
उत्तर प्रदेश की कई छुपी हुई जगहें अब इंस्टाग्राम पर अचानक चमकने लगी हैं। यहां ली गईं तस्वीरें सुनहरी यादें बन जाती हैं। आइए कुछ ऐसी ही जगहों के बारे में जानते हैं, जो आपकी अगली ट्रेवल जर्नी का हिस्सा बन सकती हैं।
चंद्रप्रभा वन्यजीव अभयारण्य में स्थित राजदरी और देवदरी झरने, वाराणसी से लगभग 65 किलोमीटर दूर हैं। ये झरने मानसून के बाद अपनी हरियाली और धुंधली सुंदरता के लिए जाने जाते हैं और अक्सर इंस्टाग्राम पर वायरल होते हैं। लखनपुर जिले में स्थित सोन व्यू प्वाइंट मानसून में छोटी‑छोटी झरनों और घाटियों का दृश्य दिखाता है। यह एक शांत और फोटो‑फ्रेंडली पिकनिक स्पॉट है।
पीलीभीत टाइगर रिजर्व के पास छुपा हुआ चूका बीच, शारदा नदी के जलाशय के किनारे बसा एक ऐसा स्थल है, जहां लकड़ी के झोपड़े (ट्री‑हाउस) और शांत पानी का दृश्य गोवा‑मालदीव जैसा एहसास देता है। यह जगह तेजी से लोकप्रिय हो गई है। इसी क्षेत्र में दुधवा नेशनल पार्क और कतरनियाघाट जैसे वन्यजीव स्थल भी सोशल मीडिया पर धीरे‑धीरे अपनी जगह बना रहे हैं, जहां सफारी, पक्षी दर्शन और हरियाली का आनंद मिलता है।
बटेश्वर मंदिर, आगरा के यमुना किनारे स्थित 101 शिव मंदिरों का समूह, अक्सर सूर्योदय या सूर्यास्त के समय बेहद शांत और सुंदर दृश्य प्रस्तुत करता है। इंस्टाग्राम पर इसकी तस्वीरें तेजी से साझा की जा रही हैं। देवगढ़ (ललितपुर) में दशावतार मंदिर और जैन मंदिरों का समूह गुप्त काल की उत्कृष्ट वास्तुकला का उदाहरण है, जो अभी भी मुख्यधारा के पर्यटन से दूर है। कालिंजर किला (बांदा) अपनी ऊंचाई और अजेय इतिहास के कारण विशेष है और इसका नीलकंठ महादेव मंदिर शिव पुराण की कथा से जुड़ा हुआ है।
सारस क्रेन के आवास के रूप में प्रसिद्ध नवाबगंज पक्षी विहार (उन्नाव) पक्षी प्रेमियों के लिए एक शांतिपूर्ण स्थल है, खासकर सर्दियों में जब प्रवासी पक्षी आते हैं। परवती अर्गा पक्षी विहार को हाल ही इको‑सेंसिटिव जोन का दर्जा मिला है, जो इसे और अधिक संरक्षित और आकर्षक बनाता है।
बुंदेलखंड ट्रेल के तहत कालिंजर किला, देवगढ़, चरखारी और चित्रकूट जैसे स्थल अब सड़क मार्ग से आसानी से जुड़ गए हैं। बुंदेलखंड एक्सप्रेस‑वे ने दिल्ली, नोएडा और लखनऊ से इन जगहों की दूरी कम कर दी है, जिससे ये स्थल वीकेंड ट्रिप के लिए उपयुक्त हो गए हैं। चरखारी, जिसे ‘बुंदेलखंड का कश्मीर’ कहा जाता है, कृत्रिम तालाबों और हरियाली से भरा है। यहां का दृश्य और शांति दोनों ही इंस्टाग्राम पर शेयर करने लायक हैं।
| श्रेणी | स्थल | खासियत |
|---|---|---|
| प्राकृतिक दृश्य | राजदरी, देवदरी झरने | हरियाली, धुंध, फोटो‑फ्रेंडली दृश्य |
| झरनें | सोन व्यू प्वाइंट | घाटी और झरनों का मनोरम दृश्य |
| नदी/बीच अनुभव | चूका बीच | ट्री‑हाउस, शांत जल, वन्यजीव दृश्य |
| वन्यजीव स्थल | दुधवा, कतरनियाघाट | सफारी, पक्षी दर्शन, हरियाली |
| ऐतिहासिक स्थल | बटेश्वर मंदिर, देवगढ़, कालिंजर किला | पुरातन वास्तुकला, शांति, विरासत |
| पक्षी प्रेमी स्थल | नवाबगंज, परवती अर्गा विहार | पक्षी, इको‑सेंसिटिव जोन |
| बुंदेलखंड ट्रेल | चरखारी, चित्रकूट | तालाब, पहाड़, आस्था और प्राकृतिक सौंदर्य |
युवा, सोलो ट्रैवलर, परिवार या सीनियर, हर तरह के यात्री के लिए ये स्थल कुछ नया और शांत अनुभव देते हैं। इंस्टाग्राम पर इन जगहों की तस्वीरें काफी पसंद की जाती हैं।
अगर आप भी इन अनदेखे स्थलों की यात्रा करना चाहते हैं, तो वीकेंड या छुट्टियों में बुंदेलखंड ट्रेल या चंद्रप्रभा झरनों की योजना बनाएं। स्थानीय मौसम (विशेषकर मानसून के बाद झरनों का समय) और सड़क कनेक्टिविटी का ध्यान रखें। यात्रा से पहले स्थानीय पर्यटन विभाग या आधिकारिक वेबसाइट से जानकारी लेना भी उपयोगी रहेगा।