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टेलीमेडिसिन से मिलिए: अब अस्पताल की लंबी लाइनों से छुटकारा, जानें कैसे करें इस्तेमाल

क्या आप जानते हैं कि बिना अस्पताल जाए सिर्फ 1 क्लिक में डॉक्टर से बात कर सकते हैं? जानिए ई-संजीवनी और ओआरएस से घर बैठे मुफ़्त ऑनलाइन अपॉइंटमेंट लेने का सबसे आसान तरीका।
4 min read
Aug 13, 2026
Telemedicine
घर बैठे फ्री डॉक्टर सलाह (AI)

क्या आपने कभी सोचा है कि बिना अस्पताल जाए, ट्रैफिक में फंसे बिना और घंटों लाइन में लगे बिना, सिर्फ अपने मोबाइल फोन के एक क्लिक से देश के बेहतरीन डॉक्टरों से परामर्श लिया जा सकता है? डिजिटल क्रांति के इस दौर में यह अब कोई कल्पना नहीं, बल्कि एक हकीकत बन चुका है। भारत सरकार की नई डिजिटल पहलों और टेलीमेडिसिन (Telemedicine) सेवाओं के माध्यम से देश के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक ऐतिहासिक बदलाव आ रहा है। यह सुविधा न केवल बड़े शहरों के लोगों के लिए, बल्कि दूर-दराज के गांवों और कस्बों में रहने वाले नागरिकों के लिए भी वरदान साबित हो रही है। आइए इस लेख में विस्तार से समझते हैं कि टेलीमेडिसिन क्या है, यह कैसे काम करती है, इसके क्या-क्या लाभ हैं और आप घर बैठे इसका इस्तेमाल कैसे कर सकते हैं।

टेलीमेडिसिन क्या है और यह क्यों जरूरी है?

टेलीमेडिसिन का सरल अर्थ है "दूर से चिकित्सा सेवा प्रदान करना"। इसमें इंटरनेट, वीडियो कॉलिंग, मोबाइल ऐप और टेलीफोन तकनीक का उपयोग करके डॉक्टर और मरीज को आपस में जोड़ा जाता है।

क्यों पड़ी इसकी जरूरत?

भारत जैसे विशाल देश में स्वास्थ्य सेवाओं का वितरण हमेशा से एक चुनौती रहा है।

  • दूरी और समय: ग्रामीण या दूरदराज क्षेत्रों से जिला अस्पताल या मेडिकल कॉलेज तक पहुँचने में पूरा दिन निकल जाता था।
  • आर्थिक बोझ: आने-जाने का किराया, दिहाड़ी की छुट्टी और अस्पताल के खर्चों से गरीब परिवारों पर भारी आर्थिक बोझ पड़ता था।
  • विशेषज्ञों की कमी: छोटे कस्बों में विशेषज्ञ डॉक्टरों (Cardiologists, Neurologists आदि) की भारी कमी रहती है।
  • टेलीमेडिसिन इन सभी समस्याओं का एक डिजिटल और व्यावहारिक समाधान बनकर उभरा है।

भारत सरकार की प्रमुख डिजिटल पहलें

भारत सरकार ने आम नागरिकों तक डिजिटल स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए कई बड़े प्लेटफॉर्म लॉन्च किए हैं।

  • ई-संजीवनी (e-Sanjeevani)

यह भारत सरकार की राष्ट्रीय टेलीमेडिसिन सेवा है, जिसे मुख्य रूप से दो मॉडल्स में बांटा गया है:

ई-संजीवनी AB-HWC (हब-एंड-स्पोक मॉडल): डॉक्टर-टू-डॉक्टर मॉडल: इसमें ग्रामीण क्षेत्रों के 'आयुष्मान आरोग्य मंदिर' (स्पोक) में मौजूद कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (CHO) या सामान्य डॉक्टर, मरीज की उपस्थिति में जिला अस्पताल या मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञ डॉक्टर (हब) से वीडियो कॉल के जरिए परामर्श लेते हैं।

ई-संजीवनी OPD: मरीज-टू-डॉक्टर मॉडल: इस सेवा में मरीज सीधे अपने स्मार्टफोन या कंप्यूटर के जरिए घर बैठे विशेषज्ञ डॉक्टरों से वीडियो कॉलिंग के माध्यम से बात कर सकते हैं।

उपलब्धि: ई-संजीवनी अब तक देश भर में 34.4 करोड़ से अधिक मरीजों को सफलतापूर्वक परामर्श दे चुकी है। इस नेटवर्क से 2,30,000 से अधिक डॉक्टर और 1,30,000 से अधिक स्वास्थ्य केंद्र जुड़ चुके हैं।

  • ओआरएस (ORS - Online Registration System) और ABHA ID

ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन सिस्टम (ORS) पोर्टल के माध्यम से देश के प्रमुख सरकारी अस्पतालों में सेवाओं को डिजिटल कर दिया गया है।

ऑनलाइन अपॉइंटमेंट: घंटों लाइन में खड़े बिना एम्स (AIIMS) और अन्य बड़े सरकारी अस्पतालों में OPD कार्ड बनाएं।

डिजिटल रिपोर्ट: पैथोलॉजी लैब रिपोर्ट और ब्लड बैंक की जानकारी ऑनलाइन देखें।

ABHA Card (आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट): यह 14 अंकों का एक डिजिटल स्वास्थ्य कार्ड है। इसमें आपकी पूरी मेडिकल हिस्ट्री (पुरानी बीमारियाँ, टेस्ट रिपोर्ट, प्रिस्क्रिप्शन) डिजिटल रूप से सुरक्षित रहती है।

