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22 की उम्र में उठाई शराबबंदी की आवाज, आज महिलाओं को बना रहीं आत्मनिर्भर, जानें छत्तीसगढ़ की कामिनी की संघर्षगाथा

Chhattisgarh Women Empowerment: 22 साल की उम्र में शराबबंदी के खिलाफ आवाज उठाने वाली कामिनी आज 25 से अधिक गांवों की महिलाओं को जागरूक करने और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम कर रही हैं।
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Chhattisgarh News

छत्तीसगढ़ की कामिनी (फोटो सोर्स- पत्रिका)

Kamini Struggle Story: सक्ती जिले के डबरा ब्लॉक के कोमो गांव की 52 वर्षीय कामिनी धरमा ने अपनी जिंदगी की मुश्किलों को कमजोरी नहीं, बल्कि ताकत बनाया। करीब तीन दशक पहले गांव में शराबबंदी के खिलाफ आवाज उठाने से शुरू हुआ उनका संघर्ष आज महिलाओं के अधिकार, घरेलू हिंसा, लैंगिक समानता, शिक्षा और आत्मनिर्भरता की मुहिम में बदल चुका है। आसपास के 25 से अधिक गांवों की महिलाएं आज उन्हें अपना आदर्श मानती हैं। कामिनी ने न केवल महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया, बल्कि उन्हें रोजगार से जोड़कर आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में भी लगातार काम किया।

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