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नागालैंड में पहली बार पहुंची पाइपलाइन गैस, क्या घटेगी रसोई की कीमत, खत्म होगी सिलिंडेर की जरूरत?

Nagaland PNG Gas Line : नागालैंड में पहली बार राष्ट्रीय गैस ग्रिड से पाइपलाइन प्राकृतिक गैस (PNG) की शुरुआत हुई है। जानिए क्या इससे रसोई सिलेंडर की जरूरत खत्म होगी, गैस की कीमतें घटेंगी और आम जनता व उद्योगों को इसका क्या फायदा मिलेगा।
5 min read
Aug 19, 2026
Nagaland PNG Gas Line
Nagaland PNG Gas Line : नागालैंड में 18 अगस्त को पहुंची गैस पाइपलाइन, PC- Chatgpt

नागालैंड के लिए 18 अगस्त 2026 एक अहम ऊर्जा मील का पत्थर बन गया। पहली बार राज्य को राष्ट्रीय गैस ग्रिड के जरिए प्राकृतिक गैस की आपूर्ति शुरू हुई। इंद्रधनुष गैस ग्रिड लिमिटेड (IGGL) ने असम के Dergaon से Dimapur तक जाने वाली पाइपलाइन में प्राकृतिक गैस प्रवाहित की। इसके साथ नागालैंड पहली बार राष्ट्रीय गैस ग्रिड से सीधे जुड़ गया।

यह खबर सिर्फ एक नई पाइपलाइन शुरू होने की नहीं है। इसके पीछे पूर्वोत्तर में गैस आधारित अर्थव्यवस्था तैयार करने की लंबी योजना है। सवाल यह है कि इसका असर आम नागालैंड के घरों तक कब और कितना पहुंचेगा? क्या लोग LPG सिलेंडर की जगह पाइप से आने वाली गैस इस्तेमाल कर पाएंगे? और क्या इससे राज्य के उद्योगों को भी सस्ती और लगातार ऊर्जा मिल सकेगी?

पहले समझिए गैस आई कहां से?

18 अगस्त को नागालैंड तक पहुंची गैस का एक महत्वपूर्ण स्रोत असम का Upper Assam Shelf और ONGC का Jorhat Asset है। इसी दिन ONGC ने असम के गोलाघाट जिले में Khoraghat GGS-1 की गैस निकासी सुविधा भी शुरू की। इससे Jorhat Asset से निकलने वाली अतिरिक्त प्राकृतिक गैस को North East Gas Grid में डाला जा सकेगा। अधिकारियों के मुताबिक इससे करीब 1.10 लाख Standard Cubic Metres यानी 1.10 लाख SCM प्रतिदिन गैस का इस्तेमाल संभव होगा।

यानी तस्वीर कुछ ऐसी है
असम के गैस क्षेत्र → गैस ग्रिड → Dergaon → Dimapur → आगे नागालैंड में उपभोक्ता

यह खास इसलिए है क्योंकि अब पूर्वोत्तर में पैदा होने वाली गैस को उसी क्षेत्र के दूसरे हिस्सों तक पाइपलाइन के जरिए पहुंचाने का रास्ता मजबूत हुआ है।

123 किलोमीटर की पाइपलाइन ने बदली तस्वीर

यहां एक महत्वपूर्ण तथ्य है। PNGRB के संशोधित आधिकारिक दस्तावेज के मुताबिक Dergaon RT से Dimapur तक पाइपलाइन की लंबाई 123 किलोमीटर है और इसका व्यास 12 इंच है। इस सेक्शन की अधिकृत क्षमता 0.15 MMSCMD यानी करीब 1.5 लाख SCM प्रतिदिन है।

सवालजवाब
पाइपलाइनDergaon–Dimapur
लंबाईकरीब 123 किमी
पाइपलाइन व्यास12 इंच
ऑपरेटरIndradhanush Gas Grid Ltd (IGGL)
मुख्य नेटवर्कNorth East Gas Grid
नागालैंड की कनेक्टिविटीDimapur के जरिए
अधिकृत क्षमता0.15 MMSCMD

लेकिन यहां एक बात समझना जरूरी है, पाइपलाइन पहुंचना और हर घर में PNG पहुंच जाना एक ही बात नहीं है। अभी सबसे बड़ा काम होगा पाइपलाइन से आगे शहरों और घरों तक आखिरी छोर का वितरण नेटवर्क तैयार करना।

क्या अब नागालैंड के घरों में LPG सिलेंडर बंद हो जाएगा?

