
डिजिटल भुगतान ने लेन-देन को बेहद आसान बना दिया है। आज लाखों लोग हर दिन UPI के जरिए पैसे भेजते और प्राप्त करते हैं। लेकिन सुविधा बढ़ने के साथ साइबर ठगी के मामले भी बढ़ रहे हैं। जालसाज नये-नये तरीकों से लोगों को निशाना बना रहे हैं। ऐसे में पैसे भेजने से पहले केवल 5 सेकंड की जांच आपके खाते को सुरक्षित रखने में मदद कर सकती है।
UPI Payment करते समय सबसे जरूरी है कि जल्दबाजी न करें। किसी भी QR Code को स्कैन करने, पेमेंट रिक्वेस्ट स्वीकार करने या किसी अनजान व्यक्ति के निर्देश पर कार्रवाई करने से पहले कुछ बातों की जांच जरूर करें।
साइबर ठग अक्सर फर्जी QR Code बनाकर लोगों को भ्रमित करते हैं। कई बार वे खुद को बैंक कर्मचारी, कंपनी प्रतिनिधि या ग्राहक सेवा अधिकारी बताकर QR Code भेजते हैं।
ध्यान रखें कि QR Code स्कैन करके आमतौर पर पैसा भेजा जाता है, पैसा प्राप्त नहीं किया जाता। अगर कोई व्यक्ति आपको पैसे वापस भेजने, इनाम देने या रिफंड के नाम पर QR Code स्कैन करने को कहता है तो सावधान हो जाएं।
स्क्रीन पर दिख रहे यूजर का नाम देखें
रकम सही दर्ज है या नहीं जांचें
अनजान व्यक्ति के QR Code पर भुगतान न करें
जल्दबाजी में पेमेंट बटन न दबाएं
| भाग | जानकारी |
|---|---|
| Part 1: पेमेंट से पहले | 1. नाम जांचें |
| 2. रकम मिलाएं | |
| 3. QR Code पहचानें | |
| Part 2: फ्रॉड से बचाव | 4. Screen Sharing रोकें |
| 5. OTP साझा न करें | |
| 6. PIN गोपनीय रखें | |
| Part 3: सुरक्षा कदम | 7. संदिग्ध लिंक हटाएं |
| 8. ऐप परमिशन जांचें | |
| 9. तुरंत शिकायत करें | |
| 10. सतर्क भुगतान करें |
UPI फ्रॉड का एक बड़ा तरीका Screen Sharing ऐप है। ठग फोन कॉल करके कहते हैं कि वे बैंक समस्या ठीक कर रहे हैं या पेमेंट में मदद कर रहे हैं। इसके बाद वे मोबाइल में स्क्रीन शेयरिंग ऐप डाउनलोड करवाते हैं।
ऐसा करते ही ठग आपके फोन की गतिविधियां देख सकते हैं। वे OTP, SMS, बैंक नोटिफिकेशन और दूसरी निजी जानकारी तक पहुंचने की कोशिश कर सकते हैं।
अनजान व्यक्ति के कहने पर कोई Screen Sharing ऐप इंस्टॉल न करें
बैंक कर्मचारी कभी भी ऐसा ऐप डाउनलोड करने को नहीं कहते
मोबाइल में मौजूद संदिग्ध ऐप तुरंत हटाएं
ऐप परमिशन की समय-समय पर जांच करें
OTP और UPI PIN डिजिटल भुगतान की सबसे महत्वपूर्ण सुरक्षा चाबी हैं। बैंक, UPI ऐप या कोई सरकारी संस्था कभी भी फोन पर OTP या PIN नहीं मांगती। अगर कोई व्यक्ति खुद को बैंक अधिकारी बताकर OTP मांगता है तो यह ठगी का संकेत हो सकता है।
OTP केवल आपके लिए होता है
UPI PIN डालते समय आसपास ध्यान रखें
PIN को जन्मतिथि या आसान नंबर न बनाएं
मोबाइल लॉक और ऐप लॉक का इस्तेमाल करें
रकम सही है या नहीं?
नाम सही दिख रहा है या नहीं?
पेमेंट का कारण वास्तविक है या नहीं?
किस व्यक्ति या संस्था को पैसा जा रहा है?
कोई आप पर जल्द भुगतान का दबाव तो नहीं बना रहा?
अगर इनमें से किसी भी सवाल का जवाब संदिग्ध लगे तो भुगतान रोक दें।
अगर आपके साथ UPI फ्रॉड हो जाए तो तुरंत कार्रवाई करें।
UPI ऐप में शिकायत दर्ज करें
साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें
साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें
जितनी जल्दी शिकायत की जाती है, पैसे वापस मिलने की संभावना उतनी ही बढ़ सकती है।
बहरहाल, UPI भुगतान आसान और सुरक्षित माध्यम है, लेकिन थोड़ी सावधानी जरूरी है। क्यूआर कोड जांचना, स्क्रीन शेयरिंग से बचना और OTP-PIN गोपनीय रखना डिजिटल सुरक्षा की पहली शर्त है। पैसे भेजने से पहले 5 सेकंड की जांच आपके खाते को बड़े नुकसान से बचा सकती है।