
तनुश्री दत्ता ने 2004 में फेमिना मिस इंडिया यूनिवर्स का खिताब जीता और मिस यूनिवर्स 2004 में टॉप-10 में जगह बनाई। इसके बाद उन्होंने 2005 से 2010 तक बॉलीवुड में काम किया, जिसमें 'आशिक बनाया आपने', 'भागम भाग' और 'ढोल' जैसी फिल्में शामिल हैं। लेकिन 2008 में 'Horn 'Ok' Pleassss' की शूटिंग के दौरान हुई एक घटना ने उनकी जिंदगी का रुख हमेशा के लिए बदल दिया। अब फिर तनुश्री ने बॉलीवुड और अपने अनुभव को लेकर कई खुलासे किए हैं। हम उनकी पुरानी घटनाओं को याद करते हुए उन नई बातों को जानेंगे जो एक्ट्रेस ने कहा है।
तनुश्री ने आरोप लगाया कि नाना पाटेकर ने उनके साथ अनुचित व्यवहार किया, और जब उन्होंने विरोध किया तो उनके खिलाफ राजनीतिक दबाव और गाड़ी पर हमला जैसे हालात बने। इस घटना के बाद उन्होंने इंडस्ट्री छोड़ दी और अमेरिका चली गईं।
उन्होंने बताया कि इस दौरान उनके खिलाफ अफवाहें फैलाई गईं, उन्हें 'अनप्रोफेशनल' कहा गया, और उनके परिवार व सहयोगियों को भी पुलिस पूछताछ का सामना करना पड़ा।
इस दर्दनाक दौर से उबरने के लिए तनुश्री ने आध्यात्मिक रास्ता अपनाया। उन्होंने एक वर्ष तक आश्रम में समय बिताया, फिर लद्दाख में बौद्ध ध्यान और हिमालय की यात्रा की। उनका कहना है कि इस यात्रा ने उन्हें मानसिक शांति दी और फिर से आत्मविश्वास से जीना सिखाया।
2018 में, लगभग एक दशक बाद, तनुश्री ने ज़ूम टीवी को इंटरव्यू देते हुए एक बार फिर नाना पाटेकर पर आरोप दोहराए और यहीं से भारत में #MeToo आंदोलन को रफ्तार मिली। उन्होंने साफ किया कि उनका इरादा कोई आंदोलन खड़ा करने का नहीं था, लेकिन उनकी आवाज ने देशभर की कई महिलाओं को अपनी बात रखने की हिम्मत दी। इस आंदोलन ने कार्यस्थल पर सुरक्षा और महिलाओं के अधिकारों के मुद्दे को मुख्यधारा की बहस में ला दिया, और इंडस्ट्री में लंबे समय से चली आ रही चुप्पी को तोड़ा। हालांकि तनुश्री खुद कई बार कह चुकी हैं कि इस पूरे मामले में उन्हें इंडस्ट्री से वैसा साथ नहीं मिला जिसकी उम्मीद थी, और आरोपों के बावजूद उनका करियर दोबारा पटरी पर नहीं लौटा।
हाल ही में 2026 में दिए एक इंटरव्यू में तनुश्री ने कहा कि उम्र या वरिष्ठता के आधार पर किसी पर आंख मूंदकर भरोसा नहीं करना चाहिए, बल्कि व्यक्ति के चरित्र को परखना चाहिए। उन्होंने बॉलीवुड में इस्तेमाल होने वाले 'वेटरन' शब्द पर सवाल उठाते हुए कहा कि उम्रदराज और अनुभवी होना अपने आप में सम्मान की गारंटी नहीं है - कई बार लोग अपनी वरिष्ठता की आड़ में असलियत छिपाकर मीडिया और जनता की धारणा को अपने पक्ष में मोड़ लेते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि उन्होंने करियर में ऐसे कई उदाहरण देखे हैं जहां वरिष्ठता का इस्तेमाल युवा कलाकारों को नुकसान पहुंचाने के लिए किया गया।
तनुश्री का मानना है कि किसी व्यक्ति की असली पहचान उसके चरित्र और कर्मों से बनती है, न कि उम्र या पद से। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे शालीनता के मुखौटे के पीछे छिपी असलियत को पहचानें और केवल उम्र या अनुभव के आधार पर किसी को सम्मान न दें। उनके इस बयान ने बॉलीवुड में उम्र और वरिष्ठता को लेकर मिलने वाले सम्मान पर एक नई बहस छेड़ दी है और यह मुद्दा सिर्फ फिल्म इंडस्ट्री तक सीमित न रहकर समाज के अन्य क्षेत्रों पर भी लागू होता है।
तनुश्री के जीवन पर आधारित एक वेब सीरीज बनाने का प्रस्ताव भी सामने आया है, जिसके तहत उन्हें 15 करोड़ रुपये और 15% मुनाफे की पेशकश की गई थी। इस प्रोजेक्ट में उनके संघर्ष, #MeToo के बाद का सफर और आध्यात्मिक यात्रा को दिखाया जाना था। हालांकि तनुश्री ने इस ऑफर पर बिना शर्त हामी नहीं भरी - उन्होंने कानूनी सुरक्षा, कहानी पर रचनात्मक नियंत्रण और अधिकारों की सीमा जैसी शर्तें रखीं।
2020 में उन्होंने तीन स्वतंत्र फिल्मों की पुष्टि भी की थी, लेकिन इसके अलावा कई प्रोजेक्ट्स को स्क्रिप्ट या प्रोडक्शन बैनर पसंद न आने के कारण ठुकरा भी दिया।