
ऑनलाइन शॉपिंग का दौर अब हमारे जीवन का हिस्सा बन चुका है, लेकिन इसके साथ ही फर्जी विज्ञापनों और धोखाधड़ी का खतरा भी बढ़ गया है। त्योहारों या सेल के समय यह खतरा और अधिक बढ़ जाता है। जब हम आकर्षक ऑफर देखकर जल्दबाजी में निर्णय ले लेते हैं तो स्कैमर्स इसी बात का फायदा उठाते हैं। आइए जानते हैं कि आप इन फर्जी विज्ञापनों से कैसे बच सकते हैं?
धोखेबाज अक्सर असली वेबसाइट की तरह दिखने वाले नकली पोर्टल बनाते हैं, जिनके URL में मामूली बदलाव या गलत वर्तनी होती है। उदाहरण के लिए, '.xyz', '.top' या '.shop' जैसे संदिग्ध एक्सटेंशन वाले डोमेन से सावधान रहें। हमेशा सीधे ब्राउजर में वेबसाइट का नाम टाइप करें, किसी लिंक पर क्लिक न करें। इसके साथ ही, सुनिश्चित करें कि URL में 'https' और लॉक का आइकन मौजूद हो। लेकिन ध्यान रखें, यह पूरी सुरक्षा की गारंटी नहीं है, क्योंकि कुछ नकली साइटें भी यह दिखा सकती हैं।
यदि आप धोखाधड़ी का शिकार हो गए हैं, तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें या 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करें। इसके अलावा, उपभोक्ता मामलों के विभाग के GAMA पोर्टल पर भी भ्रामक विज्ञापनों की शिकायत की जा सकती है।
धोखेबाज अब AI-जनित तस्वीरों, नकली बैकस्टोरी और भावनात्मक कहानियों का इस्तेमाल कर विश्वास जीतने की कोशिश करते हैं। इसलिए, यदि कोई कहानी बहुत भावुक या असामान्य लगे, तो उसे सत्यापित किए बिना खरीदारी न करें।
| सावधानी | क्या करें |
|---|---|
| वेबसाइट की पहचान | सीधे टाइप करें, “https” और सही डोमेन देखें |
| ऑफर की जांच | तुलना करें, बहुत सस्ते ऑफर से सावधान रहें |
| विक्रेता की विश्वसनीयता | रिव्यू, रेटिंग और संपर्क जानकारी जांचें |
| भुगतान सुरक्षा | COD या सुरक्षित गेटवे का उपयोग करें, संवेदनशील जानकारी साझा न करें |
| संदिग्ध संदेश | सीधे आधिकारिक स्रोत से पुष्टि करें |
| शिकायत | राष्ट्रीय साइबर पोर्टल या 1930 पर रिपोर्ट करें |
ऑनलाइन शॉपिंग में सावधानी बरतना अब सिर्फ सलाह नहीं, बल्कि आवश्यकता बन चुकी है। हर क्लिक और हर ऑफर पर थोड़ा रुककर सोचें। सही जानकारी, भरोसेमंद प्लेटफॉर्म और सतर्कता से आप न केवल अपना पैसा बचा सकते हैं, बल्कि ऑनलाइन खरीदारी का अनुभव भी सुरक्षित बना सकते हैं।