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ICMR-NIN की सलाह: वरिष्ठ नागरिकों के लिए क्यों जरूरी है संतुलित सुबह का नाश्ता

सुबह का नाश्ता 60 की उम्र के बाद कैसा होना चाहिए? ICMR और NIN की गाइडलाइंस के अनुसार जानिए बुजुर्गों के लिए सही डाइट प्लान और स्वस्थ नाश्ते का आसान विकल्प।
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Aug 27, 2026
Health diet
60 की उम्र में क्या खाएं? (AI)

उम्र के इस पड़ाव में सही और संतुलित नाश्ता केवल भूख मिटाने का जरिया नहीं, बल्कि ऊर्जा, बेहतर पाचन और बीमारियों से बचाव की पहली ढाल है।

बढ़ती उम्र के साथ हमारे शरीर का मेटाबॉलिज्म धीमा होने लगता है और पाचन शक्ति कमजोर पड़ने लगती है। ऐसी स्थिति में सुबह की पहली मील यानी नाश्ते का महत्व कई गुना बढ़ जाता है। बुजुर्गों के लिए नाश्ता ऐसा होना चाहिए जो पचने में आसान हो, ऊर्जा से भरपूर हो और शरीर की पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करे। वैज्ञानिक शोध बताते हैं कि सही समय पर लिया गया संतुलित नाश्ता दीर्घायु और स्वस्थ जीवन की कुंजी है।

संतुलित नाश्ते का महत्व: क्या कहता है विज्ञान?

नाश्ता दिनभर के मेटाबॉलिज्म को गति देने का काम करता है। स्पेन में 55 से 75 वर्ष आयु वर्ग के वरिष्ठ नागरिकों पर किए गए एक व्यापक अध्ययन (PREDIMED-Plus) के अनुसार, यदि सुबह का नाश्ता कुल दैनिक कैलोरी का 20 से 30 प्रतिशत हिस्सा कवर करता है, तो यह कई स्वास्थ्य लाभ देता है।

अध्ययन के मुख्य निष्कर्ष:

  • वजन और कमर का घेरा नियंत्रित रहता है: संतुलित नाश्ता बार-बार भूख लगने की आदत को रोकता है।
  • हृदय स्वास्थ्य में सुधार: सही नाश्ते से शरीर में ट्राइग्लिसराइड्स का स्तर घटता है और 'अच्छा कोलेस्ट्रॉल' (HDL) बढ़ता है।
  • रक्त शर्करा का संतुलन: सुबह पर्याप्त फाइबर और प्रोटीन लेने से पूरे दिन शुगर लेवल स्थिर रहता है।

नाश्ता छोड़ने के गंभीर दुष्परिणाम

अक्सर भूख न लगने या पाचन कमजोर होने के कारण वरिष्ठ नागरिक सुबह का नाश्ता छोड़ देते हैं, जो सेहत के लिए घातक साबित हो सकता है। दक्षिण कोरिया के राष्ट्रीय स्वास्थ्य सर्वेक्षण (KNHANES) में 65 वर्ष से अधिक आयु के 92,000 से अधिक बुजुर्गों के डेटा का विश्लेषण किया गया।

  • इस अध्ययन में सामने आया कि नियमित रूप से नाश्ता छोड़ने वाले बुजुर्गों में।
  • ऊर्जा, फाइबर, कैल्शियम, आयरन और आवश्यक प्रोटीन की भारी कमी हो जाती है।
  • दिन के बाकी समय में वसा, संतृप्त वसा (Saturated Fat) और रिफाइंड शुगर का सेवन बढ़ जाता है।
  • समग्र पोषण गुणवत्ता सूचकांक (MAR और INQ) में गिरावट आती है, जिससे कमजोरी, मांसपेशियों का क्षरण और हड्डियों में दर्द जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ती हैं।

भारतीय संदर्भ: ICMR और NIN के दिशा-निर्देश

भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) और राष्ट्रीय पोषण संस्थान (NIN) ने भारतीय जलवायु और जीवनशैली को ध्यान में रखते हुए वरिष्ठ नागरिकों के लिए संतुलित थाली का प्रारूप तैयार किया है।

वरिष्ठ नागरिकों के लिए सुबह 8 से 9 बजे के बीच लगभग 400 से 450 किलो कैलोरी का नाश्ता आदर्श माना गया है। इस थाली का दैनिक ढांचा इस प्रकार होना चाहिए।

