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पैक्ड फूड के पैकेट पर दिखेगा लाल निशान? खरीदने से पहले समझिए इसका क्या मतलब है?

FSSAI Front Pack Labelling Red Sign: क्या आप जानते हैं कि आपके पसंदीदा स्नैक्स पर लाल निशान क्या बता रहा है? सोचिए, अगर ये चेतावनी आपके और आपके बच्चों की सेहत बचा सकती है, तो क्या आप इन्हें नजरअंदाज करेंगे?
3 min read
Aug 31, 2026
FSSAI Front Pack Labelling Red Sign means
FSSAI Front Pack Labelling Red Sign means

FSSAI Front Pack Labelling Red Sign: एक बच्चा चिप्स खरीदता है, पैसे देता है और पैकेट खोलकर उसे खाना शुरू कर देता है, न उस बच्चे की और न ही पेरेंट्स की, किसी की अब तक यह आदत नहीं बनीं कि पैकेट पर सारी जानकारी देखें उसके बाद ही उसे इस्तेमाल करें। पैक्ड फूड कैसे बच्चों की सेहत खराब कर रहे हैं, समय-समय पर यह जानकारियां एक्सपर्ट्स देते रहते हैं। वहीं अब FSSAI ने भी पैक्ड स्नैक्स से लेकर कोल्ड ड्रिंक्स तक पर चेतावनी का निशान लगाने का प्रस्ताव सुप्रीम कोर्ट में रखा है।

यानी पैक्ड फूड अब स्वाद के सवाल को लेकर ही नहीं, आने वाले समय में एक लाल निशान देखकर ही हमें कुछ सैकंड के लिए उसे खरीदने से रोक देगा। पहले उसे पढ़िए उसके बाद खरीदिए। क्यों कि अब तक जो चीजें हम बिना पढ़े खा रहे हैं, उसमें आखिर कितना नमक, चीनी और फैट छिपा है?

अब हाई प्रोटीन, नेचुरल और जीरो मैदा देखकर ही हम यह न समझ लें कि यह हेल्दी है, तो अगर आप भी बच्चों को पैक्ड फूड खिलाते हैं, तो आज से ही लाल निशान देखने की आदत बना लीजिए, जानिए क्या कहता है ये लाल निशान?

पैकेट पर लाल निशान? खरीदने से पहले समझें इसका क्या मतलब

हर दिन की खरीदारी में जब आप पैक्ड स्नैक्स, चिप्स या कोल्ड ड्रिंक्स की ओर बढ़ते हैं, तो क्या आपने कभी सोचा है, अगर पैकेट पर अचानक एक लाल निशान दिखे, तो उसका क्या अर्थ होगा? यह केवल एक डिजाइन नहीं, बल्कि सेहत से जुड़ा एक चेतावनी संकेत हो सकता है। आइए समझते हैं कि यह नया प्रस्ताव क्या है, इससे आपको कौन-कौन सी सावधानियां बरतनी चाहिए, और बच्चों के लिए यह क्यों विशेष मायने रखता है।

जानिए नया प्रस्ताव क्या है?

फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने हाल ही में सुप्रीम कोर्ट में एक प्रस्ताव रखा है, जिसके तहत पैक्ड फूड्स के फ्रंट पर एक लाल, षट्कोणीय (hexagonal) चेतावनी लेबल लगाया जाएगा, यदि उनमें शुगर, सॉल्ट या सैचुरेटेड फैट की मात्रा निर्धारित सीमा से अधिक होगी।

यह लेबल 'HIGH SUGAR', 'HIGH SALT', 'HIGH FAT' या 'HIGHLY SWEETENED BEVERAGE' जैसे स्पष्ट शब्दों के साथ होगा। इसका फॉन्ट पैकेट के पीछे मौजूद न्यूट्रिशन टेबल से एक प्वाइंट बड़ा होगा।

बताया जा रहा है कि यह प्रस्ताव दो चरणों में लागू होगा। पहले चरण में उन उत्पादों पर, जिनमें दो या अधिक पोषक तत्वों की मात्रा अधिक हो और दूसरे चरण में एक ही तत्व की अधिकता पर भी लेबल अनिवार्य होगा।

