
यह अगस्त की सावन पूर्णिमा अर्थात 28 अगस्त 2026 को लगने वाले आंशिक चंद्र ग्रहण का समय है, एक खगोलीय घटना जो भारत में दिखाई नहीं देगी, लेकिन ज्योतिषीय दृष्टि से इसका प्रभाव कई राशियों पर माना जा रहा है। आइए जानते हैं इस ग्रहण का समय और किन राशियों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
28 अगस्त 2026 को सुबह 6:54 बजे से दोपहर 12:32 बजे तक आंशिक चंद्र ग्रहण रहेगा, जिसका सर्वोच्च समय लगभग 9:43 बजे होगा। हालांकि भारत में यह ग्रहण दिखाई नहीं देगा, क्योंकि उस समय चंद्रमा क्षितिज के नीचे रहेगा। इसलिए पारंपरिक धार्मिक नियमों के अनुसार भारत में सूतक काल लागू नहीं होगा अर्थात न पूजा में रोक, न ही मंदिर बंदी।
वैदिक ज्योतिष के अनुसार, यह ग्रहण कुंभ राशि और शतभिषा नक्षत्र में हो रहा है, जहां चंद्रमा राहु के साथ युति में रहेगा। इस स्थिति को भावनात्मक अस्थिरता (Emotional Instability), निर्णय क्षमता पर प्रभाव और मानसिक तनाव से जोड़ा जाता है।
इसके अतिरिक्त, एक अन्य ज्योतिषीय दृष्टिकोण के अनुसार चार राशियों को सबसे अधिक प्रतिकूल प्रभाव का सामना करना पड़ सकता है, कर्क, सिंह, वृश्चिक और मीन। इस दृष्टिकोण में चंद्रमा शनि और राहु के बीच फंसा हुआ माना गया है, जो इन राशियों के लिए विशेष सतर्कता का संकेत है।
| राशि | संभावित प्रभाव / सावधानी |
|---|---|
| मेष | मानसिक बेचैनी, आत्मविश्वास में कमी, प्रेम/संतान संबंधी तनाव |
| मिथुन | आर्थिक अस्थिरता, अचानक खर्च, स्वास्थ्य पर ध्यान |
| सिंह | धन और रिश्तों में तनाव, दांपत्य जीवन में कलह, निवेश में सतर्कता |
| कन्या | नए काम में सावधानी, कार्यस्थल पर तनाव, अचानक निर्णय से बचें |
| धनु | आर्थिक/सामाजिक उतार-चढ़ाव, सार्वजनिक बातचीत में संयम, यात्रा में सतर्कता |
| कुंभ | वैवाहिक/आर्थिक तनाव, अनजान व्यक्ति से वित्तीय लेन-देन से बचें |
| कर्क, वृश्चिक, मीन | विशेष रूप से प्रतिकूल प्रभाव, स्वास्थ्य और भावनात्मक सतर्कता आवश्यक |
चूंकि ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा और सूतक लागू नहीं होगा, इसलिए धार्मिक या दैनिक जीवन में कोई बाधा नहीं है। फिर भी, ज्योतिषीय दृष्टि से यह समय संयम, सोच-समझकर निर्णय लेने और विवादों से दूर रहने का माना जाता है। यदि आप इन राशियों में से हैं, तो आर्थिक फैसलों, रिश्तों और स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दें।
यदि आप जानना चाहते हैं कि आपकी व्यक्तिगत कुंडली में ग्रहण का प्रभाव कैसा रहेगा, तो जन्म समय और जन्म स्थान के आधार पर व्यक्तिगत ज्योतिषीय सलाह लेना बेहतर रहेगा।
(डिस्क्लेमर: यह लेख ज्योतिष शास्त्र की पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित है, वैज्ञानिक तथ्य पर नहीं। कृपया इसे आस्था के रूप में लें और महत्वपूर्ण निर्णयों से पहले विशेषज्ञ की सलाह लें।)