
बॉलीवुड अभिनेता इमरान खान एक बार फिर सुर्खियों में हैं। शनिवार, 10 अक्टूबर 2026 को मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान में हुए प्रदर्शन के सिलसिले में उनके और कई अन्य लोगों के खिलाफ पुलिस ने FIR दर्ज की है। यह प्रदर्शन दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर था, जो कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के आह्वान के समर्थन में आयोजित किया गया था। प्रदर्शनकारियों ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर आपत्ति जताई थी।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मुंबई पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान शहर भर में 400 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया। कुछ आधिकारिक अनुमानों में यह आंकड़ा करीब 600 तक बताया गया है। इनमें इमरान खान, उनकी गर्लफ्रेंड अभिनेत्री लेखा वॉशिंगटन और उनकी कजिन जायन मैरी खान भी शामिल थे।
अगस्त क्रांति मैदान पर ही करीब 200 लोगों को हिरासत में लिया गया, जिनमें तुषार गांधी के संगठन ‘हम भारत के लोग’ के सदस्य और सीपीआई(एम) के समर्थक भी थे। हुतात्मा चौक और अन्य जगहों पर भी वंचित बहुजन अघाड़ी (वीबीए) के कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया।
मुंबई पुलिस के मुताबिक, दक्षिण मुंबई के गामदेवी पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 223 (आदेश की अवहेलना), 126(2) (गलत तरीके से रोकना), 189(2) (गैरकानूनी जमावड़ा), 189(3) और 189(5) के तहत मामला दर्ज किया है। इन धाराओं में पुलिसकर्मी खुद शिकायतकर्ता बने हैं। पुलिस का कहना है कि अगस्त क्रांति मैदान बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश के तहत नामित प्रदर्शन स्थल नहीं है। हाईकोर्ट केवल आजाद मैदान को प्रदर्शन के लिए अनुमति देता है। सीजेपी कार्यकर्ताओं का दावा है कि उन्होंने ईमेल से अनुमति मांगी थी, लेकिन जवाब नहीं मिला।
हिरासत में लिए जाने के बाद इमरान खान ने सोशल मीडिया पर पुलिस वैन के अंदर से अपनी तस्वीर साझा की। उन्होंने मजाकिया अंदाज में लिखा- लगता है मैं ड्राइव पर जा रहा हूं। उनकी इस पोस्ट ने सोशल मीडिया पर काफी चर्चा बटोरी। एक वायरल वीडियो में इमरान पुलिसकर्मियों से ‘जय हिंद’ कहते सुनाई दिए। एक अन्य वीडियो में उन्होंने हैरानी जताई और कहा- मुझे सच में नहीं पता कि मुझे यहां क्यों लाया गया है? उन्होंने हम सभी को सड़कों से उठाया और वैन में बैठने के लिए कहा। इमरान ने बताया कि रिहाई से पहले उन्हें और अन्य लोगों को पुलिस वैन में करीब दो घंटे तक घुमाया गया।
पुलिस वैन में बैठने से पहले इमरान ने अपनी उपस्थिति की वजह बताई। उन्होंने कहा- मेरी कोई मांग नहीं है। मेरी ऐसी कोई हैसियत नहीं है कि मैं लोगों से कुछ मांगूं। मैं किसी संगठन का हिस्सा भी नहीं हूं। इसलिए किसी के प्रतिनिधि के तौर पर बात नहीं कर रहा हूं। मैं यहां एक नागरिक के रूप में हूं। मैं यह समझने आया हूं कि आवाजाही की आजादी क्यों प्रतिबंधित की जा रही है और लोगों की आवाज क्यों दबाई जा रही है।
यह प्रदर्शन सीजेपी के दिल्ली प्रदर्शन के समर्थन में था, जहां CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की जा रही है। आलोचक FIR प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का आरोप लगा रहे हैं, जबकि चुनाव आयोग इसे मतदाता सूची सत्यापन का वैध अभ्यास बताता है। प्रदर्शनकारियों में से एक रुबैद भोजानी ने आरोप लगाया कि पुलिस ने क्रूरता से हिरासत में लिया।
तुषार गांधी को भी बांद्रा से हिरासत में लिया गया था, लेकिन बाद में रिहा कर दिया गया। अभिनेता प्रकाश राज, अनुराग कश्यप और विशाल ददलानी जैसे कई बॉलीवुड हस्तियों ने पुलिस कार्रवाई की आलोचना की और प्रदर्शनकारियों के साथ एकजुटता जताई। विभिन्न मीडिया स्रोतों और मुंबई पुलिस के आधिकारिक बयानों से स्पष्ट है कि यह कार्रवाई बिना अनुमति के जमावड़े को रोकने के लिए की गई। इमरान खान समेत सभी को कुछ घंटों में रिहा कर दिया गया, लेकिन FIR दर्ज हो चुकी है। यह घटना लोकतंत्र में शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार और कानून व्यवस्था के बीच संतुलन पर सवाल उठाती है।