
आजकल सेहत और फिटनेस को लेकर जागरूकता तेजी से बढ़ रही है। वजन कम करना हो या वजन बढ़ाना, हर बातचीत का केंद्र बिंदु कैलोरी बन जाता है। अक्सर लोग बिना पूरी जानकारी के कम खाने लगते हैं या इंटरनेट पर देखकर मनमाना डाइट चार्ट फॉलो करने लगते हैं। इसका नतीजा यह होता है कि वजन घटने के बजाय शरीर में कमजोरी, थकान और पोषक तत्वों की कमी होने लगती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों और मैक्स हेल्थकेयर की रिपोर्ट के अनुसार, शरीर को सुचारू रूप से चलाने के लिए सही मात्रा में ऊर्जा यानी कैलोरी की आवश्यकता होती है। यदि आप अपने शरीर की जरूरत के अनुसार कैलोरी का संतुलन समझ लें, तो वजन नियंत्रित रखना बेहद आसान हो जाता है।
कैलोरी ऊर्जा मापने की एक इकाई है। हम जो भी खाना खाते हैं या पेय पदार्थ पीते हैं, उससे शरीर को ऊर्जा मिलती है। हमारे शरीर के भीतर दिल की धड़कन, सांस लेना, पाचन क्रिया और कोशिकाओं की मरम्मत जैसे बुनियादी कार्य 24 घंटे चलते रहते हैं। इन सब क्रियाओं के लिए ऊर्जा की जरूरत होती है। जब हम कोई शारीरिक काम करते हैं, जैसे चलना, दौड़ना या काम करना, तो अतिरिक्त कैलोरी खर्च होती है।
कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन से प्रति ग्राम लगभग 4 कैलोरी ऊर्जा मिलती है, जबकि फैट से प्रति ग्राम 9 कैलोरी ऊर्जा प्राप्त होती है। इसलिए भोजन में तीनों तत्वों का संतुलित अनुपात होना बहुत जरूरी है।
भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) और राष्ट्रीय पोषण संस्थान (एनआईएन) के दिशानिर्देशों के अनुसार, भारतीय वयस्कों की ऊर्जा की जरूरत उनकी शारीरिक सक्रियता के आधार पर तय होती है।
डेस्क जॉब करने वाले या सामान्य दिनचर्या वाले पुरुषों को औसतन 2,110 कैलोरी और महिलाओं को लगभग 1,660 कैलोरी की जरूरत प्रतिदिन होती है। मध्यम मेहनत करने वाले पुरुषों को करीब 2,710 और महिलाओं को 2,130 कैलोरी की आवश्यकता होती है। वहीं भारी शारीरिक श्रम करने वालों के लिए यह आंकड़ा क्रमशः 3,470 और 2,720 कैलोरी तक पहुंच जाता है। उम्र बढ़ने के साथ शरीर की मांसपेशियां कम होने लगती हैं और मेटाबॉलिज्म धीमा पड़ जाता है, इसलिए 50 वर्ष की उम्र के बाद कैलोरी की मांग धीरे-धीरे कम होने लगती है।
दैनिक कैलोरी की जरूरत तय करने के लिए बेसल मेटाबॉलिक रेट (बीएमआर) और टोटल डेली एनर्जी एक्सपेंडिचर (टीडीईई) को समझना होता है। बीएमआर वह न्यूनतम ऊर्जा है, जो शरीर को पूरी तरह आराम की अवस्था में भी जीवित रहने के लिए चाहिए।
जब बीएमआर में आपकी दिनभर की शारीरिक गतिविधियों (चलना, काम करना, व्यायाम) को जोड़ दिया जाता है, तो कुल दैनिक ऊर्जा खपत का पता चलता है। यदि आपका लक्ष्य वजन बनाए रखना है, तो जितनी कैलोरी खर्च होती है उतनी ही भोजन से लेनी चाहिए। यदि वजन कम करना है, तो रोज की जरूरत से 300 से 500 कैलोरी कम लेनी चाहिए, जिसे कैलोरी डेफिसिट कहा जाता है। वहीं सुरक्षित तरीके से वजन बढ़ाने के लिए रोज 300 से 500 कैलोरी का सरप्लस लेना फायदेमंद माना जाता है।
डाइट और वजन नियंत्रण को लेकर कई भ्रांतियां समाज में फैली हुई हैं, जिन्हें समझना आवश्यक है।
वजन को संतुलित रखने के लिए किसी कठोर उपवास की जरूरत नहीं है। अपनी थाली में आधी जगह हरी सब्जियों और सलाद को दें, एक चौथाई हिस्सा प्रोटीन (दालें, पनीर, अंडा या अंकुरित अनाज) को और शेष एक चौथाई हिस्सा साबुत अनाज को दें। पैकेटबंद जूस, सोडा और मीठे पेय पदार्थों से बचें, क्योंकि इनमें केवल खाली कैलोरी होती है जो तेजी से वजन बढ़ाती हैं। रोजाना पर्याप्त पानी पिएं, नियमित समय पर सोएं और दिनचर्या में कम से कम 30 मिनट की वॉक या व्यायाम जरूर शामिल करें। संतुलन और निरंतरता ही लंबे समय तक स्वस्थ रहने की असली कुंजी है।