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Nageshwar Parshwanath: 2,830 वर्ष पुरानी प्रतिमा की देश-विदेश तक पहुंची आस्था की गूंज, जानिए क्या है इसकी खासियत

Nageshwar Parshwanath Temple: मध्य प्रदेश और राजस्थान की सीमा से सटे आलोट से महज 10 किलोमीटर की दूरी पर प्रसिद्ध नागेश्वर पार्श्वनाथ का तीर्थ स्थल स्थित है। यह मंदिर प्राचीन इतिहास और अद्भुत शिल्पकला का संगम है। इस बारे में विस्तार से बता रहे हैं आशीष पाठक और अंकित भंडारी...
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भारत

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Swatantra Mishra

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आशीष पाठक/अंकित भंडारी

Aug 22, 2026

Nageshwar Parshwanath jain temple

नागेश्वर पार्श्वनाथ का मंदिर जैन श्रद्धालुओं की विशेष आस्था का केंद्र (Photo: Rajasthan Patrika)

Nageshwar Parshwanath : रतलाम जिला मुख्यालय के आलोट नगर से महज 10 किलोमीटर दूर राजस्थान-मध्यप्रदेश की सीमा के समीप उन्हेल गांव में स्थित श्री नागेश्वर पार्श्वनाथ तीर्थ जैन समाज की आस्था का ऐसा प्रमुख केंद्र है, जहां प्राचीन इतिहास, धर्म और स्थापत्य कला एक साथ दिखाई देते हैं। 23वें तीर्थंकर भगवान पार्श्वनाथ को समर्पित यह तीर्थ न केवल मालवा और राजस्थान बल्कि देशभर के जैन श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखता है। रतलाम से करीब 100 किलोमीटर और आलोट रेलवे स्टेशन से करीब 10 किलोमीटर दूर स्थित यह तीर्थ समय के साथ देश-विदेश में भी अपनी अलग पहचान बना चुका है।

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