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Mawa Jalebi : बुरहानपुर की ‘मावा जलेबी’ ने घोली मिठास, देश तो छोड़िए सात समंदर पार भी मुरीद हुए लोग

Mawa Jalebi : मध्यप्रदेश के बुरहानपुर में मैदे की जगह शुद्ध मावे से जलेबी बनाई जाती है। इस गाढ़ी और नर्म जलेबी का स्वाद सबसे अलग है। यहां की जलेबी 1984 के एक नवाचार से लेकर अब जीआई टैग की दौड़ में शामिल हो चुकी है। इस खास जलेबी के बारे में पढ़िए जितेंद्र सिंह चौहान की खास रिपोर्ट।
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Aug 24, 2026
Mawa Jalebi Mawa Jalebi Burhanpur
बुरहानपुर की मावा जलेबी लोग अपने साथ विदेश भी लेकर जाते हैं। (Photo : Rajasthan Patrika)

Mawa Jalebi of MP: मध्य प्रदेश के ऐतिहासिक शहर बुरहानपुर की पहचान केवल ताप्ती नदी के तट, शाही हमाम और ऐतिहासिक किलों तक सीमित नहीं है। इस शहर में एक ऐसी मिठास भी घुली है, जिसका दीवाना पूरा देश हो चुका है। हम बात कर रहे हैं बुरहानपुर की सुप्रसिद्ध 'मावा जलेबी' की। शुद्ध मावे (खोया) से तैयार होने वाली यह अनूठी जलेबी आज अपनी बनावट, सोंधेपन और लाजवाब स्वाद के कारण खान-पान के शौकीनों की पहली पसंद बन चुकी है।

बुरहानपुर आने वाला कोई भी मुसाफिर इस मिठास का स्वाद चखे बिना नहीं लौटता। शहर की तंग गलियों से निकलकर यह जायका अब महानगरों से होता हुआ सात समंदर पार अमेरिका, सऊदी अरब, चीन और बांग्लादेश तक अपनी खुशबू बिखेर रहा है।

1984 में ईजाद हुई नई जलेबी और स्वाद भी बदला

बुरहानपुर में मावा जलेबी की शुरुआत का सफर करीब चार दशक पुराना है। इकबाल चौक पर दुकान चलाने वाले प्रमुख जलेबी संचालक मोहम्मद मुश्ताक बताते हैं कि शहर में 1984 से पहले केवल पारंपरिक मैदे वाली पतली जलेबी ही मिलती थी। उन्होंने इस पारंपरिक स्वाद को नया रूप देने की ठानी। इसके लिए मैदे के घोल की जगह शुद्ध मावे (खोया) को आधार बनाकर जलेबी तली। पहली ही बार में यह प्रयोग इतना सफल रहा कि दुकान पर खरीदारों की भारी भीड़ उमड़ने लगी।

मुश्ताक परिवार की सफलता के बाद शहर के कई मिठाई दुकान और जलेबी व्यापारियों जैसे हाजी मुश्ताक जलेबी सेंटर, बुरहानपुर मावा जलेबी भंडार, नूरानी स्वीट्स और इकबाल चौक व गांधी चौक के अन्य हलवाइयों ने भी इस खास 'मावा जलेबी' को अपने मेन्यू में शामिल कर लिया। देखते ही देखते 'मावा जलेबी' पूरे बुरहानपुर का ट्रेडमार्क बन गई।

मुंबई से लेकर सात समंदर पार तक जलवा

बुरहानपुर की 'मावा जलेबी' का स्वाद देश ही नहीं विदेशों तक पहुंचा है। मोहम्मद मुश्ताक के परिवार ने वर्ष 2004 में मुंबई के मशहूर मोहम्मद अली रोड पर जलेबी का स्टॉल लगाया। लोगों को जलेबी का स्वाद इतना भाया कि रमजान का महीना हो या आम दिन, मुंबई के इस आउटलेट पर बुरहानपुर की जलेबी के लिए लंबी कतारें लगती हैं। ऐसे ही बुरहानपुर के व्यापारियों ने महाराष्ट्र (पुणे, नासिक, मुंबई) और गुजरात (सूरत, अहमदाबाद) के कई शहरों में 'बुरहानपुर जलेबी' के नाम से आउटलेट्स खोले हैं। यही नहीं बुरहानपुर से विदेश जाने वाले प्रवासी और विदेशी पर्यटक जलेबी के विशेष पैकिंग करवाकर अमेरिका, सऊदी अरब, यूएई, चीन और बांग्लादेश तक अपने साथ ले जाते हैं। यह जलेबी 4 से 5 दिनों तक बिना खराब हुए अपने मूल स्वाद को बनाए रखती है।

यह है मावा जलेबी की खासियत

  • यह आम जलेबी की तरह पतली और कुरकुरी होने के बजाय मोटी, गहरे कत्थई/भूरे रंग की और अंदर से बेहद नर्म व रसभरी होती है।
  • इसमें शुद्ध मावे में मामूली अरारोट मिलाकर तैयार करते हैं और फिर धीमी आंच पर देसी घी में तलते हैं।
  • तलने के बाद इसे गाढ़ी, इलायची और केसर युक्त चाशनी में डुबोया जाता है, जिससे हर बाइट में मावे की सोंधी मिठास महसूस होती है।
  • जलेबी 4 से 5 दिनों तक बिना खराब हुए अपने स्वाद को बनाए रखती है।

राजनेता भी स्वाद के मुरीद, रोजाना 200 किलो खपत

जलेबी व्यापारी बता रहे हैं कि शहर में सामान्य दिनों में 150 से 200 किलोग्राम मावा जलेबी की बिक्री होती है। त्योहारी सीजन और शादियों के समय यह मांग 400 से 500 किलोग्राम तक पहुंच जाती है। मावा जलेबी का स्वाद की तारीफ राजनीति के बड़े-बड़े दिग्गज भी कर चुके हैं। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, कांग्रेस नेता राहुल गांधी, एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी और सांसद इमरान प्रतापगढ़ी जब भी बुरहानपुर आए, तब उन्होंने मावा जलेबी का लुत्फ उठाया।

मावा जलेबी को जीआई टैग दिलाने की तैयारी

बुरहानपुर की मावा जलेबी को भौगोलिक पहचान दिलाने के लिए मिठाई व्यापारी संघ और प्रशासन लंबे समय से प्रयासरत हैं। मोहम्मद मुश्ताक सहित अन्य जलेबी व्यापारियों का कहना है कि पहले किए गए कुछ आवेदनों में तकनीकी कमियों के कारण प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी थी। अब स्थानीय प्रशासन के सहयोग से इसके ऐतिहासिक साक्ष्य, पारंपरिक रेसिपी और उत्पादन पद्धति का दस्तावेजीकरण कर नए सिरे से आवेदन की तैयारी की जा रही है। जीआई टैग मिलने से बुरहानपुर के मिष्ठान कारोबार को वैश्विक मंच पर एक मजबूत ब्रांड वैल्यू मिलेगी।

Updated on:
24 Aug 2026 10:17 am
Published on:
24 Aug 2026 10:17 am
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