  • टेली-मानस (Tele-MANAS)

मानसिक स्वास्थ्य (Mental Health) पर विशेष ध्यान देने के लिए अक्टूबर 2022 में टेली-मानस सेवा शुरू की गई।

यह 24x7 उपलब्ध एक टोल-फ्री हेल्पलाइन सेवा है।

तनाव, अवसाद, चिंता या अन्य मानसिक समस्याओं से जूझ रहे लोग सीधे परामर्शदाताओं (Counselors) और मनोचिकित्सकों से मुफ्त में सलाह ले सकते हैं।

इस सेवा पर अब तक 47 लाख से अधिक कॉल दर्ज की जा चुकी हैं।

इसरो (ISRO) की उपग्रह आधारित सेवाएं

दुर्गम और अति-ऊंचाई वाले क्षेत्रों (जैसे जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, उत्तर-पूर्व के राज्य) में जहां सामान्य इंटरनेट उपलब्ध नहीं है, वहाँ ISRO ने उपग्रह (Satellite) कनेक्टिविटी के ज़रिए 179 से अधिक टेलीमेडिसिन नोड्स स्थापित किए हैं।

टेलीमेडिसिन का उपयोग कैसे करें? (स्टेप-बाई-स्टेप गाइड)

यदि आप घर बैठे डॉक्टर से परामर्श लेना चाहते हैं, तो इन आसान चरणों का पालन करें:

स्टेप 1: अपना ABHA ID बनाएं

abdm.gov.in वेबसाइट या ABHA App पर जाएं।

अपने आधार कार्ड या ड्राइविंग लाइसेंस के जरिए 14 अंकों की ABHA ID जनरेट करें।

स्टेप 2: ई-संजीवनी ऐप पर रजिस्ट्रेशन करें

गूगल प्ले स्टोर से eSanjeevaniOPD ऐप डाउनलोड करें या esanjeevani.mohfw.gov.in पर जाएं।

अपना मोबाइल नंबर दर्ज करें और OTP से सत्यापित करें।

अपनी मूलभूत जानकारी (नाम, उम्र, लिंग) दर्ज करें और अपना ABHA ID लिंक करें।

स्टेप 3: टोकन और अपॉइंटमेंट पाएं

अपना राज्य और संबंधित स्वास्थ्य विभाग/OPD चुनें।

यदि आपके पास पुरानी कोई मेडिकल रिपोर्ट या दवा की पर्ची है, तो उसकी फोटो अपलोड करें।

आपको SMS के माध्यम से एक Patient ID और Token मिलेगा।

स्टेप 4: वीडियो कॉल और ई-प्रिस्क्रिप्शन (E-Prescription)

अपनी बारी आने पर आपको डॉक्टर से जोड़ने के लिए वीडियो कॉल का नोटिफिकेशन मिलेगा।

डॉक्टर से अपनी समस्या पर विस्तार से चर्चा करें।

परामर्श पूरा होने पर डॉक्टर द्वारा जारी ई-प्रिस्क्रिप्शन तुरंत आपके ऐप पर डाउनलोड हो जाएगा।

इस डिजिटल पर्चे को दिखाकर आप किसी भी नजदीकी मेडिकल स्टोर या जन औषधि केंद्र से दवाएं ले सकते हैं।

सावधानी और सीमाएं: क्या ध्यान रखें?

यद्यपि टेलीमेडिसिन बेहद सुविधाजनक है, लेकिन इसकी कुछ सीमाएं भी हैं जिन्हें समझना आवश्यक है।

  • आपातकालीन स्थिति (Emergency): दिल का दौरा, गंभीर दुर्घटना, अत्यधिक ब्लीडिंग या स्ट्रोक जैसी स्थितियों में टेलीमेडिसिन का उपयोग न करें। ऐसे मामलों में तुरंत नजदीकी आपातकालीन अस्पताल पहुंचें।
  • इंटरनेट स्पीड: वीडियो परामर्श के लिए आपके पास कम से कम 2 Mbps का स्थिर इंटरनेट कनेक्शन होना चाहिए।
  • शारीरिक जांच की सीमा: डॉक्टर दूर बैठकर स्टेथोस्कोप लगाने या पेट की शारीरिक जांच करने में असमर्थ होते हैं, इसलिए आवश्यकता पड़ने पर वे आपको व्यक्तिगत रूप से मिलने की सलाह दे सकते हैं।
  • टेलीमेडिसिन अब केवल एक तकनीकी प्रयोग नहीं है, बल्कि यह भारतीय स्वास्थ्य प्रणाली का एक मजबूत स्तंभ बन चुकी है। मध्यप्रदेश जैसे राज्यों में 52 हब और 3,765 स्पोक केंद्रों के जरिए लाखों नागरिकों को इसका प्रत्यक्ष लाभ मिल रहा है।

आपके लिए अगला कदम:

  • आज ही अपना ABHA Card बनाएं।
  • मोबाइल में eSanjeevani ऐप इंस्टॉल करें।
  • अपने नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) या आयुष्मान आरोग्य मंदिर में जाकर पूछें कि क्या वे ई-संजीवनी से जुड़े हैं।
  • तकनीक के इस दौर में अपनी स्वास्थ्य देखभाल को आसान, डिजिटल और सुरक्षित बनाएं!
Updated on:
13 Aug 2026 07:06 pm
Published on:
13 Aug 2026 07:06 pm