नहीं, तुरंत ऐसा नहीं होगा। प्राकृतिक गैस को पाइपलाइन के जरिए राज्य तक पहुंचाना पहला चरण है। घरों तक PNG पहुंचाने के लिए अलग वितरण नेटवर्क, मीटर, कनेक्शन और स्थानीय गैस वितरण व्यवस्था बनानी होगी।

PNGRB के मई 2026 के आंकड़ों में नागालैंड के लिए अधिकृत City Gas Distribution क्षेत्र में 3,56,589 घरेलू PNG कनेक्शनों का लक्ष्य दर्ज है, लेकिन उस समय घरेलू PNG कनेक्शन की उपलब्धि शून्य थी। इसी रिकॉर्ड में पाइपलाइन नेटवर्क का लक्ष्य 189 inch-km और उपलब्धि 4 inch-km दर्ज थी। आंकड़े उस समय की स्थिति बताते हैं और संस्थाओं द्वारा रिपोर्ट किए गए हैं।

  • इसलिए फिलहाल इसे इस तरह समझना बेहतर होगा-
  • आज: पाइपलाइन से गैस राज्य तक पहुंची
  • अगला चरण: शहरों में वितरण नेटवर्क
  • उसके बाद: घरों में PNG कनेक्शन
  • तब: LPG की जगह पाइप वाली गैस का वास्तविक विकल्प

फिर आम आदमी को फायदा क्या होगा?

अगर PNG नेटवर्क बड़े पैमाने पर बनता है तो उपभोक्ताओं के लिए सबसे बड़ा बदलाव सिलेंडर की जगह लगातार पाइप से गैस की आपूर्ति हो सकता है। इसके कुछ संभावित फायदे हैं -

  • सिलेंडर बुक कराने और डिलीवरी का झंझट कम होगा।
  • घर में गैस की लगातार आपूर्ति हो सकती है।
  • गैस स्टोर करने के लिए सिलेंडर रखने की जरूरत घटेगी।
  • शहरों में स्वच्छ ईंधन की उपलब्धता बढ़ेगी।
  • होटल, रेस्तरां और छोटे कारोबारों को लगातार ईंधन मिल सकता है।
  • उद्योगों को डीजल, फर्नेस ऑयल या अन्य ईंधनों के विकल्प के रूप में प्राकृतिक गैस मिल सकती है।

हालांकि PNG सस्ती होगी या नहीं, यह केवल पाइपलाइन आने से तय नहीं होगा। कीमत में गैस की लागत, परिवहन, वितरण शुल्क और स्थानीय कर जैसे कई तत्व शामिल होते हैं।

सबसे बड़ा फायदा घरों से ज्यादा उद्योगों को?

संभवतः शुरुआती दौर में औद्योगिक और व्यावसायिक उपभोक्ता इस बदलाव के बड़े लाभार्थी हो सकते हैं। प्राकृतिक गैस का इस्तेमाल कई क्षेत्रों में किया जा सकता है-

  • खाद्य प्रसंस्करण
  • होटल और रेस्तरां
  • छोटे उद्योग
  • बिजली उत्पादन
  • औद्योगिक भट्ठियां
  • वाहन ईंधन के लिए CNG
  • अन्य वाणिज्यिक गतिविधियां

पूर्वोत्तर गैस ग्रिड की मूल परिकल्पना भी केवल घरों तक गैस पहुंचाने की नहीं, बल्कि क्षेत्र में गैस आधारित औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने की है। सरकार ने इसके लिए 1,656 किलोमीटर के North East Natural Gas Pipeline Grid को मंजूरी दी थी। बाद में PNGRB के संशोधन में कुल अधिकृत पाइपलाइन लंबाई 1,688 किलोमीटर हो गई।

सिर्फ नागालैंड नहीं, पूरे पूर्वोत्तर को जोड़ने की योजना

North East Gas Grid का लक्ष्य आठों पूर्वोत्तर राज्यों को गैस नेटवर्क से जोड़ना है। इसके नेटवर्क में अलग-अलग हिस्सों के जरिए असम, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम तक कनेक्टिविटी विकसित की जा रही है। PNGRB के मार्च 2026 के आंकड़ों के मुताबिक 1,688 किलोमीटर की अधिकृत परियोजना में उस समय 392 किलोमीटर परिचालन में और 1,296 किलोमीटर निर्माणाधीन था। यानी नागालैंड का यह कनेक्शन पूरे पूर्वोत्तर में गैस नेटवर्क तैयार करने वाली बड़ी योजना का एक हिस्सा है।

क्या इससे LPG की निर्भरता घटेगी?

