
सांकेतिक इमेज (सोर्स- Chatgpt)
देश की प्रीमियम सेमी-हाईस्पीड ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस की सबसे पहचानी जाने वाली सुविधाओं में से एक 'एग्जीक्यूटिव क्लास की 180 डिग्री घूमने वाली सीट' अब बदलाव के दायरे में आ सकती है। रेलवे के वरिष्ठ इंजीनियरों ने हाल ही में हुए प्रिंसिपल चीफ मैकेनिकल इंजीनियर्स (PCME) और कोच-उत्पादन इकाइयों के एक सम्मेलन में इन घूमने वाली सीटों की व्यवस्था हटाकर उन्हें स्थायी (फिक्स्ड) बनाने का प्रस्ताव रखा है।
एग्जीक्यूटिव क्लास से 180 डिग्री रोटेटिंग सीट हटाने का सुझाव हाल ही में हुए PCME सम्मेलन में सामने आया। PCME सम्मेलन में कोच उत्पादन इकाइयों ने एग्जीक्यूटिव क्लास कोचों से रोटेशन फीचर हटाने और सीटों को पारंपरिक शताब्दी जैसी ट्रेनों की तरह स्थायी बनाने का विचार रखा गया।
हालांकि, यह सुझाव अभी सिर्फ एक डिजाइन प्रस्ताव है। फिलहाल किसी भी वंदे भारत ट्रेन में यह बदलाव लागू नहीं हुआ है और यह अभी शुरुआती चरण में ही है। रेलवे बोर्ड द्वारा तैयार सम्मेलन के मिनट्स में सीधे तौर पर दर्ज है कि एग्जीक्यूटिव क्लास कोचों में सीटों को मजबूत बनाने के लिए घूमने वाला फीचर हटाया जा सकता है। इससे सीटों की पंक्तियों के बीच की दूरी (पिच) कम हो सकेगी। इसलिए एक अतिरिक्त सीट-पंक्ति भी जोड़ी जा सकेगी।
वर्तमान एग्जीक्यूटिव क्लास सीटों में रोटेशन और रिक्लाइनिंग दोनों सुविधाएं एक साथ दी गई हैं। यात्री सीट को यात्रा की दिशा में, खिड़की की ओर या समूह में बात करने के लिए विपरीत दिशा में भी घुमा सकते हैं। यह सुविधा मूल वंदे भारत स्पेसिफिकेशन का हिस्सा थी और इसे विमान जैसी आधुनिक यात्री सुविधा के तौर पर प्रचारित भी किया जाता रहा है। 2019 में जब पहली वंदे भारत ट्रेन दिल्ली से वाराणसी के लिए रवाना हुई थी, तब भी 180 डिग्री घूमने वाली सीटों को इसकी खास पहचान बताया गया था।
इंजीनियरों के मुताबिक, इस रोटेशन मैकेनिज्म के लिए अतिरिक्त पुर्जों और खाली जगह की जरूरत पड़ती है, जिससे पुर्जों के घिसने या ढीले पड़ने के चलते खराबी की आशंका बढ़ जाती है और रखरखाव का बोझ भी बढ़ता है। अनुसार अधिकारियों का कहना है कि यह प्रस्ताव भले ही शुरुआती चरण में है, लेकिन यह वंदे भारत एग्जीक्यूटिव क्लास की मूल डिजाइन सोच में एक बड़ा बदलाव दर्शाता है।
आपके सोर्स में बताए अनुसार, इस सुझाव पर आगे कार्रवाई शुरू करने की जिम्मेदारी चेन्नई स्थित इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) को दी गई है, जो वंदे भारत ट्रेनसेट के मुख्य निर्माताओं में से एक है। बता दें कि वंदे भारत की चेयर कार (CC) श्रेणी में सीटें पहले से ही स्थायी होती हैं और 2+3 या 3+2 लेआउट में लगाई जाती हैं।
रोटेशन सुविधा सिर्फ एग्जीक्यूटिव क्लास (EC) तक सीमित है, जहां सीटें 2+2 लेआउट में अधिक लेगरूम के साथ लगती हैं। यानी अगर यह प्रस्ताव लागू होता है, तो एग्जीक्यूटिव क्लास आंशिक रूप से चेयर कार जैसे डिजाइन सिद्धांत की तरफ बढ़ेगी, हालांकि सीट का आकार और लेगरूम जैसी अन्य प्रीमियम सुविधाएं यथावत रह सकती हैं।
Updated on:
04 Sept 2026 06:13 pm
Published on:
04 Sept 2026 06:13 pm
