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LPG Booking Fraud: गैस बुकिंग के बहाने ठगी से बचने के जानिए आसान तरीके

LPG Fraud से बचने के लिए ग्राहकों को अनजान कॉल, संदिग्ध लिंक, OTP और UPI PIN से जुड़ी मांगों को लेकर सतर्क रहना चाहिए। गैस बुकिंग या KYC के नाम पर मांगी गई संवेदनशील जानकारी शेयर करने से पहले आधिकारिक माध्यम से पुष्टि करना जरूरी है।
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Aug 15, 2026
LPG Fraud Alert News.
गैस बुकिंग में धोखाधड़ी से बचें, रहें सतर्क और सुरक्षित। ( फोटो: AI)

LPG Booking अब मोबाइल फोन के जरिए कुछ ही समय में की जा सकती है। ग्राहक ऐप, वेबसाइट, फोन, SMS या अन्य डिजिटल माध्यमों से सिलेंडर की बुकिंग कर लेते हैं। लेकिन डिजिटल सुविधा बढ़ने के साथ साइबर ठगी के तरीके भी बदल रहे हैं। गैस बुकिंग, KYC, सब्सिडी, डिलीवरी और रिफंड जैसे बहानों का इस्तेमाल करके ठग ग्राहकों से संपर्क कर सकते हैं।

आप भरोसा जीतने के भुलावे में न आएं

ऐसी ठगी में सबसे पहले भरोसा जीतने की कोशिश की जाती है। सामने वाला खुद को गैस एजेंसी का कर्मचारी, डिलीवरी एजेंट या कंपनी का प्रतिनिधि बताकर बातचीत शुरू कर सकता है। इसके बाद ग्राहक से मोबाइल पर आए OTP की जानकारी देने, किसी लिंक पर क्लिक करने, ऐप डाउनलोड करने या भुगतान करने के लिए कहा जा सकता है।

ग्राहकों के लिए सबसे जरूरी बात यह है कि फोन पर किसी व्यक्ति के दावा करने मात्र से उसकी पहचान प्रमाणित नहीं हो जाती। LPG से जुड़ा कोई काम होने पर जानकारी की पुष्टि आधिकारिक माध्यम से करना ज्यादा सुरक्षित है।

बुकिंग के नाम पर शुरू हो सकती है बातचीत

साइबर ठगी करने वाला व्यक्ति सीधे बैंक खाते की जानकारी मांगने के बजाय सामान्य बातचीत से शुरुआत कर सकता है। वह यह कह सकता है कि आपकी गैस बुकिंग में कोई तकनीकी परेशानी है या डिलीवरी की प्रक्रिया पूरी करने के लिए कुछ जानकारी जरूरी है।

इसके बाद ग्राहक को एक लिंक भेजा जा सकता है। लिंक पर जाकर मोबाइल नंबर, ग्राहक संबंधी जानकारी या भुगतान विवरण भरने के लिए कहा जा सकता है।

कई बार ठग बातचीत को विश्वसनीय बनाने के लिए ग्राहक को यह भी बताते हैं कि बुकिंग कैंसिल होने वाली है या डिलीवरी रोक दी गई है। ऐसी जल्दबाजी पैदा करने वाली बातों पर तुरंत प्रतिक्रिया देने के बजाय पहले जानकारी की जांच करनी चाहिए।

KYC के नाम पर भी रहें सतर्क

KYC अपडेट करने के नाम पर आने वाले संदेशों को भी बिना जांचे सही नहीं मानना चाहिए। अगर किसी मैसेज में LPG कनेक्शन बंद होने, सब्सिडी रुकने या बुकिंग जारी रखने के लिए तुरंत KYC पूरी करने की बात कही गई है, तो पहले संबंधित गैस कंपनी के आधिकारिक माध्यम से इसकी पुष्टि करें।

अनजान वेबसाइट पर आधार, बैंक खाता, कार्ड नंबर या अन्य संवेदनशील जानकारी भरना जोखिम भरा हो सकता है।

विशेष रूप से ऐसे लिंक से सावधान रहना चाहिए जिनमें वेबसाइट का पता असामान्य हो या जो किसी अनजान डोमेन पर ले जाते हों।

OTP को लेकर सबसे ज्यादा सावधानी

मोबाइल पर आने वाला OTP किसी प्रक्रिया को सत्यापित करने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। इसलिए इसे किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा करना सुरक्षित नहीं है।

अगर आपने खुद कोई प्रक्रिया शुरू नहीं की है और अचानक OTP प्राप्त हो जाता है, तो उसे किसी कॉलर को बताने की जरूरत नहीं है। इसी तरह कोई व्यक्ति यह कहे कि OTP बताने से गैस बुकिंग पूरी होगी, सब्सिडी मिलेगी या रिफंड प्राप्त होगा, तो पहले उसकी सत्यता जांचें।

फोन पर मौजूद व्यक्ति कितना भी भरोसेमंद क्यों न लगे, OTP साझा करने से पहले रुकना जरूरी है।

