
ओडिशा के पुरी जिले में सात गांवों के संगम से एक अनूठी यात्रा शुरू होती है, जहां झील और समुद्र की लहरें मिलती हैं और प्रकृति अपने सबसे शांत रूप में मुस्कुराती है। यह है सप्तमत्स्य यात्रा, ओडिशा के चिलिका झील के किनारे बसे सात गांवों के बीच फैली एक यात्रा, जो आपको ले चलती है डॉल्फिनों, पक्षियों, स्थानीय जीवन और अप्रतिम दृश्यों के बीच।
‘सप्त’ यानी सात और ‘पदा’ यानी गांव, इसलिए सतपदा का अर्थ है सात गांवों का समूह। यह जगह पुरी से लगभग 50 किलोमीटर दूर है और चिलिका झील के दक्षिण-पूर्वी किनारे पर स्थित है, जहां झील की मीठी-खारी पानी की लहरें बंगाल की खाड़ी से मिलती हैं।
सात मत्स्य यात्रा का असली आकर्षण है इरावदी डॉल्फिन, एक दुर्लभ और संवेदनशील प्रजाति, जो चिलिका झील में आज भी जंगली रूप में तैरती हैं। चिलिका विकास प्राधिकरण (CDA) की ताजा गिनती में डॉल्फिनों की संख्या बढ़कर 155 हो गई है, जो पिछले वर्ष 146 थी। यह वृद्धि संरक्षण प्रयासों की सफलता को दर्शाती है।
सात मत्स्य यात्रा सिर्फ डॉल्फिन देखने तक सीमित नहीं है। यहां का ‘सी माउथ’, जहां झील और समुद्र मिलते हैं, एक ऐसा दृश्य है जो शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। नाव से उतरकर उस बिंदु पर खड़े होकर आप पानी का रंग बदलता देख सकते हैं, हरा-नीला झील का पानी और गहरा ग्रे समुद्र का पानी। यहां आप महसूस कर सकते हैं दो अलग-अलग दुनियाओं का मिलन।
आसपास के द्वीप, नालाबाना पक्षी अभयारण्य, राजहंस द्वीप, हनीमून और ब्रेकफास्ट द्वीप और कालीजाई मंदिर यात्रा को और भी खास बनाते हैं। नालाबाना में सर्दियों में लाखों प्रवासी पक्षी जैसे फ्लेमिंगो, पेलिकन, हेरन और अन्य आते हैं। राजहंस द्वीप एक सुनसान रेत का टुकड़ा है, जो मौसम के अनुसार दिखता और गायब होता है। सुबह की सुनहरी रोशनी में यह दृश्य बेहद मनमोहक होता है। कालीजाई मंदिर झील के बीच एक छोटा द्वीप है, जहां नाव से पहुंचकर दर्शन किए जा सकते हैं।
यात्रा की शुरुआत हो सकती है पुरी या भुवनेश्वर से, पुरी से सतपदा तक सड़क मार्ग लगभग 50 किमी और 1.5–2 घंटे का सफर है, जबकि भुवनेश्वर से दूरी लगभग 100 किमी और समय 2–2.5 घंटे। निजी टैक्सी, बस या दोपहिया वाहन से पहुंचा जा सकता है। बाइक से यात्रा करने वालों को रास्ते की सुंदरता का आनंद लेने का मौका मिलता है।
नाव की सवारी के लिए विकल्प हैं, ओडिशा टूरिज्म डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (OTDC) की सरकारी नावें और निजी नावें। सरकारी नावें किफायती होती हैं लेकिन मार्ग सीमित होते हैं; निजी नावों से आप अपनी सुविधा अनुसार रूट और समय तय कर सकते हैं, जिससे डॉल्फिन देखने की संभावना बढ़ जाती है। नाव किराया सामान्यतः ₹800–₹2,000 तक होता है, यह नाव के आकार और क्षमता पर निर्भर करता है।
सात मत्स्य यात्रा का अनुभव और भी जीवंत हो जाता है जब आप स्थानीय जीवन में शामिल हो जाते हैं। सुबह 6–8 बजे के बीच सतपदा जेट्टी पर एक छोटा मछली बाजार लगता है, जहां ताजा झींगे, केकड़े और मछलियां बिकती हैं।
रहने के लिए विकल्प सीमित हैं, OTDC (ओडिशा पर्यटन विकास निगम) का पंथनिवास सतपदा में उपलब्ध है, जो सरल लेकिन साफ-सुथरा ठहराव प्रदान करता है। अधिक विकल्प चाहें तो पुरी में रुककर सुबह जल्दी निकलना बेहतर होता है। इससे आप सुबह की शांति और सूर्य उदय का आनंद भी ले सकते हैं।
सात मत्स्य यात्रा में प्रकृति, संस्कृति और स्थानीय जीवन एक साथ मिलते हैं। यह यात्रा युवा, सोलो यात्री, परिवार और वरिष्ठ यात्रियों सभी के लिए उपयुक्त है। बजट में रहने वाले यात्री सरकारी नाव और पंथनिवास चुन सकते हैं; रोमांच चाहने वाले निजी नाव और स्थानीय भोजन के साथ गहराई से जुड़ सकते हैं।