
भारत में 5G तकनीक अब केवल एक कनेक्टिविटी का माध्यम नहीं रह गई है। अब यह एक व्यापक परिवर्तन की शुरुआत है, जो हमारे पढ़ने, काम करने, खेती करने और मनोरंजन करने के तरीके को पूरी तरह बदलने वाली है। अब जब 5G सेवा लगभग हर जिले में उपलब्ध हो चुकी है। आइए समझते हैं कि यह तकनीकी हमारे जीवन को कैसे बदलने जा रही है?
भारत में 5G सेवाएं अब लगभग सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में उपलब्ध हैं। देश के 99.9% जिलों में इसकी पहुंच हो चुकी है। फरवरी 2026 तक देश में 5.23 लाख 5G बेस ट्रांसीवर स्टेशन (BTS) स्थापित किए जा चुके हैं। साल 2025 के अंत तक भारत में लगभग 430 मिलियन 5G सब्सक्रिप्शन हो चुके थे, जो एक बहुत तेजी से बढ़ता हुआ रुझान दर्शाता है।
एक अध्ययन के अनुसार, 5G से 2030 तक भारत में उद्यमों को लगभग 17 अरब डॉलर का अतिरिक्त राजस्व मिल सकता है, विशेषकर निर्माण, ऊर्जा, आईसीटी और रिटेल क्षेत्रों में। मीडिया रिपोर्ट्स बताती हैं कि 2027 तक भारत में 5G उपयोगकर्ता 500 मिलियन से अधिक हो सकते हैं और 5G 2030 तक भारत की GDP में लगभग 2% योगदान दे सकता है, यानी लगभग 180 अरब डॉलर होगा। टेलिकॉम एंड नेटवर्किंग इक्विपमेंट उद्योग का आकार 2025 में लगभग 25 अरब डॉलर था, जो 2032 तक लगभग 50 अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है। यानी लगभग 10% की वार्षिक वृद्धि दर होगी।
सरकार ने 2022 में 'Telecom Technology Development Fund' योजना शुरू की है। इसके तहत 5G और 6G से जुड़े R&D प्रोजेक्ट्स को समर्थन दिया जा रहा है। देश में 5G टेस्ट बेड स्थापित किए गए हैं, जिनमें IIT मद्रास, IIT दिल्ली, IIT हैदराबाद, IIT बॉम्बे, IIT कानपुर, IISc बेंगलुरु, SAMEER और CEWiT चेन्नई शामिल हैं। इसके अलावा, 100 से अधिक 5G प्रयोगशालाएं (लैब्स) स्थापित की गई हैं, जिनका उद्देश्य कृषि, स्वास्थ्य, लॉजिस्टिक्स, शहरी प्रबंधन और शासन जैसे क्षेत्रों में 5G अनुप्रयोगों का विकास करना है। भारत 6G एलायंस भी बनाया गया है, जो उद्योग, अकादमी, अनुसंधान संस्थानों और मानक निकायों को जोड़कर 6G की तैयारी कर रहा है।
फाइबर नेटवर्क की कमी, महंगे स्पेक्ट्रम और घरेलू उपकरण निर्माण पर निर्भरता जैसी चुनौतियां अभी भी बनी हुई हैं। लेकिन टेलीकॉम नीति 2025 के तहत 2030 तक इस क्षेत्र में रोजगार, R&D, निर्यात और निवेश को दोगुना करने का लक्ष्य रखा गया है।
5G ने भारत में डिजिटल बदलाव की नींव रख दी है। अब आवश्यकता है कि फाइबर नेटवर्क को मजबूत किया जाए, स्पेक्ट्रम की कीमतों को नियंत्रित किया जाए, और घरेलू निर्माण व नवाचार को बढ़ावा दिया जाए। जब ये तैयारियां पूरी होंगी, तब 5G केवल एक तकनीक नहीं, बल्कि एक परिवर्तन की लहर बनकर हमारे जीवन को हर स्तर पर बदल देगा। इस बदलाव का असर शिक्षा, कृषि, मनोरंजन और अन्य तमाम सेक्टर में दिखेगा।