खाद्य वर्गअनुशंसित मात्रा (प्रति दिन नाश्ता)प्रमुख पोषक तत्व
साबुत अनाज60–70 ग्राम (दलिया, ओट्स, पोहा)जटिल कार्बोहाइड्रेट और फाइबर
दालें व फलियां30–40 ग्राम (मूंग, चना, स्प्राउट्स)सुपाच्य प्लांट प्रोटीन
सब्जियां50–100 ग्राम (हरी पत्तेदार या उबली)विटामिन, फोलेट और एंटीऑक्सीडेंट्स
डेयरी उत्पाद100–200 मिली (दूध, दही या छाछ)कैल्शियम, विटामिन B12 और प्रोबायोटिक्स
ताजे फल50–150 ग्राम (सेब, पपीता, केला)विटामिन C और प्राकृतिक फ्रुक्टोज
नट्स व बीज10–20 ग्राम (भीगे बादाम, अखरोट)ओमेगा-3 फैटी एसिड और खनिज

प्रोटीन, विटामिन और खनिजों की जरूरत

  1. प्रोटीन और मांसपेशियों का तालमेल:

उम्र बढ़ने के साथ मांसपेशियों का द्रव्यमान कम होने लगता है (Sarcopenia)। हालांकि कई अध्ययनों से स्पष्ट है कि केवल सुबह प्रोटीन खा लेना ही पर्याप्त नहीं है। जापान में वरिष्ठ महिलाओं पर किए गए 12-सप्ताह के एक शोध के अनुसार, जब सुबह 10 ग्राम सुपाच्य प्रोटीन (जैसे दूध या दही) के साथ हल्की शारीरिक गतिविधि या सुबह की सैर जोड़ी गई, तो मांसपेशियों की मजबूती और ग्रिप स्ट्रेंथ में सुधार देखा गया।

  1. आवश्यक सूक्ष्म पोषक तत्व:
  • NITI आयोग (2022) की रिपोर्ट के अनुसार, वरिष्ठ पुरुषों को रोजाना 43–54 ग्राम और महिलाओं को 36–46 ग्राम प्रोटीन की जरूरत होती है। इसके अलावा:
  • कैल्शियम व विटामिन D: हड्डियों के घनत्व (Bone Density) के लिए 1000–1200 मिलीग्राम कैल्शियम और नियमित धूप/आहार से विटामिन D जरूरी है।
  • आयरन और जिंक: रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और हीमोग्लोबिन स्तर बनाए रखने के लिए 11–17 मिलीग्राम जिंक व पर्याप्त आयरन का नाश्ते में समावेश आवश्यक है।

7-दिवसीय सरल और सुपाच्य नाश्ता योजना

भारतीय रसोई में आसानी से तैयार होने वाले विकल्पों के साथ एक संतुलित साप्ताहिक डाइट चार्ट:

  • सोमवार: सब्जियों वाला नमकीन दलिया + एक कप मलाई-रहित गुनगुना दूध + 4 भीगे बादाम।
  • मंगलवार: मूंग दाल का हल्का चीला (पुदीने की चटनी के साथ) + एक छोटा कटोरी पपीता।
  • बुधवार: ओट्स उपमा (गाजर और मटर युक्त) + एक कटोरी ताजा दही।
  • गुरुवार: उबला अंडा या पनीर का टुकड़ा + 2 स्लाइस ब्राउन ब्रेड + एक मौसमी फल।
  • शुक्रवार: हल्का पोहा (मूंगफली और नींबू के साथ) + एक गिलास छाछ।
  • शनिवार: रागी या सूजी की इडली (सांभर के साथ) + भीगे अखरोट।
  • रविवार: मल्टीग्रेन वेज परांठा (कम तेल/घी में बना) + घर का बना ताजा दही।

रखे खास बातों का ध्यान :

  • हाइड्रेशन का ध्यान रखें: सुबह उठते ही 1-2 गिलास गुनगुना पानी पिएं
  • कम नमक व चीनी: पैकेज्ड अनाज, नमकीन और अत्यधिक मीठे कॉर्नफ्लेक्स से बचें।
  • डॉक्टर से परामर्श: यदि भूख में अचानक कमी, तेजी से वजन गिरना, निगलने में परेशानी या लगातार अपच की शिकायत हो, तो तुरंत चिकित्सक या डायटीशियन से परामर्श लें।
  • अस्वीकरण (Medical Disclaimer): यह लेख केवल सामान्य जागरूकता और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। किसी भी पुरानी बीमारी (जैसे डायबिटीज, उच्च रक्तचाप या किडनी रोग) की स्थिति में खान-पान में बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर या पंजीकृत पोषण विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।
Updated on:
27 Aug 2026 04:01 pm
Published on:
27 Aug 2026 04:01 pm