
पीएम-किसान सम्मान निधि योजना में हाल के वर्षों में कई ऐसे बदलाव किए गए हैं, जिनका उद्देश्य किसानों को पारदर्शी और समयबद्ध आर्थिक सहायता देना है। अब योजना को वर्ष 2030-31 तक जारी रखने की मंज़ूरी मिल चुकी है और डिजिटल सुविधाओं के कारण पंजीकरण, e-KYC और लाभार्थी स्थिति जांचना पहले से अधिक आसान हो गया है।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 31 जुलाई 2026 को पीएम-किसान योजना को वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने को मंज़ूरी दी। इसके लिए 3,15,614 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यह फैसला दर्शाता है कि सरकार किसानों की आय सहायता को दीर्घकालिक आधार पर जारी रखना चाहती है।
योजना 2030-31 तक मंज़ूर
₹3,15,614 करोड़ प्रावधान
₹60,000 करोड़ बजट
23वीं किस्त जारी
9.44 करोड़ किसान लाभार्थी
₹18,880 करोड़ DBT
पंजीकरण • e-KYC • बैंक लिंक • Beneficiary Status
वित्तीय वर्ष 2026-27 के केंद्रीय बजट में योजना के लिए 60,000 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। वहीं 20 जून 2026 को जारी 23वीं किस्त में 9.44 करोड़ से अधिक किसानों के बैंक खातों में 18,880 करोड़ रुपये सीधे ट्रांसफर किए गए। योजना शुरू होने से अब तक 23 किस्तों में किसानों को 4.47 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि डीबीटी के माध्यम से भेजी जा चुकी है।
पीएम-किसान पोर्टल और मोबाइल ऐप में कई उपयोगी सुविधाएं जोड़ी गई हैं। अब किसान स्वयं ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं, आधार संबंधी जानकारी अपडेट कर सकते हैं, आवेदन की स्थिति देख सकते हैं और e-KYC जैसी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कर सकते हैं।
स्वयं ऑनलाइन पंजीकरण
आधार विवरण में सुधार
e-KYC की सुविधा
बैंक खाते की जानकारी अपडेट
Beneficiary Status जांच
24×7 हेल्पलाइन
चैटबॉट सहायता
SMS अलर्ट
ऑनलाइन शिकायत निवारण
यदि आप अभी तक योजना का लाभ नहीं ले रहे हैं, तो ये चार कदम पूरे करें:
पीएम-किसान पोर्टल या ऐप पर स्वयं पंजीकरण करें।
खेती योग्य भूमि का विवरण दर्ज करें।
बैंक खाते को आधार से लिंक कर e-KYC पूरा करें।
Beneficiary Status में जाकर आवेदन की स्थिति जांचें।
इन प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद पात्र किसानों को किस्त डीबीटी के माध्यम से प्राप्त होती है।
इन सुधारों से योजना पहले की तुलना में अधिक पारदर्शी और सुविधाजनक बनी है। डिजिटल सत्यापन से फर्जी लाभार्थियों की पहचान आसान हुई है, जबकि पात्र किसानों तक सहायता समय पर पहुंच रही है।
मुख्य लाभ:
तेज़ ऑनलाइन पंजीकरण
आसान e-KYC प्रक्रिया
सीधे बैंक खाते में भुगतान
पारदर्शी सत्यापन
ऑनलाइन शिकायत समाधान
योजना अब 2030-31 तक जारी रहेगी, इसलिए किसानों को चाहिए कि वे समय-समय पर अपनी जानकारी अपडेट करते रहें। यदि किसी किस्त में देरी हो, तो Beneficiary Status जांचकर आवश्यक सुधार कर लें। साथ ही किसान क्रेडिट कार्ड (KCC), पीएम-कुसुम और प्रधानमंत्री फसल बीमा जैसी अन्य योजनाओं की जानकारी भी लेते रहें ताकि खेती की लागत कम हो और आय बढ़ाने के अवसर मिल सकें।
बहरहाल, पीएम-किसान योजना में हुए हालिया सुधार किसानों के लिए सकारात्मक कदम माने जा रहे हैं। डिजिटल सुविधाओं और दीर्घकालिक वित्तीय मंज़ूरी से यह योजना पहले से अधिक प्रभावी बनी है। यदि आप पात्र हैं, तो समय रहते पंजीकरण और e-KYC पूरा करके अगली किस्त का लाभ सुनिश्चित करें।