेलवे के ललितपुर-सिंगरौली रेल लाइन प्रोजेक्ट के तहत सीधी जिले में बरसों से ट्रेन का इंतजार कर रहे लोगों का सपना पूरा होने वाला है। हालांकि सीधी जिले के एक छोटे से हिस्से में रेल लाइन पहले से है। जिले के कुसमी विकासखंड में मड़वास, जोबा और भदौरा स्टेशन पर चार-पांच ट्रेनें आती हैं।
मौजूदा कटनी-चौपन रेलवे लाइन सीधी से गुजरते हुए सिंगरौली तक जाती है, इसी रेल लाइन पर ये तीनों स्टेशन हैं। जिला मुख्यालय सीधी से सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन मड़वास 40 किलोमीटर दूर है। यह रेल लाइन संजय टाइगर रिजर्व के अंदर से होकर गुजरती है। सीधी जिले से निकलने के बाद अगला स्टेशन शहडोल जिले का ब्यौहारी है, जहां से उत्तरप्रदेश सहित अन्य स्थानों के लिए ट्रेनें गुजरती हैं।
सीधी जिला मुख्यालय पर बरसों से ट्रेन का इंतजार किया जा रहा है। विकास की कई योजनाएं बनीं, कई रेलवे लाइनें शुरू हुईं, लेकिन सीधी जिला मुख्यालय इन सबसे अछूता रहा। अब ललितपुर-सिंगरौली रेललाइन से सीधी का भाग्य खुल रहा है। जिले में जगह-जगह रेलपटरी बिछाने का काम हो रहा है, जिला मुख्यालय पर रेलवे स्टेशन आकार ले रहा है। जिले के दो प्रमुख प्रस्तावित रेल मार्गों पर ट्रेन चलाने का ट्रायल सफल हो चुका है। उम्मीदों की ट्रेन पटरी पर आ रही है।
गत 18 और 19 अगस्त को रेल संरक्षा आयुक्त (मध्य वृत्त मुंबई) गुरु प्रकाश ने रामपुर नैकिन-चुरहट नवीन रेलखंड का निरीक्षण किया। उनकी उपस्थिति में 22.90 किलोमीटर लंबे रेलवे ट्रेक पर 115 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से ट्रेन का स्पीड ट्रायल किया गया। ट्रायल में ट्रेक की मजबूती के साथ ही पुल-पुलिया, सिग् नल और दूरसंचार प्रणाली, विद्युत अधोसंरचना और परिचालन व्यवस्थाओं का परीक्षण किया गया।
बता दें कि चुरहट वह जगह है, जहां से विधायक रहे अर्जुनसिंह प्रदेश के मुख्यमंत्री ही नहीं, केंद्र सरकार में कई विभागों के मंत्री और पंजाब के राज्यपाल भी रहे हैं। इसी चुरहट से उनके पुत्र अजय सिंह विधायक हैं।
पत्रिका संवाददाता मनोज पांडेय के अनुसार, रामपुर नैकिन-चुरहट रेलखंड पर संरक्षा निरीक्षण और स्पीड ट्रायल पूरा होना इस परियोजना की दिशा में अहम कदम है, लेकिन सीधी जिले के लोगों की निगाहें अब इससे भी आगे जिला मुख्यालय पर टिक गई हैं। उनका कहना है कि चुरहट के बाद सीधी की ओर रेल लाइन बिछाने और जिला मुख्यालय पर रेलवे स्टेशन के निर्माण का काम तेजी से चल रहा है। यानी जिस रेल को देखने के लिए जिलेवासियों को वर्षों से इंतजार था, उसकी पटरी अब जिला मुख्यालय की ओर बढ़ रही है।
सीधी जिला मुख्यालय तक रेल पहुंचने से जिले का सीधा रेल संपर्क देश के अन्य बड़े शहरों और दूसरे क्षेत्रों से मजबूत होगा। इससे यात्रियों को आवागमन की सुविधा मिलने के साथ ही व्यापार, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यटन के क्षेत्र में भी नई संभावनाएं पैदा होने की उम्मीद है। रामपुर नैकिन-चुरहट नवीन रेलखंड के बाद परियोजना के अगले चरणों में सीधी की ओर बढ़ रहा निर्माण क्षेत्र के लिए खास महत्व रखता है। रेल संपर्क से अभी सडक़ परिवहन पर निर्भर रहने वाले यात्रियों को वैकल्पिक और सुविधाजनक परिवहन साधन मिलेगा। साथ ही जिले में आने-जाने वाले लोगों, व्यापारियों और विद्यार्थियों के लिए भी आवागमन आसान होगा।