
घरों या छोटे व्यवसायों में लगे बिजली के उपकरणों की वार्षिक जांच करना बेहद जरूरी है। विद्युत उपकरणों की जांच कराना न केवल सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण है, बल्कि इससे बिजली की बचत, लागत में कमी और उपकरणों की लंबी उम्र सुनिश्चित होती है। इसलिए बिजली उपकरणों की वार्षिक जांच सिर्फ एक औपचारिकता नहीं, बल्कि सुरक्षा, बचत और कानूनी अनुपालन का एक महत्वपूर्ण कदम है। यह आपके घर और परिवार को सुरक्षित रखता है, बिजली के बिल को नियंत्रित करता है। यह आपके और राष्ट्र दोनों के लिए लाभकारी है।
विद्युत सुरक्षा निदेशालय के अनुसार, विद्युत अधिष्ठापन की समय-समय पर जांच कराना और उसमें पाई गई कमियों का तुरंत निवारण कराना सुरक्षित एवं लाभकारी होता है। खासकर जब घटिया या गैर-ISI उपकरणों का उपयोग होता है तो आग लगने की घटनाएं, शॉर्ट सर्किट या बिजली के झटके का खतरा बढ़ जाता है। प्रमाणित और गुणवत्ता वाले उपकरणों का उपयोग और उनकी नियमित जांच जीवन की सुरक्षा के लिए अनिवार्य है।
ऊर्जा दक्षता बढ़ाने के लिए सरकार ने स्टार रेटिंग कार्यक्रम लागू किया है, जिसके तहत ऊर्जा-कुशल उपकरणों को रेटिंग दी जाती है। ऊर्जा दक्षता ब्यूरो (BEE) की रिपोर्ट के अनुसार, 2022–23 में इस कार्यक्रम से 6.65% प्राथमिक ऊर्जा की बचत हुई, जिससे 50.98 Mtoe ऊर्जा बची और 194,320 करोड़ रुपये की आर्थिक बचत हुई। नियमित जांच से यह सुनिश्चित होता है कि उपकरण अपनी रेटिंग के अनुसार काम कर रहे हैं और ऊर्जा की बर्बादी नहीं हो रही।
घरेलू उपकरणों का रखरखाव उन्हें लंबे समय तक ठीक रखने में मदद करता है। समय पर जांच और मरम्मत से उपकरणों की उम्र बढ़ती है, और अचानक खराबी या बड़ी मरम्मत की जरूरत कम होती है। इससे खर्च और झंझट दोनों कम होते हैं।
उच्च वोल्टेज या विशेष विद्युत अधिष्ठापन के लिए सरकार द्वारा निर्धारित नियमों का पालन करना जरूरी है। उच्च विभव (HT) या मध्यम विभव (LT) अधिष्ठापन के लिए हर तीन या पांच साल में नियतकालिक निरीक्षण कराना अनिवार्य है। बिना अनुमति या निरीक्षण के अधिष्ठापन का उपयोग करना कानूनी अपराध माना जाता है। इससे जुड़ी प्रक्रियाएं, जैसे- बी.ए.एण्ड एल. फॉर्म भरना, निरीक्षण शुल्क जमा करना और लिखित अनुमति लेना भी जरूरी हैं।
राष्ट्रीय परीक्षण शाला (NTH) और ऊर्जा दक्षता ब्यूरो (BEE) के बीच हुए समझौते से यह सुनिश्चित होता है कि बाजार में उपलब्ध स्टार रेटेड उपकरण लगातार मापदंडों पर खरे उतर रहे हैं। इससे उपभोक्ता को भरोसा मिलता है कि जो लेबल दिख रहा है, वह वास्तविक ऊर्जा बचत पर आधारित है।