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भारत में कितने रेलवे स्टेशन 100 साल से ज्यादा पुराने हैं? सबसे पुराने स्टेशन और उनके आधुनिकीकरण की कहानी

Oldest Railway Stations in India : भारत में 100 साल से ज्यादा पुराने रेलवे स्टेशन कौन से हैं? जानिए हावड़ा, CSMT, और रॉयापुरम जैसे ऐतिहासिक स्टेशनों का इतिहास और अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत उनके आधुनिकीकरण की पूरी कहानी।
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Aug 16, 2026
Railway Station
Railway Station : देश के 100 साल पुराने स्टेशन, PC-chatgpt

भारतीय रेलवे केवल देश की परिवहन व्यवस्था का आधार नहीं है, बल्कि यह भारत के औद्योगिक, सामाजिक और ऐतिहासिक विकास का भी गवाह रहा है। 1853 में पहली यात्री ट्रेन के संचालन के साथ शुरू हुआ यह सफर आज दुनिया के सबसे बड़े रेल नेटवर्कों में शामिल है। इस दौरान हजारों रेलवे स्टेशन बने, जिनमें से कई स्टेशन ऐसे हैं जो 100 साल से भी अधिक पुराने हैं और आज भी लाखों यात्रियों की सेवा कर रहे हैं।

हालांकि भारतीय रेलवे ने 100 वर्ष से अधिक पुराने सभी स्टेशनों की कोई आधिकारिक सूची जारी नहीं की है, लेकिन रेलवे इतिहास से जुड़े रिकॉर्ड बताते हैं कि देश में सैकड़ों स्टेशन ऐसे हैं जिनकी स्थापना 19वीं सदी के अंत या 20वीं सदी की शुरुआत में हुई थी। इनमें से कई स्टेशन आज भी सक्रिय हैं और कुछ तो देश के सबसे व्यस्त रेलवे स्टेशनों में शामिल हैं।

भारत के सबसे पुराने रेलवे स्टेशनों में कौन-कौन शामिल हैं?

भारत के सबसे पुराने रेलवे स्टेशनों की बात करें तो हावड़ा जंक्शन, रॉयापुरम, पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन, प्रयागराज जंक्शन (पूर्व में इलाहाबाद), कानपुर सेंट्रल और मुंबई का छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) प्रमुख नाम हैं। इनमें से अधिकांश स्टेशन 1850 से 1890 के बीच स्थापित हुए थे।

हावड़ा जंक्शन की शुरुआत 1854 में हुई थी और आज भी यह देश के सबसे व्यस्त रेलवे स्टेशनों में गिना जाता है। इसी तरह चेन्नई का रॉयापुरम स्टेशन 1856 में शुरू हुआ था और इसे भारत के सबसे पुराने सक्रिय रेलवे स्टेशनों में माना जाता है। मुंबई का CSMT न केवल रेलवे संचालन का बड़ा केंद्र है, बल्कि इसकी ऐतिहासिक इमारत यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में भी शामिल है।

भारत के कुछ प्रमुख पुराने रेलवे स्टेशन

स्टेशनस्थापना वर्ष
हावड़ा जंक्शन1854
रॉयापुरम (चेन्नई)1856
कानपुर सेंट्रल1859
पुरानी दिल्ली1864
प्रयागराज जंक्शन1865
CSMT (मुंबई)1887

इन स्टेशनों ने ब्रिटिश काल से लेकर स्वतंत्र भारत तक रेलवे के बदलते स्वरूप को देखा है। कई स्टेशन ऐसे शहरों की पहचान बन चुके हैं जिनका विकास रेलवे के आसपास हुआ।

100 साल पुराने स्टेशन इतने महत्वपूर्ण क्यों हैं?

