
लोन आवेदन रिजेक्ट होना किसी भी आवेदक के लिए चिंता की बात हो सकती है, लेकिन इसे वित्तीय यात्रा का अंत नहीं माना जाना चाहिए। कई बार कम क्रेडिट स्कोर, पहले से चल रहे कर्ज, आय के मुकाबले अधिक EMI, दस्तावेजों में गड़बड़ी या लोनदाता की पात्रता शर्तें आवेदन अस्वीकार होने की वजह बन सकती हैं। ऐसे में दोबारा आवेदन करने से पहले रिजेक्शन का कारण समझना और अपनी वित्तीय प्रोफाइल की समीक्षा करना जरूरी है।
लोन आवेदन अस्वीकार होने के बाद सबसे पहले बैंक या लेंडर से रिजेक्शन का मुख्य कारण पूछें। RBI के दिशा-निर्देशों के अनुसार बैंकों और हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों को लोन आवेदन अस्वीकार करने के मुख्य कारण आवेदक को बताने चाहिए।
रिजेक्शन का कारण पता होने पर यह समझना आसान हो जाता है कि समस्या क्रेडिट हिस्ट्री में है, आय और मौजूदा कर्ज में है या दस्तावेजों से जुड़ी है।
लोन रिजेक्शन के बाद अपनी क्रेडिट रिपोर्ट जरूर देखें। केवल स्कोर ही नहीं, बल्कि रिपोर्ट में दर्ज पुराने और मौजूदा लोन, भुगतान इतिहास, बकाया राशि और क्रेडिट इंक्वायरी की भी जांच करें।
अगर बंद हो चुका लोन अभी भी सक्रिय दिखाई दे रहा है, भुगतान अपडेट नहीं हुआ है या नाम, पता अथवा खाते की जानकारी गलत है, तो संबंधित गलती को सुधारने के लिए विवाद दर्ज किया जा सकता है। CIBIL के अनुसार विवाद के समाधान में लगभग 30 दिन लग सकते हैं, जो संबंधित क्रेडिट संस्था की प्रतिक्रिया पर भी निर्भर करता है।
लेंडर आपकी आय के साथ मौजूदा कर्ज और EMI की स्थिति भी देख सकता है। यदि आपकी आय का बड़ा हिस्सा पहले से चल रही EMI में जा रहा है, तो नया लोन मिलना मुश्किल हो सकता है।
ऐसी स्थिति में पहले से चल रहे छोटे कर्ज को चुकाने, क्रेडिट कार्ड का बकाया कम करने या जरूरत के मुताबिक कम लोन राशि के लिए आवेदन करने पर विचार किया जा सकता है। हालांकि, हर लेंडर की पात्रता और जोखिम आकलन अलग होता है, इसलिए कोई एक निश्चित EMI प्रतिशत सभी मामलों पर लागू नहीं होता।
लोन आवेदन में PAN, आधार, बैंक स्टेटमेंट, आय प्रमाण, सैलरी स्लिप और पते से जुड़े दस्तावेजों की जानकारी एक-दूसरे से मेल खानी चाहिए।
नाम की स्पेलिंग, जन्मतिथि, पता या रोजगार से जुड़ी जानकारी में असंगति होने पर अतिरिक्त जांच या आवेदन में देरी हो सकती है। दोबारा आवेदन करने से पहले सभी दस्तावेजों की जानकारी ध्यान से मिलाएं और मांगे गए दस्तावेज पूरे जमा करें।
लोन के लिए बार-बार आवेदन करने पर क्रेडिट रिपोर्ट में नई इंक्वायरी दर्ज हो सकती है। CIBIL भी नए क्रेडिट के लिए सावधानी से आवेदन करने और अत्यधिक क्रेडिट लेने की कोशिश से बचने की सलाह देता है।
इसलिए एक आवेदन रिजेक्ट होने के तुरंत बाद कई बैंकों और लेंडरों में एक साथ आवेदन करने से बचना बेहतर है। पहले रिजेक्शन का कारण समझें, जरूरी सुधार करें और फिर अपनी प्रोफाइल के अनुरूप लेंडर चुनें।
हर बैंक, NBFC या अन्य लेंडर की पात्रता शर्तें अलग हो सकती हैं। किसी एक संस्था से आवेदन रिजेक्ट होने का अर्थ यह नहीं है कि हर जगह आपका आवेदन अस्वीकार होगा। लेकिन केवल मंजूरी की उम्मीद में बिना जांच किए कई जगह आवेदन करना भी सही रणनीति नहीं है।
अपनी आय, क्रेडिट हिस्ट्री, मौजूदा EMI और जरूरत के अनुसार लोन राशि का आकलन करें। इसके बाद उन लेंडरों की पात्रता शर्तें देखें जिनसे आवेदन करना वास्तव में उचित हो।
लेंडर से रिजेक्शन का मुख्य कारण जानें।
गलत जानकारी मिलने पर विवाद दर्ज करें।
अपनी CIBIL और अन्य क्रेडिट रिपोर्ट जांचें।
मौजूदा EMI और बकाया कर्ज की समीक्षा करें।
रिजेक्शन के तुरंत बाद कई जगह आवेदन करने से बचें।
PAN, आधार और आय से जुड़े दस्तावेजों की जानकारी मिलाएं।
सुधार के बाद अपनी प्रोफाइल के अनुसार लेंडर और लोन राशि चुनें।
दोबारा लोन आवेदन करने से पहले यह सुनिश्चित करें कि पिछली अस्वीकृति की वजह दूर करने के लिए आपने वास्तविक सुधार किया है। सिर्फ कुछ दिन इंतजार करने से मंजूरी की गारंटी नहीं होती। अगर क्रेडिट रिपोर्ट में गलती है तो पहले उसे ठीक कराना, मौजूदा कर्ज का बोझ कम करना और दस्तावेजों को व्यवस्थित करना ज्यादा महत्वपूर्ण है।
यह भी ध्यान रखें कि कोई भी क्रेडिट स्कोर या EMI अनुपात अपने आप लोन मंजूरी की गारंटी नहीं देता। अंतिम फैसला संबंधित लेंडर की अपनी पात्रता, जोखिम मूल्यांकन और अन्य शर्तों पर निर्भर करता है।
बहरहाल लोन रिजेक्शन को अपनी वित्तीय स्थिति की समीक्षा का संकेत मानें। कारण समझकर क्रेडिट रिपोर्ट, मौजूदा कर्ज, EMI और दस्तावेजों में सुधार करें। इसके बाद ही जरूरत और पात्रता के अनुसार दोबारा आवेदन करें। इससे अनावश्यक आवेदन से बचने और बेहतर तैयारी के साथ लोन लेने में मदद मिल सकती है।
(नोट: यह लेख सामान्य वित्तीय जानकारी के लिए है। व्यक्तिगत वित्तीय निर्णय लेने से पहले संबंधित बैंक/लेंडर की शर्तें देखें और जरूरत होने पर योग्य वित्तीय सलाहकार से सलाह लें।)