पैक्ड फूड लेते समय 5 जरूरी सावधानियां

जब आप खरीदारी के दौरान पैक्ड फूड लें, तो इन पांच बातों का ध्यान रखें-

  • सर्विंग साइज देखें पैकेट पर लिखी सर्विंग साइज (जैसे 30 ग्राम या 100 मिली) को समझें। अक्सर पूरे पैकेट में एक से अधिक सर्विंग होती है, जिससे कैलोरी और पोषक तत्वों की कुल मात्रा बढ़ जाती है।
  • साल्ट-सोडियम की जानकारी पैकेट पर सोडियम या नमक की मात्रा देखें। यदि यह प्रति सर्विंग अधिक है, तो स्वास्थ्य के लिए जोखिम हो सकता है।
  • फैट की जानकारी विशेष रूप से सैचुरेटेड फैट और ट्रांस फैट की मात्रा देखें। ये दिल की बीमारी और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से जुड़े होते हैं।
  • सामग्री सूची पढ़ें सामग्री की सूची में पहले लिखे गए नाम देखें, यदि 'शुगर', 'कॉर्न सिरप', 'हाइड्रोजनीकृत तेल' जैसे शब्द पहले हैं, तो यह संकेत है कि उत्पाद अधिक प्रोसेस्ड और कम सेहतमंद हो सकता है।
  • पोषण लिस्ट को समझें - पीछे लिखी न्यूट्रिशनल जानकारी (कैलोरी, प्रोटीन, फाइबर, वसा, शुगर, सोडियम) को पढ़ें और तुलना करें, यह आपको बेहतर विकल्प चुनने में मदद करता है।

क्या हर अधिक चीनी वाले उत्पाद पर लाल निशान लगेगा?

एक्सपर्ट्स के मुताबिक ऐसा नहीं है। पहले चरण में केवल उन उत्पादों पर लेबल लगेगा, जिनमें दो या अधिक पोषक तत्व (जैसे शुगर और फैट, या फैट और सॉल्ट) निर्धारित सीमा से अधिक हों।

इसका अर्थ है कि यदि कोई उत्पाद केवल शुगर में ही अधिक है, लेकिन फैट और सॉल्ट सामान्य हैं, तो उस पर लाल निशान नहीं लगेगा। इसे एक बड़ी कमी माना जा रहा है। दूसरे चरण में यह नियम एक पोषक तत्व में अधिकता पर भी लागू होगा, लेकिन वह चरण बाद में आएगा।

बच्चों के लिए यह बदलाव क्यों जरूरी है

दरअसल बच्चों को पैकेट के रंग, चमकीले डिजाइन और विज्ञापन जल्दी आकर्षित करते हैं। लेकिन अक्सर ये पैकेट शुगर, सॉल्ट और फैट से भरे होते हैं, जो बचपन में मोटापा, डायबिटीज और दिल की बीमारी का खतरा बढ़ाते हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने भी इस बात पर जोर दिया है कि यह कदम बच्चों और अन्य संवेदनशील वर्गों को जागरूक विकल्प चुनने में मदद करेगा। लाल निशान एक स्पष्ट चेतावनी की तरह काम करेगा। यह एक तरह से 'रुक जाओ, सोचो' का संकेत है, जिससे माता-पिता और बच्चे दोनों बेहतर निर्णय ले सकते हैं।

हालांकि यह प्रस्ताव अभी पूर्ण रूप से लागू नहीं हुआ है। पहले चरण में केवल दो या अधिक पोषक तत्वों की अधिकता पर ही लेबल लगेगा, जिससे केवल शुगर में अधिकता वाले उत्पाद बच सकते हैं। विशेषज्ञ इसे एक बड़ी कमी मानते हैं, क्योंकि इससे कई अस्वस्थ उत्पाद चेतावनी से बच सकते हैं। ऐसे में FSSAI की पहल की ये खबर केवल जानकारी नहीं, बल्कि आपकी सेहत की सुरक्षा है।

Updated on:
31 Aug 2026 04:25 pm
Published on:
31 Aug 2026 04:25 pm