
सुबह की वॉक के बाद स्मार्टवॉच पर दिखता है कि आपने 300 या 400 कैलोरी बर्न कर ली हैं। यह आंकड़ा देखकर कई लोग मान लेते हैं कि अब थोड़ा ज्यादा खाना भी ठीक है, लेकिन क्या यह संख्या वास्तव में उतनी ही सही है? नई रिसर्च बताती है कि स्मार्टवॉच कैलोरी बर्न का अनुमान कई बार जरूरत से ज्यादा लगा सकती है। खासकर शरीर में फैट की मात्रा अधिक होने पर यह गलती बढ़ सकती है।
फ्लोरिडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने चार लोकप्रिय स्मार्टवॉच की जांच की। इस अध्ययन में 58 वयस्क शामिल थे। प्रतिभागियों ने रिकंबेंट साइकिल पर एक्सरसाइज की, जिसमें आराम, मध्यम गति और तेज गति से साइकिल चलाने के चरण शामिल थे। इस दौरान उन्होंने Apple Watch Series 8, Fitbit Sense 2, Samsung Galaxy Watch 5 और Garmin Forerunner 955 पहनी।
शोधकर्ताओं ने स्मार्टवॉच के आंकड़ों की तुलना COSMED K5 नामक मेटाबॉलिक एनालाइजर से की। यह उपकरण सांस के जरिए शरीर द्वारा इस्तेमाल की गई ऑक्सीजन और बाहर छोड़ी गई कार्बन डाइऑक्साइड को मापकर ऊर्जा खर्च का वैज्ञानिक अनुमान देता है।
रिसर्च में पाया गया कि तीन घड़ियां कैलोरी बर्न का औसत अनुमान वास्तविक माप से अधिक बता रही थीं। Apple Watch ने औसतन करीब 21.6 कैलोरी ज्यादा दिखाई। Garmin Forerunner 955 ने लगभग 68.6 और Samsung Galaxy Watch 5 ने करीब 56.8 कैलोरी ज्यादा बताईं। Fitbit Sense 2 के कई आंकड़े असामान्य थे, इसलिए उसके अधिकतर डेटा को मुख्य विश्लेषण से बाहर रखना पड़ा।
इसका मतलब यह नहीं है कि हर वर्कआउट में घड़ी इतनी ही कैलोरी ज्यादा बताएगी। गलती व्यक्ति, एक्सरसाइज, डिवाइस और उसके सॉफ्टवेयर के अनुसार बदल सकती है। अध्ययन में कैलोरी अनुमान की त्रुटियां लगभग 15 से 25 प्रतिशत के दायरे में भी देखी गईं।
रिसर्च का एक महत्वपूर्ण निष्कर्ष यह था कि शरीर में फैट की मात्रा बढ़ने के साथ कैलोरी अनुमान की गलती भी बढ़ती गई। शोधकर्ताओं ने यह भी देखा कि अलग-अलग ब्रांड और बॉडी फैट के बीच संबंध एक जैसा नहीं था। हालांकि, इस अध्ययन से यह निश्चित रूप से नहीं कहा जा सकता कि ऐसा क्यों होता है।
संभावित कारण स्मार्टवॉच के एल्गोरिदम हो सकते हैं। घड़ी कैलोरी सीधे नहीं मापती। वह हार्ट रेट, शरीर की गतिविधि, व्यक्तिगत जानकारी और अपने सॉफ्टवेयर के आधार पर ऊर्जा खर्च का अनुमान लगाती है। हर कंपनी का तरीका अलग हो सकता है।
यह समस्या केवल एक अध्ययन तक सीमित नहीं है। 2026 में प्रकाशित एक अन्य रिसर्च में आउटडोर वॉकिंग और रनिंग के दौरान स्मार्टवॉच के कैलोरी अनुमान की तुलना की गई। इसमें पाया गया कि एक्टिविटी के अनुसार इस्तेमाल किया गया मोड, GPS और सेंसर का डेटा सटीकता को प्रभावित कर सकता है। कुछ परिस्थितियों में एक्टिविटी स्पेसिफिक मोड ने सामान्य मोड की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया।
एक अन्य समीक्षा में भी पाया गया कि स्मार्टवॉच के अलग-अलग मेट्रिक्स की सटीकता समान नहीं होती। हार्ट रेट की रीडिंग को कैलोरी बर्न की तुलना में अधिक भरोसेमंद माना गया, जबकि ऊर्जा खर्च के अनुमान में डिवाइस और परिस्थिति के अनुसार काफी अंतर देखा गया।
बिल्कुल नहीं। स्मार्टवॉच अब भी रोजाना की गतिविधि, कदम, हार्ट रेट और एक्सरसाइज की नियमितता पर नजर रखने में मदद कर सकती है। हालांकि कैलोरी बर्न के आंकड़े को सटीक वैज्ञानिक माप समझना सही नहीं होगा।
अगर आप वजन कम करने की कोशिश कर रहे हैं, तो केवल घड़ी पर दिख रहे कैलोरी नंबर के आधार पर खाना कम या ज्यादा न करें। शोधकर्ताओं ने सलाह दी है कि इन आंकड़ों को एक मोटा अनुमान मानें और जरूरत पड़ने पर सावधानी के लिए इसे कम मानकर चलें। साथ ही, शरीर को एक्सरसाइज के बाद रिकवरी के लिए पर्याप्त पोषण देना भी जरूरी है।
स्मार्टवॉच को एक सहायक उपकरण की तरह इस्तेमाल करें, अंतिम फैसला देने वाले उपकरण की तरह नहीं। रोजाना कदम, हार्ट रेट, एक्सरसाइज की अवधि और अपनी फिटनेस में लंबे समय के बदलाव पर ध्यान दें। वजन, ऊर्जा, नींद और वर्कआउट के प्रदर्शन को भी साथ में देखें।
सबसे जरूरी बात यह है कि स्मार्टवॉच का कैलोरी नंबर आपको फिटनेस के लिए प्रेरित कर सकता है, लेकिन इसे खाने की मात्रा तय करने का अकेला आधार नहीं बनाना चाहिए। नई रिसर्च का संदेश साफ है, कैलोरी बर्न का आंकड़ा उपयोगी संकेत हो सकता है, लेकिन यह हमेशा सटीक माप नहीं होता।