इन स्टेशनों का महत्व केवल उनकी उम्र में नहीं है। ये स्टेशन उस दौर की इंजीनियरिंग, वास्तुकला और शहरी विकास की कहानी भी बताते हैं। ब्रिटिश शासन के दौरान रेलवे को व्यापार और प्रशासन के लिए विकसित किया गया था, लेकिन समय के साथ यही स्टेशन लाखों भारतीयों के जीवन का हिस्सा बन गए।

कई पुराने स्टेशन आज भी अपनी मूल वास्तुकला के कारण पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। मुंबई का CSMT, चेन्नई का रॉयापुरम और पुरानी दिल्ली स्टेशन इसके प्रमुख उदाहरण हैं। ये केवल रेलवे स्टेशन नहीं, बल्कि ऐतिहासिक धरोहर भी हैं।

क्या पुराने स्टेशन आज भी पुराने ही दिखते हैं?

पिछले कुछ वर्षों में भारतीय रेलवे ने स्टेशन आधुनिकीकरण पर विशेष ध्यान दिया है। पहले जहां स्टेशन केवल ट्रेन पकड़ने की जगह माने जाते थे, वहीं अब उन्हें आधुनिक ट्रांजिट हब के रूप में विकसित किया जा रहा है।

यात्रियों की बढ़ती संख्या, बेहतर सुविधाओं की मांग और स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत को देखते हुए रेलवे ने बड़े पैमाने पर स्टेशन पुनर्विकास की योजनाएं शुरू की हैं। इसका असर कई पुराने स्टेशनों पर भी दिखाई दे रहा है।

अमृत भारत स्टेशन योजना क्या बदल रही है?

सरकार ने 2023 में अमृत भारत स्टेशन योजना शुरू की थी, जिसके तहत देशभर के 1,300 से अधिक रेलवे स्टेशनों का चरणबद्ध तरीके से पुनर्विकास किया जा रहा है। इस योजना का उद्देश्य केवल स्टेशन को सुंदर बनाना नहीं, बल्कि यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना भी है।

इसके तहत स्टेशन भवनों का नवीनीकरण, आधुनिक प्रतीक्षालय, डिजिटल सूचना प्रणाली, लिफ्ट, एस्केलेटर, बेहतर पार्किंग, दिव्यांग-अनुकूल सुविधाएं और स्थानीय संस्कृति को दर्शाने वाले डिजाइन विकसित किए जा रहे हैं।

दिलचस्प बात यह है कि कई पुराने स्टेशनों में आधुनिकीकरण के दौरान उनकी ऐतिहासिक पहचान को भी संरक्षित रखने की कोशिश की जा रही है। यानी नई सुविधाएं जोड़ी जा रही हैं, लेकिन पुरानी विरासत को पूरी तरह मिटाया नहीं जा रहा।

रेलवे के सामने सबसे बड़ी चुनौती क्या है?

पुराने स्टेशनों के विकास में सबसे बड़ी चुनौती विरासत और आधुनिकता के बीच संतुलन बनाने की है। रेलवे को एक तरफ बढ़ती यात्री संख्या और आधुनिक सुविधाओं की जरूरत पूरी करनी है, वहीं दूसरी तरफ ऐतिहासिक इमारतों और वास्तुकला को भी बचाना है।

उदाहरण के तौर पर, CSMT जैसे स्टेशन पर किसी भी निर्माण कार्य में विरासत संरक्षण के नियमों का पालन करना पड़ता है। इसी तरह रॉयापुरम स्टेशन को संरक्षित करने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।

आज सबसे व्यस्त पुराने स्टेशन कौन से हैं?

भारत के कई 100 साल से अधिक पुराने स्टेशन आज भी रेलवे नेटवर्क की रीढ़ बने हुए हैं। हावड़ा, CSMT, पुरानी दिल्ली, कानपुर सेंट्रल और प्रयागराज जंक्शन जैसे स्टेशन रोज लाखों यात्रियों और सैकड़ों ट्रेनों का संचालन संभालते हैं।

यानी जो स्टेशन उस दौर में बने थे जब देश में मोटर गाड़ियां भी आम नहीं थीं, वे आज डिजिटल टिकटिंग, वाई-फाई, एस्केलेटर और आधुनिक यात्री सुविधाओं के साथ काम कर रहे हैं।

Updated on:
16 Aug 2026 05:16 pm
Published on:
16 Aug 2026 05:16 pm