हां, लेकिन धीरे-धीरे। यहां दो अलग बातें हैं। LPG सिलेंडर के रूप में घर तक पहुंचती है, जबकि PNG पाइपलाइन से सीधे घर तक पहुंचती है। अगर PNG नेटवर्क पर्याप्त बड़ा हो गया और इसकी कीमत उपभोक्ताओं के लिए प्रतिस्पर्धी रही, तो शहरी इलाकों में कुछ परिवार LPG से PNG की ओर जा सकते हैं।

लेकिन नागालैंड जैसे पहाड़ी और भौगोलिक रूप से चुनौतीपूर्ण राज्य में हर गांव और हर घर तक पाइपलाइन पहुंचाना महंगा और तकनीकी रूप से कठिन होगा। इसलिए निकट भविष्य में ज्यादा व्यावहारिक तस्वीर यह हो सकती है। LPG खत्म नहीं होगी, बल्कि PNG उसके साथ एक नया विकल्प बनेगी।

इस पूरी कहानी में असली बड़ा सवाल क्या है?

नागालैंड तक गैस पहुंचना बड़ी उपलब्धि है, लेकिन असली सफलता पाइपलाइन के उद्घाटन से नहीं, उपभोक्ताओं तक गैस पहुंचने से मापी जाएगी। इसके लिए तीन चीजें जरूरी हैं, पाइपलाइन से शहरों तक वितरण नेटवर्क, घर-घर PNG कनेक्शन, ऐसी कीमत जिस पर उपभोक्ता LPG छोड़कर PNG अपनाना चाहें। अगर ये तीनों चीजें तेजी से आगे बढ़ती हैं तो नागालैंड की ऊर्जा व्यवस्था में बड़ा बदलाव आ सकता है।

क्षेत्रसंभावित बदलाव
घरLPG के साथ PNG का विकल्प
उद्योगलगातार प्राकृतिक गैस की उपलब्धता
होटल/रेस्तरांईंधन की आसान आपूर्ति
परिवहनCNG नेटवर्क की संभावना
स्थानीय गैस उत्पादनक्षेत्रीय स्तर पर ज्यादा इस्तेमाल
अर्थव्यवस्थागैस आधारित नए उद्योगों की संभावना
ऊर्जा सुरक्षाबाहर से LNG पर निर्भरता में संभावित कमी

एक पाइपलाइन, लेकिन असर पूरे पूर्वोत्तर पर

18 अगस्त की शुरुआत को इसलिए सिर्फ 'नागालैंड में पाइपलाइन गैस पहुंची' कहकर देखना अधूरा होगा। यह उस नेटवर्क का हिस्सा है जो पूर्वोत्तर के स्थानीय गैस संसाधनों को राष्ट्रीय गैस बाजार से जोड़ने की कोशिश कर रहा है।

सबसे दिलचस्प बात यह है कि उसी दिन ONGC की Khoraghat सुविधा के जरिए Jorhat क्षेत्र की गैस को ग्रिड में शामिल करने का रास्ता भी खुला। इससे स्थानीय गैस का बेहतर इस्तेमाल और गैस फ्लेयरिंग में कमी की उम्मीद है। उपलब्ध आधिकारिक/सरकारी-संबंधित विवरण के मुताबिक करीब 1.10 लाख SCM प्रतिदिन गैस का उपयोग संभव होगा और इससे आयातित LNG की जरूरत भी कुछ हद तक घट सकती है।

इसलिए नागालैंड के लिए अगली बड़ी खबर शायद पाइपलाइन पहुंचने की नहीं, बल्कि यह होगी कि इस पाइपलाइन से कितने घरों की रसोई जली, कितने उद्योग चले और कितने लोगों ने LPG की जगह PNG अपनाई।

Updated on:
19 Aug 2026 09:55 am
Published on:
19 Aug 2026 09:53 am