UPI PIN और QR Code के मामले में भी सावधानी

ठगी का एक तरीका डिजिटल भुगतान से जुड़ा हो सकता है। किसी व्यक्ति के कहने पर भुगतान करने से पहले यह सुनिश्चित करें कि पैसा किस कारण भेजा जा रहा है।

UPI PIN का इस्तेमाल भुगतान को अधिकृत करने के लिए होता है। इसलिए किसी अनजान व्यक्ति के निर्देश पर UPI PIN डालने से बचें।

अगर कोई व्यक्ति पैसे प्राप्त करने के नाम पर QR Code स्कैन करने या UPI PIN डालने को कहता है, तो सावधान हो जाएं। भुगतान से संबंधित किसी भी अनुरोध को स्वीकार करने से पहले स्क्रीन पर दिखाई जा रही जानकारी को ध्यान से पढ़ें।

Fake Link को पहचानना क्यों जरूरी है?

फर्जी लिंक देखने में वास्तविक वेबसाइट जैसे लग सकते हैं। इनमें LPG, Booking, KYC, Subsidy या Delivery जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया जा सकता है। केवल नाम देखकर किसी लिंक को आधिकारिक नहीं माना जाना चाहिए।

SMS या WhatsApp पर भेजे गए लिंक को खोलने से पहले उसके स्रोत की जांच करें। अगर संदेश किसी अनजान नंबर से आया है और उसमें तुरंत कार्रवाई करने का दबाव बनाया गया है, तो उसे लेकर विशेष सावधानी बरतें।

संदिग्ध वेबसाइट पर लॉगिन जानकारी, बैंक डिटेल, कार्ड की जानकारी या OTP दर्ज नहीं करना चाहिए।

गैस बुकिंग के लिए आधिकारिक माध्यम चुनें

LPG से जुड़ी सेवाओं के लिए ग्राहक को अपनी गैस कंपनी के आधिकारिक ऐप, वेबसाइट, अधिकृत ग्राहक सेवा या वितरक से संपर्क करना चाहिए।

अगर किसी फोन कॉल में बुकिंग से जुड़ी समस्या बताई जाती है, तो उसी नंबर पर भरोसा करने के बजाय ग्राहक खुद आधिकारिक माध्यम से जानकारी प्राप्त कर सकता है।

यही तरीका KYC, सब्सिडी, रिफंड और डिलीवरी से जुड़ी किसी भी समस्या में अपनाया जा सकता है।

ठगी हो जाए तो तुरंत क्या करें?

अगर किसी ग्राहक ने गलती से बैंकिंग जानकारी साझा कर दी है या संदिग्ध भुगतान कर दिया है, तो मामले को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। संबंधित बैंक या भुगतान सेवा से तुरंत संपर्क करके खाते और लेनदेन की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने चाहिए।

संदिग्ध कॉल का नंबर, SMS, WhatsApp संदेश, वेबसाइट लिंक और भुगतान से जुड़े रिकॉर्ड सुरक्षित रखना भी उपयोगी हो सकता है। ये विवरण शिकायत करते समय काम आ सकते हैं।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि साइबर ठगी का पता लगने के बाद कार्रवाई में देरी नहीं करनी चाहिए।

LPG ग्राहकों के लिए आसान सुरक्षा नियम

संदिग्ध SMS और WhatsApp लिंक पर क्लिक करने से बचें।

गैस बुकिंग के नाम पर आए हर फोन को आधिकारिक नहीं मानें।

KYC या सब्सिडी के नाम पर मांगी गई जानकारी की पुष्टि पहले करें।

गैस कंपनी की सेवाओं के लिए आधिकारिक माध्यम का इस्तेमाल करें।

किसी अनजान व्यक्ति के निर्देश पर QR Code के जरिए भुगतान न करें।

अनजान व्यक्ति के साथ OTP, UPI PIN, पासवर्ड या बैंकिंग जानकारी साझा न करें।

अगर ठगी का संदेह हो तो बैंक और संबंधित साइबर शिकायत व्यवस्था से तुरंत संपर्क करें।

आपके लिए कुछ जरूरी बातें

  1. Fake Callगैस बुकिंग या डिलीवरी के नाम पर आए अनजान कॉल में OTP और बैंकिंग जानकारी साझा न करें।
  2. Fake LinkKYC, सब्सिडी या बुकिंग के नाम पर भेजे गए संदिग्ध लिंक को खोलने से पहले उसकी पुष्टि करें।
  3. OTP Safetyजिस प्रक्रिया की शुरुआत आपने खुद नहीं की, उसके लिए आए OTP को किसी के साथ साझा न करें।

डिजिटल सेवा का इस्तेमाल करते समय सावधानी जरूरी

बहरहाल, LPG बुकिंग की सुविधा ने ग्राहकों का काम आसान किया है, लेकिन डिजिटल सेवा का इस्तेमाल करते समय सावधानी भी उतनी ही जरूरी है। ठगी से बचने का सबसे सरल नियम है—फोन पर मिलने वाली किसी भी जरूरी सूचना पर तुरंत कार्रवाई करने के बजाय पहले उसकी पुष्टि करें।

Updated on:
15 Aug 2026 06:55 pm
Published on:
15 Aug 2026 06:55 pm