
‘किसान मित्र’ नाम से जुड़ी दो अलग-अलग पहल अक्सर एक ही समझ ली जाती हैं। एक है मध्य प्रदेश की मुख्यमंत्री कृषक मित्र योजना, जिसका उद्देश्य किसानों को स्थायी कृषि पंप कनेक्शन के लिए बिजली का बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराना था। दूसरी है केंद्र सरकार का किसान-ई-मित्र, जो पीएम-किसान से जुड़ा एआई चैटबॉट है और किसानों को भुगतान, पंजीकरण और पात्रता जैसी जानकारी देता है।
दोनों का उद्देश्य अलग है, इसलिए इनके बारे में सही जानकारी समझना जरूरी है।
मध्य प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री कृषक मित्र योजना 21 सितंबर 2023 को शुरू की थी। इसके तहत 3 हॉर्सपावर या उससे अधिक क्षमता के स्थायी कृषि पंप कनेक्शन के लिए मौजूदा बिजली ढांचे से अधिकतम 200 मीटर तक 11 केवी लाइन विस्तार, ट्रांसफॉर्मर और पंप तक लाइन उपलब्ध कराने का प्रावधान था।
योजना में अधोसंरचना की लागत का 50 प्रतिशत किसान या किसान समूह, 40 प्रतिशत राज्य सरकार और 10 प्रतिशत बिजली वितरण कंपनी द्वारा वहन किया जाना था।
यह सबसे महत्वपूर्ण जानकारी है। मुख्यमंत्री कृषक मित्र योजना दो वर्ष की अवधि के लिए लागू की गई थी और 20 सितंबर 2025 को इसकी अवधि समाप्त हो गई। मध्य प्रदेश विधानसभा में फरवरी 2026 में सरकार ने इसकी समाप्ति की पुष्टि की है। इसलिए 2026 में इसे चालू योजना बताकर नए आवेदन के लिए कहना सही नहीं होगा।
योजना के दौरान जिन किसानों के आवेदन स्वीकृत हुए थे, उनकी प्रक्रिया योजना के नियमों के अनुसार आगे बढ़ाई गई थी। लेकिन नए आवेदकों को आवेदन करने से पहले मध्य प्रदेश ऊर्जा विभाग की वर्तमान व्यवस्था और उपलब्ध वैकल्पिक योजनाओं की जानकारी जरूर लेनी चाहिए।
केंद्र सरकार ने सितंबर 2023 में पीएम-किसान के डिजिटल तंत्र से जुड़े किसान-ई-मित्र एआई चैटबॉट की शुरुआत की। इसका उद्देश्य किसानों को भुगतान, पंजीकरण, पात्रता और अन्य पीएम-किसान संबंधी सवालों के जवाब आसानी से उपलब्ध कराना है।
यह चैटबॉट हिंदी, अंग्रेजी, तमिल, बंगाली, ओडिया, मलयालम, गुजराती, पंजाबी, तेलुगू, मराठी और कन्नड़ सहित 11 भाषाओं में काम करता है। किसान इसके जरिए आवेदन की स्थिति और भुगतान से जुड़ी जानकारी भी हासिल कर सकते हैं। यह वेब और मोबाइल जैसे माध्यमों पर उपलब्ध है और 24×7 सहायता प्रदान करता है।
किसान-ई-मित्र का इस्तेमाल लगातार बढ़ा है। वित्त वर्ष 2024-25 में किसानों ने इस चैटबॉट पर 25,51,195 प्रश्न पूछे थे। बाद के सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जुलाई 2025 तक यह 53 लाख से अधिक किसानों के 95 लाख से ज्यादा सवालों का समाधान कर चुका था।
इसे पीएम-किसान की शिकायत और सहायता व्यवस्था को अधिक तेज और सुलभ बनाने के लिए विकसित किया गया है।
अगर आपको पीएम-किसान से जुड़ी भुगतान, पंजीकरण, पात्रता या आवेदन की स्थिति जाननी है, तो किसान-ई-मित्र का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके अलावा पीएम-किसान पोर्टल और मोबाइल ऐप पर भी लाभार्थी स्थिति, भुगतान और ई-केवाईसी जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं।
किसी राज्य की अलग कृषि या बिजली योजना के लिए किसान को संबंधित राज्य सरकार के आधिकारिक पोर्टल या विभाग से जानकारी लेनी चाहिए। केवल ‘किसान मित्र’ नाम देखकर दोनों पहलों को एक ही योजना समझना सही नहीं है।
| पहल | क्षेत्र | मुख्य उद्देश्य | वर्तमान स्थिति |
|---|---|---|---|
| मुख्यमंत्री कृषक मित्र योजना | मध्य प्रदेश | कृषि पंप के लिए बिजली अधोसंरचना | 20 सितंबर 2025 को अवधि समाप्त |
| किसान-ई-मित्र | केंद्र सरकार | पीएम-किसान से जुड़ी डिजिटल सहायता | उपलब्ध |
‘किसान मित्र’ नाम वाली दोनों पहलों का उद्देश्य किसानों की मदद करना है, लेकिन उनका काम बिल्कुल अलग है। मध्य प्रदेश की मुख्यमंत्री कृषक मित्र योजना सिंचाई के लिए बिजली अधोसंरचना से जुड़ी थी, जबकि किसान-ई-मित्र डिजिटल जानकारी और सहायता उपलब्ध कराता है।
इसलिए किसी भी योजना में आवेदन करने से पहले उसकी वर्तमान स्थिति, पात्रता और आवेदन प्रक्रिया आधिकारिक सरकारी पोर्टल पर जरूर जांचें। इससे पुराने या गलत दावों के आधार पर आवेदन करने और समय व पैसे की बर्बादी से बचा जा सकता है।