
युवा यात्रियों में अब सिर्फ घूमने का नहीं, सीखने और जुड़ने का भी जुनून दिख रहा है। ‘एंगेजिंग वर्कशॉप ट्रैवल्स’ यानी यात्रा के दौरान किसी कौशल या अनुभव को सीखने का चलन तेजी से बढ़ रहा है। यह सिर्फ ट्रेंड नहीं, बल्कि यात्रा का एक नया रूप बन चुका है...जहां लोग लौटते समय सिर्फ तस्वीरें नहीं, बल्कि नए हुनर और यादें भी साथ लाते हैं।
अब युवा सिर्फ छुट्टियां मनाने नहीं जाते, बल्कि यात्रा को सीखने का मौका बनाते हैं। इसे ‘Skillcation’ कहा जा रहा है...जहां लोग स्थानीय खाना बनाना, मिट्टी के बर्तन बनाना, फोटोग्राफी, योग, स्कूबा डाइविंग, भाषा सीखना, खेती या वन्यजीव संरक्षण जैसे कौशल सीखने निकलते हैं। यह बदलाव यात्रा को सिर्फ मनोरंजन से आगे ले जाकर आत्मविकास और अनुभव की दिशा में ले गया है।
इस बदलाव के पीछे कई कारण हैं। एक ओर सोशल मीडिया ने युवा को ग्लोबल मानकों से परिचित कराया है, जिससे वे अपनी क्षमताओं को बढ़ाना चाहते हैं। दूसरी ओर, पारंपरिक क्लासरूम से बाहर सीखने का अनुभव उन्हें अधिक आकर्षक लगता है। उदाहरण के लिए, टैटू कलाकारों के लिए Skillcation सिर्फ कौशल नहीं, बल्कि विश्वसनीयता भी जोड़ता है क्योंकि वे अलग-अलग जगहों के अनुभवी गुरुओं से सीखते हैं।
सिर्फ कौशल ही नहीं, बल्कि संगीत और सांस्कृतिक अनुभव भी युवा यात्रियों को आकर्षित कर रहे हैं। Airbnb की रिपोर्ट के अनुसार, 2026 में भारत के 62% Gen Z युवा संगीत कार्यक्रमों या फेस्टिवल्स के लिए यात्रा की योजना बना रहे हैं। 76% ने पहली बार किसी शहर की यात्रा सिर्फ किसी संगीत कार्यक्रम के कारण की, और 53% ने उस इवेंट के बाद शहर में और समय बिताया। यह दर्शाता है कि संगीत यात्रा को सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि गहराई से अनुभव करने का जरिया बना रहा है।
युवा अक्सर सोशल मीडिया पर ट्रेंडिंग जगहों को देखकर यात्रा तय करते हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, 80% Gen Z ने किसी जगह को इसलिए चुना क्योंकि वह ऑनलाइन ट्रेंड कर रही थी। यह दिखाता है कि ‘इंस्टा-वर्दी’ यानी फोटो-फ्रेंडली जगहों की मांग बढ़ रही है, और युवा यात्रा को एक व्यक्तिगत पहचान के रूप में देख रहे हैं।
युवा अब लंबी योजना नहीं बनाते, बल्कि अचानक यात्रा पर निकल जाते हैं—इसे ‘Rage Booking’ कहा जा रहा है। Cleartrip की रिपोर्ट बताती है कि 2025 में लगभग 38 लाख फ्लाइट टिकट 48 घंटे के भीतर बुक किए गए थे, और Gen Z की बुकिंग में 650% की वृद्धि हुई। यह दर्शाता है कि युवा यात्रा को तनाव से बचने और खुद को रिफ्रेश करने का तरीका मानते हैं।
सरकार भी इस बदलाव को समझ रही है। ‘युवा संगम’ कार्यक्रम के तहत, 2026 में Phase-VI में 22 राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के युवा 5–7 दिन के एक्सचेंज टूर पर गए, जहां उन्होंने स्थानीय संस्कृति, विकास परियोजनाओं, तकनीक और पर्यटन को करीब से देखा। यह यात्रा सिर्फ घूमने की नहीं, बल्कि सीखने और समझने की रही जो एक तरह से एंगेजिंग वर्कशॉप ट्रैवल्स का सरकारी संस्करण है।
इन सभी प्रवृत्तियों से साफ है कि युवा अब यात्रा को सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि अनुभव, सीख और आत्मविकास का मौका मान रहे हैं। चाहे वह Skillcation हो, संगीत-आधारित यात्रा, सोशल मीडिया प्रेरित ट्रिप, अचानक बुकिंग या सरकारी एक्सचेंज प्रोग्राम सभी में एक बात समान है: यात्रा अब गहराई से जुड़ने और कुछ नया सीखने का जरिया बन गई है।
अगर आप युवा हैं और यात्रा के दौरान कुछ नया सीखना चाहते हैं चाहे वह खाना बनाना हो, फोटोग्राफी हो, संगीत हो या स्थानीय संस्कृति तो अब यह ट्रेंड आपके लिए एक अवसर है। अगली यात्रा में सिर्फ घूमने की जगह, एक छोटा वर्कशॉप या अनुभव जोड़ें। यह न सिर्फ यात्रा को यादगार बनाएगा, बल्कि आपको कुछ नया सिखाकर लौटाएगा।