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UPI Safety: पैसे भेजने से पहले 5 सेकंड की जांच बचा सकती है आपका खाता

UPI भुगतान करते समय QR Code, OTP और Screen Sharing ऐप को लेकर सावधानी जरूरी है। कुछ सेकंड की जांच डिजिटल ठगी से बचाने में मदद कर सकती है।
3 min read
Aug 23, 2026
UPI Payment Alert News
डिजिटल भुगतान करते समय छोटी सावधानी बड़े नुकसान से बचा सकती है। ( फोटो: AI)

डिजिटल भुगतान ने लेन-देन को बेहद आसान बना दिया है। आज लाखों लोग हर दिन UPI के जरिए पैसे भेजते और प्राप्त करते हैं। लेकिन सुविधा बढ़ने के साथ साइबर ठगी के मामले भी बढ़ रहे हैं। जालसाज नये-नये तरीकों से लोगों को निशाना बना रहे हैं। ऐसे में पैसे भेजने से पहले केवल 5 सेकंड की जांच आपके खाते को सुरक्षित रखने में मदद कर सकती है।

पेमेंट करने में जल्दबाजी नहीं करें

UPI Payment करते समय सबसे जरूरी है कि जल्दबाजी न करें। किसी भी QR Code को स्कैन करने, पेमेंट रिक्वेस्ट स्वीकार करने या किसी अनजान व्यक्ति के निर्देश पर कार्रवाई करने से पहले कुछ बातों की जांच जरूर करें।

QR Code फ्रॉड: स्कैन करने से पहले समझें खतरा

साइबर ठग अक्सर फर्जी QR Code बनाकर लोगों को भ्रमित करते हैं। कई बार वे खुद को बैंक कर्मचारी, कंपनी प्रतिनिधि या ग्राहक सेवा अधिकारी बताकर QR Code भेजते हैं।

ध्यान रखें कि QR Code स्कैन करके आमतौर पर पैसा भेजा जाता है, पैसा प्राप्त नहीं किया जाता। अगर कोई व्यक्ति आपको पैसे वापस भेजने, इनाम देने या रिफंड के नाम पर QR Code स्कैन करने को कहता है तो सावधान हो जाएं।

पेमेंट से पहले इन बातों की जांच करें:

स्क्रीन पर दिख रहे यूजर का नाम देखें
रकम सही दर्ज है या नहीं जांचें
अनजान व्यक्ति के QR Code पर भुगतान न करें
जल्दबाजी में पेमेंट बटन न दबाएं

UPI पेमेंट करने से पहले जरा जांच कर लें

भागजानकारी
Part 1: पेमेंट से पहले1. नाम जांचें
2. रकम मिलाएं
3. QR Code पहचानें
Part 2: फ्रॉड से बचाव4. Screen Sharing रोकें
5. OTP साझा न करें
6. PIN गोपनीय रखें
Part 3: सुरक्षा कदम7. संदिग्ध लिंक हटाएं
8. ऐप परमिशन जांचें
9. तुरंत शिकायत करें
10. सतर्क भुगतान करें


Screen Sharing ऐप से बैंक जानकारी चोरी का खतरा

UPI फ्रॉड का एक बड़ा तरीका Screen Sharing ऐप है। ठग फोन कॉल करके कहते हैं कि वे बैंक समस्या ठीक कर रहे हैं या पेमेंट में मदद कर रहे हैं। इसके बाद वे मोबाइल में स्क्रीन शेयरिंग ऐप डाउनलोड करवाते हैं।

ऐसा करते ही ठग आपके फोन की गतिविधियां देख सकते हैं। वे OTP, SMS, बैंक नोटिफिकेशन और दूसरी निजी जानकारी तक पहुंचने की कोशिश कर सकते हैं।

सुरक्षा के लिए ऐसा करें

अनजान व्यक्ति के कहने पर कोई Screen Sharing ऐप इंस्टॉल न करें

बैंक कर्मचारी कभी भी ऐसा ऐप डाउनलोड करने को नहीं कहते

मोबाइल में मौजूद संदिग्ध ऐप तुरंत हटाएं

ऐप परमिशन की समय-समय पर जांच करें

OTP और UPI PIN की सुरक्षा सबसे जरूरी

OTP और UPI PIN डिजिटल भुगतान की सबसे महत्वपूर्ण सुरक्षा चाबी हैं। बैंक, UPI ऐप या कोई सरकारी संस्था कभी भी फोन पर OTP या PIN नहीं मांगती। अगर कोई व्यक्ति खुद को बैंक अधिकारी बताकर OTP मांगता है तो यह ठगी का संकेत हो सकता है।

सावधानी की ये बातें याद रखें:

OTP केवल आपके लिए होता है

UPI PIN डालते समय आसपास ध्यान रखें

PIN को जन्मतिथि या आसान नंबर न बनाएं

मोबाइल लॉक और ऐप लॉक का इस्तेमाल करें

पेमेंट करने से पहले केवल ये पांच बातें जांच लें

रकम सही है या नहीं?
नाम सही दिख रहा है या नहीं?
पेमेंट का कारण वास्तविक है या नहीं?
किस व्यक्ति या संस्था को पैसा जा रहा है?
कोई आप पर जल्द भुगतान का दबाव तो नहीं बना रहा?
अगर इनमें से किसी भी सवाल का जवाब संदिग्ध लगे तो भुगतान रोक दें।

ठगी होने पर तुरंत उठाएं कदम

अगर आपके साथ UPI फ्रॉड हो जाए तो तुरंत कार्रवाई करें।

फौरन बैंक को सूचना दें

UPI ऐप में शिकायत दर्ज करें
साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें
साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें

जितनी जल्दी शिकायत की जाती है, पैसे वापस मिलने की संभावना उतनी ही बढ़ सकती है।

UPI भुगतान आसान सुरक्षित माध्यम,सावधानी जरूरी

बहरहाल, UPI भुगतान आसान और सुरक्षित माध्यम है, लेकिन थोड़ी सावधानी जरूरी है। क्यूआर कोड जांचना, स्क्रीन शेयरिंग से बचना और OTP-PIN गोपनीय रखना डिजिटल सुरक्षा की पहली शर्त है। पैसे भेजने से पहले 5 सेकंड की जांच आपके खाते को बड़े नुकसान से बचा सकती है।

Updated on:
23 Aug 2026 07:35 pm
Published on:
23 Aug 2026 06:50 pm