
बदलते मौसम या कड़ाके की सर्दियों में ठंड लगना एक सामान्य बात है। लेकिन जब सामान्य रूम टेम्परेचर (कमरे के तापमान) पर भी आपके हाथ-पैर बर्फ जैसे ठंडे रहने लगें और आसपास के लोगों की तुलना में आपको ज्यादा ठंड महसूस हो, तो इसे केवल मौसम का असर मान कर नजरअंदाज करना सही नहीं है। यह स्थिति शरीर में आयरन की कमी (Iron Deficiency) या एनीमिया (Anemia) की ओर सीधा इशारा करती है। आयरन शरीर के लिए आवश्यक सूक्ष्म पोषक तत्वों में से एक है। जब खून में इसकी मात्रा कम होने लगती है, तो इसका असर ऊर्जा स्तर, त्वचा की चमक, मानसिक एकाग्रता और शरीर के तापमान नियंत्रण पर सीधे तौर पर पड़ता है।
हमारे शरीर में आयरन का मुख्य काम हीमोग्लोबिन (Hemoglobin) का निर्माण करना है। हीमोग्लोबिन लाल रक्त कोशिकाओं (RBCs) में पाया जाने वाला एक प्रोटीन है, जो फेफड़ों से ऑक्सीजन लेकर शरीर के हर हिस्से, ऊतकों (tissues) और मांसपेशियों तक पहुंचाता है।
जब शरीर में आयरन का स्तर गिरता है:
| कारण | विवरण |
| असंतुलित आहार | भोजन में हरी पत्तेदार सब्जियां, दालें और आयरन युक्त खाद्य पदार्थों की कमी। |
| खून की कमी (Blood Loss) | महिलाओं में अत्यधिक मासिक धर्म (Heavy Menstruation), आंतरिक रक्तस्राव (जैसे अल्सर या बवासीर)। |
| खराब अवशोषण (Poor Absorption) | सीलिएक रोग, क्रोहन रोग या पेट की सर्जरी के कारण आंतों द्वारा आयरन न सोख पाना। |
| गर्भावस्था (Pregnancy) | भ्रूण के विकास के लिए शरीर को दोगुनी मात्रा में खून और आयरन की आवश्यकता होती है। |
यदि स्वस्थ खान-पान के बावजूद ठंड लगना, कमजोरी और सांस फूलने जैसी समस्याएं 2-3 हफ्तों से अधिक समय तक बनी रहें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
इसके लिए डॉक्टर आमतौर पर निम्नलिखित जांच कराने की सलाह देते हैं:
सीबीसी (Complete Blood Count): हीमोग्लोबिन (Hb) और आरबीसी की संख्या जांचने के लिए।
सीरम फेरिटिन टेस्ट (Serum Ferritin): शरीर में स्टोर (जमा) हुए आयरन के स्तर को मापने के लिए।
टीआईबीसी (Total Iron Binding Capacity): रक्त में आयरन को ले जाने की क्षमता देखने के लिए।
डॉक्टर की सलाह के बिना स्वयं आयरन की दवाइयां या सप्लीमेंट्स न लें, क्योंकि शरीर में आयरन की अधिकता (Iron Overload) भी लिवर और दिल के लिए नुकसानदेह हो सकती है। सही खान-पान, समय पर जांच और आवश्यक चिकित्सीय परामर्श से आयरन की कमी को पूरी तरह ठीक किया जा सकता है।